केरलः हिंदू बाढ़ पीड़ितों की मदद की अपील पर बोले कन्हैया- ये संघी पागल हो गए है जो बाढ़ में भी ‘हिंदू-मुस्लिम’ खेल रहे हैं

केरलः हिंदू बाढ़ पीड़ितों की मदद की अपील पर बोले कन्हैया- ये संघी पागल हो गए है जो बाढ़ में भी ‘हिंदू-मुस्लिम’ खेल रहे हैं

केरल में बाढ़ और बारिश का कहर जारी है। ज़ोरदार बारिश के चलते अब तक 324 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। बारिश की वजह से राज्य में अबतक 8000 करोड़ से ज़्यादा का नुकसान हो चुका है। राहत कार्य के लिए सेना, नौसेना, वायुसेना, इंडियन कोस्टगार्ड और NDRF के जवान लगे हुए हैं।

केरल के इस मुश्किल वक्त में दुनियाभर के लोग साथ खड़े हैं। बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए कई देशों में फंड रेज़ कर पीड़ितों तक पहुंचाया जा रहा है। बाढ़ पीड़ितों की मदद करने वाले देशों की फेहरिस्त में एक नाम यूएई का भी है। जिसने बिना किसी भेदभाव के केरल के लोगों की मदद करने का ऐलान किया है।

वहीं कुछ लोग इस मुश्किल घड़ी में भी पीड़ितों का धर्म तलाशने में जुटे हैं और लोगों से सिर्फ़ हिंदुओं की मदद करने की अपील कर रहे हैं। ख़ुद को हिंदूवादी कहने वाले भारतीय मूल के अमेरिकी लेखक राजीव मल्होत्रा ने ट्विटर के ज़रिए लोगों से केरल के हिंदुओं की मदद करने की अपील की है।

उन्होंने लिखा, “केरल के हिंदुओं की मदद के लिए कृप्या दान करें। ईसाई और मुसलमान दुनियाभर से पैसे इकठ्ठा कर ख़ासतौर पर अपने लोगों और एजेंडा की मदद कर रहे हैं”। उन्होंने केरल के हिंदुओं की मदद के लिए ‘सेवा इंटरनेशनल’ नाम की संस्था का लिंक भी शेयर किया है, जिसपर दान की राशि जमा की जा सकती है। हालांकि जब उनके इस ट्वीट की आलोचना शुरु हुई तो उन्होंने अपने इस ट्वीट को हटा लिया।

राजीव मल्होत्रा द्वारा धर्म के आधार पर की गई इस अपील की जेएनयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने तीखी आलोचना की है।

उन्होंने ट्विटर के ज़रिए कहा, “इसे संघियों का मानसिक दिवालियापन ही कहा जाएगा कि वे केरल में आई भीषण बाढ़ में भी हिंदू-मुस्लिम खेल रहे हैं और केवल हिंदू बाढ़ पीड़ितों की मदद करने की अपील कर रहे हैं। जिन्हें देश में आई प्राकृतिक आपदा के समय भी धर्म नज़र आता हो, वो धर्म और देश दोनों के दुश्मन हैं”।

 

बता दें कि केरल पिछले 100 सालों की सबसे भयंकर बाढ़ में डूबा हुआ है। अकेले गुरुवार को ही 106 लोगों की बाढ़ और भूस्खलन के चलते मौत हो गई। अब तक इस विभीषिका में मरने वालों का आंकड़ा 324 हो चुका है। 8 अगस्त से अब तक यानी महज 10 दिनों में ही कुल 173 लोग बाढ़ के चलते जान गंवा चुके हैं।

बाढ़ के चलते सूबे में करीब 2.23 लाख लोग और 50,000 परिवार बेघर हो गए हैं। इस तबाही से फसल और संपत्तियों समेत कुल 8 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ है। सूबे में अब भी खतरा टला नहीं है क्योंकि राज्य की लगभग सभी नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।

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