नरेंद्र दाभोलकर हत्या मामले में शिवसेना के पूर्व पार्षद गिरफ़्तार

नरेंद्र दाभोलकर हत्या मामले में शिवसेना के पूर्व पार्षद गिरफ़्तार

जालना नगर निगम के पूर्व पार्षद श्रीकांत पन्गारकर को बीते शनिवार की रात सीबीआई ने हिरासत में लिया. इस मामले के कथित मुख्य शूटर सचिन प्रकाशराव अंदुरे से पूछताछ के बाद पन्गारकर को पकड़ा गया.

औरंगाबाद: अंधविश्वास के खिलाफ लड़ाई लड़ने वाले सामाजिक कार्यकर्ता नरेंद्र दाभोलकर हत्या मामले में शिवसेना के एक पूर्व पार्षद को हिरासत में लिया गया है. सीबीआई सूत्रों ने यह जानकारी दी.

सूत्रों ने बताया कि जालना नगर निगम के पूर्व सदस्य श्रीकांत पन्गारकर को बीते शनिवार की रात सीबीआई ने हिरासत में लिया. इन्हें हत्या मामले के कथित मुख्य शूटर सचिन प्रकाशराव अंदुरे से पूछताछ के बाद पकड़ा गया.

एनडीटीवी की ख़बर के मुताबिक श्रीकांत पन्गारकर को महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने राज्य के विभिन्न हिस्सों से नौ और 11 अगस्त के बीच देसी बमों और हथियारों की बरामदगी के सिलसिले में रविवार को गिरफ़्तार किया. पन्गारकर को विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और गैर कानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत गिरफ़्तार किया गया है.

पन्गारकर से पहले एटीएस वैभव राउत, शरद कलास्कर और सुधानव गोंडलेकर को बम और विस्फोटक पदार्थ रखने के आरोप में गिरफ़्तार कर चुकी है. कोर्ट ने इन तीनों की पुलिस हिरासत की अवधि 28 अगस्त तक के लिए बढ़ा दी है.

सूत्रों ने बताया कि अंदुरे ने सीबीआई को बताया कि दाभोलकर की हत्या के वक्त पन्गारकर भी उसके साथ था जिसके बाद पन्गारकर (40) को हिरासत में लिया गया. उन्होंने बताया कि पूर्व पार्षद कथित तौर पर अंदुरे की मोटरसाइकिल पर पीछे बैठा था.

सीबीआई के प्रवक्ता ने बताया कि उसे (अंदुरे) गोली चलाने वाले उन लोगों में से एक माना जा रहा है जिन्होंने 20 अगस्त, 2013 को पुणे में सुबह की सैर पर निकले दाभोलकर (67) पर गोली चलाई थी.

बता दें कि दाभोलकर हत्याकांड मामले में सीबीआई ने औरंगाबाद निवासी सचिन प्रकाशराव अंडुरे को पुणे से शनिवार शाम को गिरफ़्तार किया. बताया जा रहा है कि अंदुरे इस मामले में मुख्य शूटर है.

अदालत ने कथित मुख्य शूटर प्रकाशराव अंदुरे को 26 अगस्त तक के लिए सीबीआई की हिरासत में भेज दिया है.

अंदुरे की 14 दिनों की हिरासत की मांग करते हुए सीबीआई के वकील विजयकुमार ढकाने ने अदालत से कहा कि जांच से पता चला है कि उसने दाभोलकर की हत्या को अंजाम देने से पहले महाराष्ट्र और कर्नाटक में विभिन्न स्थानों पर गोलियां चलाने का प्रशिक्षण लिया था.

सीबीआई वकील ने अदालत से कहा, ‘डॉ. वीरेंद्र तावड़े ने इस आरोपी के साथ मिलकर पूरी साजिश रची और इस साजिश का पर्दाफाश करने की जरुरत है. उसके लिए हिरासत में लेकर पूछताछ की आवश्यकता है.’

सीबीआई ने जून, 2016 को हिंदू जनजागृति समिति के सदस्य तावड़े को नवी मुम्बई से गिरफ्तार किया था. आरोपपत्र में उसे मुख्य साजिशकर्ता बताया गया है.

प्रगतिशील लेखक और विचारक नरेंद्र दाभोलकर (2013), गोविंद पानसरे और एमएम कलबुर्गी (2015) और वरिष्ठ पत्रकार गौरी लंकेश की हत्याओं में सनातन संस्था से भी संबंधित लोगों का नाम सामने आया है.

सनातन संस्था से संबंधित लोगों को वाशी, ठाणे, पनवेल (2007) और गोवा (2009) ब्लास्ट में गिरफ़्तार किया जा चुका है

Courtesy: thewire

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