2014 में मोदी के PM बनने के बाद तेज़ी से बढ़ी थीं RSS की शाखाऐं, लेकिन अब लगातार गिरता जा रहा ग्राफ

2014 में मोदी के PM बनने के बाद तेज़ी से बढ़ी थीं RSS की शाखाऐं, लेकिन अब लगातार गिरता जा रहा ग्राफ

नई दिल्ली – साल 2014 में यूपीए सरकार को उखाड़कर केंद्र की सत्ता में आई नरेंद्र मोदी की सरकार बनने के बाद देश में तेजी से RSS की शाखाओं में विस्तार हुआ था. लेकिन साल 2017 से यह रफ्तार बहुत धीमी हो गई है. साल 2014 में जहां 2001 शाखाओं का विस्तार हुआ था, वहीं, 2015 में यह आंकड़ा बढ़कर 6350 पहुंच गया. लेकिन 2017 में यह संख्या घटकर 664 पर आ गई. मोदी सरकार के कार्यकाल में औसतन 350 लोग हर रोज़ संघ की ऑनलाइन सदस्यता ले रहे हैं. यह आंकड़ा उस वक्त दोगुना से अधिक बढ़ गया था, जब पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी संघ के कार्यक्रम में हिस्सा लेने जाने वाले थे. ऐसी स्थिति तीन से चार दिन रही थी.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने साल 1925 में नागपुर में आरएसएस की स्थापना की थी. साल 2009 से आरएसएस की कमान सरसंघचालक मोहन भागवत के हाथ में है. जब वे संघ प्रमुख बनें तो उस वक्त देश में कुल शाखाओं की संख्या 43905 थी. यह संख्या अगले साल 2010 में घटकर 39823 हो गई. इसके बाद मोहन भागवत ने इसकी संख्या को बढ़ाने की कोशिश शुरू कर दीं.

अगले साल 2011 में इसकी संख्या 85 बढ़कर 39908 हो गई. 2012 में 983 शाखाएं बढ़ी और यह संख्या 40 हजार के पार हो गई. इसी तरह 2013 में 2000 बढ़कर 42981 पहुंच गई. 2014 में भी इसी औसत में शाखाओं की संख्या में 2001 की वृद्धि हुई और यह 44982 पहुंची. 2014 में मोदी सरकार बनने के बाद शाखाओं की संख्या तेजी से बढ़ी. 6350 की बढ़ोत्तरी के साथ यह संख्या 51 हजार के आंकड़े को पार करते हुए 51332 पहुंच गई.

इसके अगले साल साल 2016 में इसमें थोड़ी बहुत गिरावट हुई. 5237 की बढ़ोत्तरी के साथ देश में संघ के कुल शाखाओं की संख्या 56569 तक पहुंच गई. लेकिन इसके अगले साल 2017 में शाखाओं के विस्तार में काफी कमी आई. इसकी संख्या मात्र 664 बढ़ी और कुल संख्या 57233 तक पहुंची. हालांकि, साल 2018 में पिछले साल के मुकाबले संघ शाखा विस्तार में थोड़ी वृद्धि हुई है. 1734 की वृद्धि के साथ यह आंकड़ा 58967 तक पहुंच गया है.

बता दें कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का 39 देशों में फैला हुआ है. विदेशों में संघ की करीब एक हजार शाखाएं ‘हिंदू स्वयंसेवक संघ’ के नाम से लगती हैं. संघ के 36 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय संगठन हैं. 200 से अधिक क्षेत्रीय प्रभाव रखने वाले संगठन हैं. ये सभी संगठन संघ की विचारधारा को मानकर देश और सामाज में सक्रिय हैं.

Courtesy: nationalspeak

Categories: India

Related Articles