जब बिना मर्जी के मोबाइल में UIDAI नंबर सेव हो सकता है तो EVM हैक क्यों नहीं हो सकती है? ये खतरनाक है : अखिलेश यादव

जब बिना मर्जी के मोबाइल में UIDAI नंबर सेव हो सकता है तो EVM हैक क्यों नहीं हो सकती है? ये खतरनाक है : अखिलेश यादव

समाजवादी पार्टी अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सरकार पर लोगों पर निगरानी रखने का आरोप लगाया है। अखिलेश ने आधार हेल्पलाइन नंबर बिना इजाज़त के मोबाइल में कैसे सेव हो रहे है ? इस पर सवाल उठाते हुए ईवीएम पर सरकार को घेरा।

अखिलेश ने सोशल मीडिया पर लिखा कि अब लोगों के ऐंड्रॉइड मोबाइल फोन की कॉन्टेक्ट लिस्ट में उनकी मर्ज़ी के बिना ‘आधार कार्ड’ की हेल्पलाइन का नम्बर अवैध रूप से सेव हो गया है। इसका मतलब कुछ लोगों ने अापके फोन और उसकी सूचनाओं तक अपनी पहुंच बना ली है। इनमें वो लोग भी होगें, जो कहते हैं कि EVM पूरी तरह सुरक्षित है।

आधार हेल्पलाइन का नंबर सबके फ़ोन ऐसे सेव हो रहे जैसे अन्य सरकारी नंबर सेव रहते है जैसे पुलिस एम्बुलेंस आदि आदि। अब आधार के नंबर का मोबाइल में अपने आप सेव होने का क्या मतलब है इसका जवाब तो आधार यानी UIDAI ही बता पाएगी की आखिर उसके नंबर सबके मोबाइल पर अपने आप कैसे सेव हो रहे है।

गौरतलब हो की इससे पहले समाजवादी पार्टी की कार्यकारणी बैठक में EVM पर चर्चा हुई थी। समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद रामगोपाल यादव ने कहा कि EVM पर चर्चा करते हुए कहा था कि हमारी पार्टी ने फैसला लिया है की चुनाव अब EVM की बजाय बैलट पेपर से हो। साथ ही रामगोपाल ने कहा कि अगर उनकी बात नहीं मानी जाती है तो वो दूसरे दलों के साथ इसके खिलाफ आंदोलन करेंगें।

बता दें कि अगले साल देश में लोकसभा चुनाव होने है ऐसे में कोई राजनैतिक दल मोदी सरकार को घेरने का मौका जाने नहीं देना चाहता है। यही वजह थी 2 अगस्त को 17 राजनीतिक पार्टियों चुनाव आयोग पहुंची थी।

इन सभी दलों की मांग है कि 2019 का लोकसभा चुनाव ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से करवाने की सिफारिश की थी। इतनी ही नहीं बीजेपी की सहयोगी शिवसेना भी बैलट पेपर से चुनाव कराने की मांग का समर्थन कर रही है। 2014 के बाद कई पार्टियों ने ईवीएम में गड़बड़ी को अपनी हार का जिम्मेदार ठहराया। अब देखना ये है कि चुनाव आयोग इसपर क्या प्रतिक्रिया देती है।

 

Courtesy: Boltaup

Categories: Politics

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