एशिया कप: भारत ने मैच जीता, लेकिन हांगकांग ने जीता दिल

एशिया कप: भारत ने मैच जीता, लेकिन हांगकांग ने जीता दिल

एशिया कप के ग्रुप ए के पहले मैच में भारत ने कड़ी मशक्कत के बाद हांगकांग को 26 रनों से मात दे दी। शिखर धवन की शतकीय पारी से चुनौतीपूर्ण स्कोर तक पहुंचने के बावजूद भारत को एशिया कप ग्रुप ए में चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ महत्वपूर्ण मुकाबले से पहले मंगलवार को कमजोर हांगकांग पर 26 रन से जीत दर्ज करने के लिए पसीना बहाना पड़ा। इस जीत के साथ ही भारत सुपर फोर में पहुंच गया है, लेकिन उससे पहले उसे बुधवार को चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान से भिड़ना होगा।

इंग्लैंड दौरे में नाकाम रहे धवन ने 120 गेंदों पर 127 रन की पारी खेली जो उनके वनडे करियर का 14वां शतक था। उन्होंने 15 चौके और दो छक्के लगाए तथा टीम में वापसी करने वाले अंबाती रायुडु (60) के साथ दूसरे विकेट के लिए 116 रन की साझेदारी भी की। हांगकांग ने हालांकि भारत को सात विकेट पर 285 रन ही बनाने दिए। निजाकत खान (115 गेंदों पर 92 रन) और कप्तान अंशुमान रथ (97 गेंदों पर 73 रन) ने पहले विकेट के लिये रिकार्ड 174 रन जोड़कर हांगकांग को स्वर्णिम शुरुआत दिलाई।

हांगकांग की तरफ से यह वनडे में किसी भी विकेट के लिए सर्वश्रेष्ठ साझेदारी है। हांगकांग के पास बड़ा उलटफेर करने का स्वर्णिम मौका था लेकिन यहां पर अनुभवहीनता उसके आड़े आई और आखिर में वह आठ विकेट पर 259 रन ही बना पाया। हांगकांग की टीम हालांकि बढ़े मनोबल के साथ स्वदेश लौटेगी क्योंकि उसके सामने मौजूदा चैंपियन और दुनिया की नंबर दो टीम को जीत के लिए संघर्ष करना पड़ा।

निजाकत और अंशुमान ने जिस धैर्य और आत्मविश्वास के साथ भारत के तेज और स्पिन गेंदबाजों का सामना किया उससे रोहित शर्मा और उनके साथियों की पेशानी पर बल पड़ गए थे। पहले दस ओवरों में जब तीनों तेज गेंदबाज नहीं चले तो रोहित ने युजवेंद्र चहल (46 रन देकर तीन विकेट) के रूप में स्पिन आक्रमण लगाया। उन्होंने अपनी ही गेंद पर अंशुमान का कैच छोड़ा। चहल और कुलदीप यादव (42 रन देकर दो) के अलावा केदार जाधव ने बीच के ओवरों में रनों पर जरूर अंकुश लगाया। कुलदीप ने मैच के दौरान वनडे में 50 विकेट भी पूरे किए।

निजाकत ने शार्दुल ठाकुर पर छक्के से अपना अर्धशतक पूरा किया जबकि अंशुमान ने इसके लिए 75 गेंदें खेली। इन दोनों की भागीदारी पिछले एक साल में भारत के खिलाफ पहले विकेट के लिये पहली शतकीय साझेदारी है। हॉन्ग कॉन्ग की तरफ से पहली बार आईसीसी के किसी पूर्णकालिक सदस्य देश के खिलाफ शतकीय साझेदारी निभाई गई। भारत को आखिर में 35वें ओवर में जाकर सफलता मिली जब अंशुमान ने कुलदीप की गेंद पर लाफ्टेड ड्राइव खेलकर रोहित को कैच दिया।

अपना पहला वनडे खेल रहे बाएं हाथ के तेज गेंदबाज खलील अहमद (48 रन देकर तीन विकेट) ने अगले ओवर में निजाकत को पगबाधा आउट करके उन्हें अपना पहला शतक पूरा नहीं करने दिया। इसके बाद बाबर हयात (18), किचिंत शाह (17), एहसान खान (22) और तनवी अफजल (नाबाद 12) भी दोहरे अंकों में पहुंचे लेकिन हॉन्ग कॉन्ग बड़ा उलटफेर नहीं कर पाया।

इससे पहले भारत ने 40 ओवर के बाद दो विकेट पर 237 रन बनाए थे और लग रहा था कि वह 300 से अधिक का स्कोर बनाने में सफल रहेगा लेकिन अंतिम दस ओवरों में वह 48 रन ही बना पाया और इस बीच उसने पांच विकेट भी गंवाए। इन ओवरों में भारत ने केवल एक चौका और एक छक्का लगाया। हॉन्ग कॉन्ग की तरफ से आफ स्पिनर किंचित शाह ने 39 रन देकर तीन जबकि एहसान खान ने 65 रन देकर दो विकेट लिए।

रोहित से पाकिस्तान के खिलाफ मैच से पहले बड़ी पारी की उम्मीद थी लेकिन विराट कोहली की अनुपस्थिति में कप्तानी का दायित्व संभाल रहा मुंबई का यह बल्लेबाज केवल 23 रन बना पाया और आफ स्पिनर एहसान खान की गेंद पर ‘क्रॉस बैट’ से शॉट खेलकर मिडऑफ पर कैच दे बैठे। धवन और यो-यो टेस्ट में नाकाम रहने के कारण इंग्लैंड दौरे पर नहीं जा पाने वाले रायुडू ने सहजता से रन बटोरे। रायुडू ने 70 गेंदों की अपनी पारी में तीन चौके और दो छक्के लगाकर शीर्ष मध्यक्रम में एक स्थान के लिए अपनी दावेदारी मजबूत की लेकिन चौथे नंबर पर बल्लेबाजी के लिये आये दिनेश कार्तिक (33) अच्छी शुरुआत को बड़ी पारी में नहीं बदल पाए।

भारत ने 40 ओवर के बाद 12 गेंदों के अंदर तीन विकेट गंवाए जिसमें धवन और कार्तिक के अलावा महेंद्र सिंह धोनी (शून्य) का विकेट भी शामिल था। पिछली बार हॉन्ग कॉन्ग के खिलाफ शतक जड़ने वाले धोनी ने एहसान खान की गेंद पर लेट कट करने के प्रयास में विकेटकीपर स्कॉट मैकेनी को कैच दिया। दर्शक धोनी के आउट होने से सबसे अधिक निराश दिखे। मैकेनी ने इससे पहले रायुडु का भी खूबसूरत कैच लिया था। धवन ने पारी के 36वें ओवर में 105 गेंदों पर अपना शतक पूरा किया।

उन्होंने अपने दोनों छक्के शतक पूरा करने के बाद लगाए और दोनों अवसरों पर गेंदबाज एहसान खान थे। आफ स्पिनर किंचित शाह की गेंद भी सीमा रेखा पार पहुंचाने के प्रयास में उन्होंने मिडविकेट पर कैच थमाया। अंतिम ओवरों में तेजी से रन बनाने की जिम्मेदारी केदार जाधव की थी लेकिन चोट से उबरने के बाद वापसी करने वाला यह बल्लेबाज 27 गेंदों पर नाबाद 28 रन ही बना पाया।

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