मनोज तिवारी का नाम आते हीं भाजपा सांसद का चढ़ा पारा, माइक उठा कर फेंका

मनोज तिवारी का नाम आते हीं भाजपा सांसद का चढ़ा पारा, माइक उठा कर फेंका

भारतीय जनता पार्टी के सांसद और दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी का राजनीतिक कद अचानक से बढ़ गया है. प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद मनोज तिवारी का दिमाग सातवें आसमान पर है. दिल्ली के पुराने और तपे तपाए नेताओं को तो वो अपने आगे कुछ लगाते हीं नहीं है. विजेंद्र गुप्ता हो या विजय गोयल, मनोज तिवारी खुद को तीसमार खां समझते हैं. जबकि सच्चाई है कि ये लोग दिल्ली भाजपा की रीढ़ हैं.

मनोज तिवारी की इन्हीं सभी हरकतों की वजह से उन्हें दिल्ली की जनता के आक्रोश का शिकार होना पड़ा है. सरेआम मंचों पर से भी ये महिला शिक्षकों के साथ बदतमीजी कर चुके हैं. भाजपा का राष्ट्रीय नेतृत्व मनोज तिवारी के कारनामों से परेशान है और जल्द हीं उनकी छुट्टी कर सकता है.

1. मीनाक्षी लेखी ने फेंक दिया माइक

नई दिल्ली सीट से भाजपा सांसद मीनाक्षी लेखी से कुछ पत्रकार संसद भवन के बाहर एनआरसी पर सवाल पूछ रहे थें. इसी में से किसी एक पत्रकार ने पूछ दिया कि आपकी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने भी मांग की है दिल्ली में रह रहे बांग्लादेशी और रोहिंग्या मुसलमानों की पड़ताल करके उन्हें बाहर करना चाहिए, इस पर आपकी क्या राय है !
फिर क्या था, मीनाक्षी लेखी भड़क गईं और उन्होंने पत्रकार का माइक छीनकर फेंक दिया.

उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि कोई भी पत्रकार मुझे मनोज तिवारी का प्रवक्ता समझने की कोशिश न करें. मैं आप लोगों को तिवारी की प्रवक्ता नजर आती हूं क्या ! लेखी ने पत्रकारों को यहां तक कहा कि आज के बाद कोई भी पत्रकार मनोज तिवारी पर कोई सवाल न पूछे.

2. भाजपा की सिर फुटौव्वल आई सामने

आम तौर पर भाजपा को अन्य दलों के मुकाबले ज्यादा अनुशासित माना जाता है लेकिन इस मिथक की हवा भाजपा सांसद ने पत्रकारों के सामने निकाल दी. दलों में गुटबाजी भी सर्वव्यापी होती है. मीनाक्षी लेखी के माइक फेंकने की घटना ने दिल्ली प्रदेश भाजपा में ऑल इज वेल की हवा निकाल दी है.

दरअसल दिल्ली प्रदेश भाजपा के नेता मनोज तिवारी जैसे नौसिखिए और भांड को प्रदेश अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पद पर बैठाए जाने के शुरु से हीं खिलाफ रहे हैं. उनका मानना है कि मनोज को संगठन चलाने का कोई अनुभव नहीं है. इन नेताओं का मानना है कि एक तो वैसे हीं भाजपा 20 साल से दिल्ली की सत्ता से दूर है और उसके बाद मनोज तिवारी जैसे लोगों ने संगठन का नाश कर डाला है.

Courtesy: theakhbaar

Categories: India

Related Articles