RBI ने बताया- नोटबंदी के दौरान बंद हुए 99% नोट वापस आए, कांग्रेस का सवाल- फायदा क्या हुआ?

RBI ने बताया- नोटबंदी के दौरान बंद हुए 99% नोट वापस आए, कांग्रेस का सवाल- फायदा क्या हुआ?

नई दिल्ली: नोटबंदी को लेकर आज रिज़र्ब बैंक ऑफ इंडिया ने बड़ी जानकारी दी है. रिज़र्ब बैंक की सालाना रिपोर्ट के मुताबिक नोटबंदी के दौरान 15 लाख 44 हजार करोड़ रुपए के नोट बंद किए गए थे, उनमें से 15 लाख 31 हजार करोड़ वापस आए हैं. सिर्फ 13 हजार करोड़ रुपये ही सिस्टम से बाहर हुआ है. आरबीआई की ओर से फाइनल आंकड़ा जारी होने के बाद अब विपक्ष सवाल उठा रहा है कि जब 99% पैसा वापस आ गया तो नोटबंदी का फायदा क्या हुआ. विपक्ष सवाल उठा रहा है कि पीएम मोदी ने कहा था कि इससे सिस्टम से काला धन बाहर हो जाएगा लेकिन अब साफ है कि नोटबंदी विफल साबित रही है.

 

नोटबंदी से क्या हासिल हुआ: कांग्रेस
कांग्रेस प्रवक्ता संजय झा ने एबीप न्यूज़ से बात करते हुए सवाल उठाया कि आखिर नोटबंदी से हासिल क्या हुआ? बीजेपी प्रवक्ता संजय झा ने कहा, ”अरुण शौरी ने सही कहा था कि नोटबंदी से बड़ा आर्थिक घोटाला भारत के इतिहास में नहीं हुआ. बहुत लोगों को पहले ही बता दिया गया था इसलिए उन्होंने अपना कालाधन सफेद करवा लिया. लाइन में खड़े हुए 140 लोगों की मौत हुए जिसका कोई अफसोस भी नहीं जता रहा. सरकार ने नोटबंदी से अर्थव्यवस्था को तहत नहत कर दिया.” संजय झा ने कहा कि नोटबंदी के नामं पर देश के साथ मजाक हुआ, मोदी जी अब नोटबंदी और अच्छे दिन की बात भी नहीं करते हैं.

 

पीएम ने एक स्ट्रोक से कई उद्देश्य हासिल किए: बीजेपी
बीजेपी प्रवक्ता जफर इस्लाम ने कांग्रेस के आरोपों का जवाब देते हुए कहा, ”नोटबंदी का मतलब सही से नहीं समझा गया. प्रधानमंत्री ने एक स्ट्रोक से कई उदुदेश्य हासिल कर लिए. नोटबंदी को एक संगठित सुधार की तरह देखना चाहिए. ऐसा नहीं कहा गया था कि नोट नहीं आएंगे लेकिन इसके साथ ये भी बताना पड़ेगा कि नोट आए कहां से, इसके साथ ही हिसाब भी देना पड़ेगा. सारा हिसाब चल रहा है कार्रवाई की जाएगी.”

 

पीएम ने किया था एलान, 500 और 1000 के नोट बंद हुए थे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर 2016 को रात आठ बजे एक लाइव वीडियो संदेश में नोटबंदी का एलान किया था. पीएम मोदी ने 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट बैन करने का एलान किया था. पुराने नोट बदलने के लिए 50 दिन का समय दिया गया था. शुरुआत में एटीएम से 2000 रुपये ही निकालने की सीमा थी जिसे बढ़ाकर बाद में 4000 कर दिया गया था. नोटबंदी के दौरान बैंकों के बाहर पुराने नोट बदलवाने के लिए लंबी लंबी लाइने देखी गईं थीं.

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