प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उद्योगपति अनिल अंबानी के बीच का ‘सीधा सौदा’ है राफेल: कांग्रेस

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उद्योगपति अनिल अंबानी के बीच का ‘सीधा सौदा’ है राफेल: कांग्रेस

जनता का रिपोर्टर’ द्वारा राफेल लड़ाकू विमानों के सौदे को लेकर किए गए खुलासे के बाद राजनीतिक गलियारों में भूचाल आ गया है। कांग्रेस राफेल डील पर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को बख्शने के मूड में नहीं हैं। ‘जनता का रिपोर्टर’ द्वारा उठाए गए सवाल के बाद सरकार और विपक्ष के बीच सौदे को लेकर घमासान जारी है। एक ओर जहां केंद्र सरकार इस सौदे को गोपनीयता का हवाला देकर सार्वजनिक करने से बच रही है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस इसमें घोटाले का आरोप लगा रही है।

‘जनता का रिपोर्टर’ के खुलासे के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर रिलायंस समूह के चेयरमैन और मशहूर उद्योगपति अनिल अंबानी की कंपनी को हजारों करोड़ रुपए का फायदा पहुंचाने का भी आरोप लगा रही है। इस बीच अब कांग्रेस ने राफेल मामले को लेकर मंगलवार(28 अगस्त) को आरोप लगाया कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उद्योगपति अनिल अंबानी के बीच का ‘सीधा सौदा’ है।

समाचार एजेंसी भाषा की रिपोर्ट के मुताबिक, पार्टी के वरिष्ठ प्रवक्ता एस जयपाल रेड्डी ने यह भी दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी ने ‘मध्ययुगीन राजा’ की तरह व्यवहार किया। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अनिल अंबानी के बीच का सीधा सौदा है। मैं यह क्यों कह रहा हूं? इसके कुछ ठोस आधार हैं।’

उन्होंने कहा, ‘अप्रैल, 2015 में हुए सौदे से दो दिन पहले विदेश सचिव ने स्पष्ट रूप से कहा था कि भारत के प्रधानमंत्री और फ्रांस के राष्ट्रपति के बीच मुलाकात में राफेल पर चर्चा नहीं की जाएगी। सौदे से दो दिन पहले हमारे विदेश सचिव को यह पता नहीं था कि इस सौदे पर पर चर्चा की जाएगी और यह फैसला हो चुका है।’

रेड्डी ने कहा, ‘तत्कालीन रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर फ्रांस में नहीं थे। इससे भी अहम बात यह कि सौदा होने के बाद पर्रिकर ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री और फ्रांस के राष्ट्रपति ने हस्तक्षार किए हैं और मैंने इसका समर्थन किया है। आमतौर पर फैसला मंत्री करता है और प्रधानमंत्री इसका समर्थन करते हैं।’

अनिल अंबानी के रिलायंस समूह की ओर से कानूनी नोटिस दिए जाने पर रेड्डी ने कहा, ‘हमारे नेता कानूनी नोटिसों से नहीं डरते हैं, एक तरह से यह अच्छा है कि अनिल अंबानी ने नोटिस दिया। फिलहाल, सरकार राफेल सौदे का ब्यौरा देने से इनकार कर रही है।’

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