सरदार सिंह ने लिया अंतरराष्ट्रीय हॉकी से संन्यास

सरदार सिंह ने लिया अंतरराष्ट्रीय हॉकी से संन्यास

भारत के दिग्गज हॉकी खिलाड़ी सरदार सिंह अब अंतरराष्ट्रीय हॉकी में खेलते नजर नहीं आएंगे. पूर्व हॉकी कप्तान सरदार ने बुधवार को अपने शानदार करियर पर विराम लगाने का फैसला किया. सरदार ने कहा कि वह पिछले 12 सालों में पर्याप्त हॉकी खेल चुके हैं और अब युवाओं के लिए जिम्मेदारी लेने का समय आ गया है.

सरदार ने कहा कि उन्होंने रिटायरमेंट का फैसला एशियन गेम्स में मिली नाकामी के बाद लिया है. भारत मौजूदा चैंपियन के रूप में एशियन गेम्स में गया था, लेकिन वहां उसे कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा. सरदार की उम्र भी बढ़ रही है और अब उनके खेल में पहले जैसी फुर्ती देखने को नहीं मिलती जिससे एशियन गेम्स के दौरान उनके प्रदर्शन की काफी आलोचना हुई.

सरदार ने कहा, ‘हां मैंने अंतरराष्ट्रीय हॉकी से संन्यास लेने का फैसला कर लिया है. मैंने अपने लंबे करियर में काफी हॉकी खेली है. 12 साल का वक्त काफी लंबा होता है. अब समय आ गया है कि कोई भावी पीढ़ी अब जिम्मेदारी संभाले.. मैंने ये फैसला चंडीगढ़ में अपने परिवार, हॉकी इंडिया और अपने दोस्तों से सलाह के बाद किया है. मेरा मानना है कि यही सही वो समय है जब हॉकी के बाद जिंदगी के बारे में विचार किया जाए.’

350 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मैच खेले

32 वर्षीय सरदार सिंह ने 350 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मैचों में भारत की नुमाइंदगी की है. वह 2008 से 2016 तक भारतीय टीम के कप्तान भी रहे. इसके बाद टीम की कमान पीआर श्रीजेश को सौंप दी गई. दिलचस्प बात है कि जकार्ता में एशियन गेम्स के दौरान सरदार ने कहा था कि उनके अंदर काफी हॉकी बची है और उन्होंने 2020 टोक्यो में अपना अंतिम ओलिंपिक खेलने की इच्छा व्यक्त की थी.

25 सदस्यीय कोर ग्रुप में नहीं था नाम

हॉकी इंडिया ने बुधवार को राष्ट्रीय शिविर के लिए 25 सदस्यीय कोर ग्रुप की घोषणा की जिसमें उनका नाम शामिल नहीं था जिससे अटकलें लगायी जा रही हैं कि उन्हें संन्यास लेने के लिए बाध्य किया गया था, लेकिन इस दौरान ही उन्होंने यह फैसला किया. शिविर की टीम से बाहर किए जाने के बारे में पूछने पर सरदार ने इस सवाल को टालते हुए कहा कि वह शुक्रवार को नई दिल्ली में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान अपने संन्यास की आधिकारिक घोषणा करेंगे.

12 साल से थे मध्यपंक्ति में अहम खिलाड़ी

सरदार ने भारत के लिए सीनियर टीम में पदार्पण पाकिस्तान के खिलाफ 2006 में किया था और इसके बाद से वह टीम की मध्यपंक्ति में अहम खिलाड़ी बने हुए थे. वर्ष 2008 सुल्तान अजलन शाह कप में टीम की अगुआई के दौरान वह भारतीय टीम की कप्तानी करने वाले सबसे युवा खिलाड़ी भी बने थे. उन्हें 2012 में अर्जुन पुरस्कार और 2015 में पद्म श्री से नवाजा गया.

दो ओलिंपिक में देश का प्रतिनिधित्व किया

उन्होंने दो ओलिंपिक में देश का प्रतिनिधित्व किया. गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ की टीम से बाहर किए जाने के बाद इस खिलाड़ी ने अपनी फिटनेस पर कड़ी मेहनत की और चैंपियंस ट्रॉफी के लिये शानदार वापसी की जिसमें भारतीय टीम ने रजत पदक जीता.  उम्र के साथ वह थोड़े धीमे जरूर हुए, लेकिन सरदार अब भी भारतीय टीम के सबसे फिट खिलाड़ियों में से एक हैं.

उन्होंने कहा, ‘इस फैसले के पीछे फिटनेस कारण नहीं है. मैं कुछ और साल तक हॉकी खेलने के लिए पूरी तरह फिट हूं. लेकिन हर चीज का समय होता है और मुझे लगता है कि अब मेरे लिए जीवन में आगे बढ़ने का समय आ गया है.’ सरदार ने कहा कि उन्होंने अपना फैसला मुख्य कोच हरेंद्र सिंह को बता दिया है और उन्होंने यह भी कहा कि वह घरेलू सर्किट में हॉकी खेलना जारी रखेंगे.

विवादों से रहा नाता

हरियाणा के सिरसा के इस खिलाड़ी का करियर विवादों से दूर नहीं रहा. उन पर भारतीय मूल की ब्रिटिश महिला ने बलात्कार का आरोप भी लगाया था जिससे उन्होंने हमेशा इनकार किया था. उन्हें इस मामले में लुधियाना पुलिस के विशेष जांच दल द्वारा क्लीन चिट मिल गई थी.

25 सदस्यीय कोर टीम घोषित

हॉकी इंडिया ने बुधवार को एशियन चैंपियंस ट्रॉफी और विश्व कप के लिए राष्ट्रीय शिविर के लिए 25 सदस्यीय कोर टीम घोषित की. यह शिविर 16 सितंबर से भुवनेश्वर में लगेगा. खिलाड़ी एक महीने तक चलने वाले शिविर के लिए कोच  हरेंद्र सिंह को रिपोर्ट करेंगे. शिविर 14 अक्टूबर तक चलेगा और इसके बाद टीम 18 अक्टूबर से मस्कट में होने वाली एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में भाग लेगी.

कोर ग्रुप

गोलकीपर : पीआर श्रीजेश, सूरज करकेरा और कृष्ण पाठक.

डिफेंडर्स: हरमनप्रीत सिंह, रुपिंदर पाल सिंह, गुरिंदर सिंह, वरुण कुमार, कोथाजीत सिंह खदानगम, सुरेंद्र कुमार, जर्मनप्रीत सिंह और युवा पारदीप सिंह.

मिडफील्डर्स : मनप्रीत सिंह, चिंगलेनसाना सिंह कंगंजम, सुमित, सिमरनजीत सिंह, नीलकांत शर्मा, हार्दिक सिंह, ललित कुमार उपाध्याय और विवेक सागर प्रसाद.

फारवडर्स : एसवी सुनील, आकाशदीप सिंह, गुरजंत सिंह, मनदीप सिंह, दिलप्रीत सिंह और सुमित कुमार.

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