पूर्व IPL कमिश्नर ललित मोदी ने की विजय माल्या के दावों की पुष्टि, जेटली पर लगाया झूठ बोलने का आरोप, कहा- आप एक सांप से क्या उम्मीद कर सकते हैं?

पूर्व IPL कमिश्नर ललित मोदी ने की विजय माल्या के दावों की पुष्टि, जेटली पर लगाया झूठ बोलने का आरोप, कहा- आप एक सांप से क्या उम्मीद कर सकते हैं?

पूर्व IPL कमिश्नर ललित मोदी ने की विजय माल्या के दावों की पुष्टि, जेटली पर लगाया झूठ बोलने का आरोप, कहा- आप एक सांप से क्या उम्मीद कर सकते हैं?

भारतीय बैंकों के करीब 9000 करोड़ रुपये लेकर फरार हुए भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या के सनसनीखेज खुलासे के बाद केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दरअसल, माल्या द्वारा भारत छोड़ने से पहले केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली से अपनी मुलाकात का दावा करने के बाद विपक्षी पार्टियों ने मोदी सरकार को आड़े हाथ लिया। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए अरुण जेटली के इस्तीफे की मांग की है। हालांकि, जेटली ने माल्या के बयान को ‘‘तथ्यात्मक तौर पर गलत’’ करार दिया है।

 

माल्या-जेटली मुलाकात विवाद पर कांग्रेस और बीजेपी के बीच जारी घमासान के बीच देश से फरार आईपीएल के पूर्व कमिश्नर ललिल मोदी भी कूद पड़े हैं। ललित मोदी ने विजय माल्या के दावों की पुष्टि करते हुए वित्त मंत्री पर झूठ बोलने का गंभीर आरोप लगाया है। साथ ही मोदी ने अपने ट्वीट में इशारों-इशारों में वित्त मंत्री की तुलना सांप से कर डाली है।

ललित मोदी ने ट्वीट कर वित्त मंत्री पर निशाना साधते हुए कहा है कि अरुण जेटली इनकार कर रहे हैं लेकिन ये बिल्कुल सच है कि विजय माल्या जाने से पहले उनसे मिले थे। उनको इस बात को स्वीकार करना चाहिए। वो क्यों इस बात को नकार रहे हैं कि वो माल्या से मिले हैं जबकि कई लोग इस बात को जानते हैं कि उसने मुलाकात की थी जो वहां पर मौजूद थे। जेटली को झूठ बोलने की आदत हो गई है। आप एक सांप (सांप का चिन्ह) से क्या उम्मीद कर सकते हैं।

 

दरअसल, माल्या ने बुधवार (12 सितंबर) को कहा कि वह भारत से रवाना होने से पहले वित्त मंत्री से मिला था। लंदन में वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश होने के लिए पहुंचे माल्या ने संवाददाताओं को बताया कि उसने मंत्री से मुलाकात की थी और बैंकों के साथ मामले का निपटारा करने की पेशकश की थी। उधर, वित्त मंत्री ने माल्या के बयान को झूठा करार देते हुए कहा कि उन्होंने 2014 के बाद उसे कभी मिलने का समय नहीं दिया।

जेटली ने कहा कि माल्या राज्यसभा सदस्य के तौर पर हासिल विशेषाधिकार का ‘दुरुपयोग’ करते हुए संसद-भवन के गलियारे में उनके पास आ गया था। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कल माल्या के दावे को ‘अति गंभीर आरोप’ करार दिया था और कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को जांच का आदेश देना चाहिए और जांच पूरी होने तक जेटली को इस्तीफा दे देना चाहिए।

कांग्रेस सांसद पी एल पुनिया का दावा

दरअसल, संवाददाता सम्मेलन में मौजूद पी एल पुनिया ने दावा किया कि एक मार्च, 2016 को संसद के केंद्रीय कक्ष में शराब कारोबारी विजय माल्या की वित्त मंत्री अरुण जेटली के साथ ‘विधिवत मुलाकात’ हुई थी और इसके वह साक्षी हैं।पुनिया ने चुनौती दी कि अगर उनका यह दावा सच साबित नहीं हुआ तो वह राजनीति छोड़ देंगे।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की मौजूदगी में पुनिया ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘एक मार्च, 2016 को केंद्रीय कक्ष में जेटली जी और माल्या की मुलाकात हुई। पांच-सात मिनट दोनों ने खड़े होकर बात की और फिर बैठकर बात की। 2016 के बजट सत्र में माल्या सिर्फ एक दिन संसद आए थे और वह सिर्फ जेटली से मिलने आए थे।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मैं मीडिया के साथ बातचीत में कई मौकों पर इसका उल्लेख करता रहा। ढाई साल तक जेटली चुप्पी साधे रहे। अब वह मुलाकात की बात मान रहे हैं। सच्चाई यह है कि दोनों बीच विधिवत मुलाकात हुई थी।’’ कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘मेरी चुनौती है कि केंद्रीय कक्ष में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं और उनकी फुटेज देखी जाए। सब पता चल जाएगा। या तो जेटली जी राजनीति छोड़ दें या मैं छोड़ दूंगा।’’ उन्होंने आरोप लगाया कि माल्या वित्त मंत्री से ‘सलाह-मशविरा करके’ देश से भागा था।

 

 

 

Courtesy: Janta Ka Khabar

Categories: Politics

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