राजस्थानः राजपुरोहितों ने किया 70 दलित परिवारों को गांव से बहिष्‍कृत, कुऐं से पानी लेने को भी तरसे दलित

राजस्थानः राजपुरोहितों ने किया 70 दलित परिवारों को गांव से बहिष्‍कृत, कुऐं से पानी लेने को भी तरसे दलित

नई दिल्ली – देश में दलित उत्पीड़न के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। ताजा मामला राजस्थान के बाड़मेर जिले का है, जहां राजपुरोहित समुदाय ने 70 दलित परिवारों को गांव से बहिष्कृत कर दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार मामला बाड़मेर के कालुदी गांव का है, यह बाड़मेर के जिला प्रमुख का भी घर है।

क्या है पूरा मामला

मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक गांव के  ही रहने वाले दिनेश उर्फ दाना राम मेघवाल ने इसी महीने 16 अगस्त को बलतोरा पुलिस थाने में एक मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें दिनेश ने गांव के राजपुरोहित समुदाय द्वारा गांव के 70 दलित परिवारों का बहिष्कार करने की शिकायत कही थी। दर्ज हुआ एफ.आई.आर के अनुसार, राजपुरोहित समुदाय के कुछ लोगो ने सोशल मीडिया पर दलितों के खिलाफ अपमानजनक और अमर्यादित बातें लिखी थीं।

सोशल मीडिया की गई इस टिप्पणी के बाद नजदीक के ही बैती गांव के निवासी रावतराम ने राजपुरोहित समुदाय के इन लोगों के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करा दिया था। इसी बात से नाराज होकर राजपुरोहित समुदाय ने इस मामले में एक बैठक बुलाई और इस बैठक में गांव के 70 दलित परिवारों को गांव से बहिष्कार करने का ऐलान किया गया।

इन पर दर्ज है रिपोर्ट

दिनेश मेघवाल की तरफ से शिकायत दर्ज किये जाने पर बलतोरा पुलिस ने राजपुरोहित समुदाय के 17 लोगों मुकेश सिंह, घेवर सिंह, पदम सिंह, सुरेश सिंह, एदान सिंह और नैन सिंह आदि के खिलाफ भारतीय दंड सहिंता (आईपीसी) की धारा 323, 143, 341, 3(1) और एससी/एसटी एक्ट की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।

बाड़मेर के पुलिस कप्तान मनीष अग्रवाल ने इस मामले की जांच के भी आदेश दे दिए हैं। फिलहाल गांव में पुलिस तैनात कर दी गई है। अंग्रेजी अकबार टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, गांव से बहिष्कार के एलान के बाद दलित परिवारों को सार्वजनिक कुओं का प्रयोग नहीं करने दिया जा रहा है। साथ ही दलित परिवारों की दुकानों से सामान खरीदने और अपने बच्चों को स्कूल भेजने पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है।

घरों में कैद हुए दलित

पीड़ित दलित परिवारों के मुताबिक राजपुरोहित समुदाय द्वारा गांव से बहिष्कृत कर देने के बाद से हम अपने घरों में कैद होने के लिए मजबूर हो गए हैं। हालांकि अब गांव में पुलिस की तैनाती के बाद दलितों के बच्चे भी स्कूल जाने हैं।

वहीं दूसरी तरफ राजपुरोहित समुदाय के लोग ने राजस्थान की मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को एक ज्ञापन सौंपकर मामले की उप-जिलाधिकारी से जांच कराने की मांग की है। कलुदी गांव बाड़मेर से लगभग 130 किलोमीटर दूर है। गौरतलब है कि पिछले दिनों ही केन्द्र सरकार एससी/एसटी एक्ट में संसोधन के खिलाफ अध्यादेश लेकर आई है। जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट द्वारा एसएसी/एसटी अधिनियम में किए गए बदलाव प्रभावहीन हो जाएंगे और एससी/एसटी अत्याचार निवारण कानून अपने पुराने स्वरुप में वापस आ गया है।

Courtesy: nationalspeak

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