रिपोर्ट: कोरेगांव हिंसा के लिए मोदी के गुरु संभाजी भिड़े जिम्मेदार, फिर क्यों बुद्धिजीवियों को किया गया गिरफ्तार?

रिपोर्ट: कोरेगांव हिंसा के लिए मोदी के गुरु संभाजी भिड़े जिम्मेदार, फिर क्यों बुद्धिजीवियों को किया गया गिरफ्तार?

भीमा कोरेगांव मामले में एक बड़ा खुलासा सामने आया है। अब तक केंद्र और महाराष्ट्र की भाजपा सरकारों पर मामले में निष्पक्ष कार्रवाई ना करने का आरोप लग रहा था। लेकिन ये रिपोर्ट सामने आने के बाद ये आरोप सही साबित होते दिखाई देते हैं।

 

टाइम्स नाउ‘ को महाराष्ट्र पुलिस की वो रिपोर्ट मिली है जिसमें भीमा कोरेगांव हिंसा के लिए संभाजी भिड़े और मिलिंद एकबोटे को ज़िम्मेदार ठहराया गया है।

इसके बावजूद भी पुलिस ने जानेमाने पांच सामाजिक कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया है।

 

बता दें, कि वर्ष 1818 में हुई भीमा कोरेगांव की लड़ाई के 200 साल पूरे होने के कार्यक्रम में हिंसा हुई थी।

दलितों को इस हिंसा का शिकार बनाया गया था। ये कार्यक्रम पेशवा ब्राह्मण शासन पर दलितों की जीत के तौर पर मनाया जाता है|

जांच में हिंदुत्ववादी नेता मनोहर उर्फ़ संभाजी भिड़े और मिलिंद एकबोटे को इस हिंसा का मुख्य आरोपी बताया जा रहा था, लेकिन जून में पुलिस ने दावा किया कि 1 जनवरी को हुई इस हिंसा के पीछे ‘नक्सल और उनसे हमदर्दी’ रखने वाले शामिल हैं।

गौरतलब है कि संभाजी भिड़े प्रधानमंत्री मोदी के करीबी माने जाते हैं खुद पीएम मोदी उन्हें अपना गुरु बता चुके हैं।

ये रिपोर्ट पुणे पुलिस की दस सदस्य समिति ने दी थी। आठ पन्नों की रिपोर्ट में समिति सदस्य इस नतीजे पर पहुंचे थे कि संभाजी भिड़े और मिलिंद एकबोटे ने हिंदुत्व के नाम पर हिंसा को भड़काया।

साथ ही रिपोर्ट में इस बात का भी खुलासा हुआ है कि इस हिंसा की साजिश पहले से ही रची गयी थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि मिलिंद एकबोटे के लोग इस हिंसा के लिए सोशल मीडिया पर भड़काऊ कंटेंट को फैला रहे थे।

साथ ही इन लोगों को 16 दिसम्बर 2017 से इस सब की जानकारी थी।

 

रिपोर्ट में कहा गया है कि ये हिंसा सोचे समझे षड्यंत्र का नतीजा थी। इसके लिए तलवारों और अन्य हथियारों का इंतेज़ाम किया गया था।

क्षेत्र के निवासियों को भी पता था कि भीमा कोरेगांव जयंती पर कुछ होने वाला है।

ये रिपोर्ट 20 जनवरी को ही जमा कर दी गयी थी लेकिन राज्य सरकार ने इसे दबाकर रखा।

रिपोर्ट महाराष्ट्र में कोल्हापुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक विश्वास नांगरे पटेल को जमा की गयी थी। लेकिन इसको लेकर कोई कार्रवाई नहीं की गई।

बल्कि संभाजी भिड़े के ही एक शिष्य तुषार दम्गुड़े की शिकायत पर पुलिस ने मानवाधिकार कार्यकर्त्ता सुधा भरद्वाज, वरवरा राव, अरुण फरेरा, गौतम नवलखा और वरुण गोन्सालविस को गिरफ्तार कर लिया गया।

 

 

Courtesy: BOLTAUP

Categories: Crime, India, Politics

Related Articles