राम मंदिर को लेकर शिवसेना ने मोदी सरकार को जबरदस्त फटकार, खड़े किये ये बड़े सवाल

राम मंदिर को लेकर शिवसेना ने मोदी सरकार को जबरदस्त फटकार, खड़े किये ये बड़े सवाल

अयोध्या में राम मंदिर का जल्द निर्माण करने की संघ प्रमुख मोहन भागवत की वकालत के दो दिन बाद शिवसेना ने शुक्रवार को उनकी प्रतिबद्धता की सराहना की लेकिन इसे मुद्दे को लेकर ‘‘नेताओं’’ पर सवाल उठाए। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह पर निशाना साधते हुए शिवसेना ने कहा कि वह भारतीय जनता पार्टी के अगले 50 सालों तक देश पर शासन करने के बारे में पूरे विश्वास से बोलते हैं, लेकिन जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाली संविधान की धारा 370 को खत्म करने और राम मंदिर के मुद्दों पर टिप्पणी करने से ‘‘बचते’’ हैं।

भाजपा के प्रति आलोचनात्मक रूख रखने वाली शिवसेना ने अपनी पार्टी के मुखपत्र ‘सामना’ में नरेंद्र मोदी सरकार से कहा कि वह भागवत के बयान के बाद अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के मुद्दे को ‘‘गंभीरता’’ से लें। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी ने हालांकि राय व्यक्त की कि मंदिर मुद्दे को सिर्फ चुनावी वादे तक सीमित कर दिया गया है और इसलिये यह हिंदुत्व का माखौल उड़ाने वाला मुद्दा बन गया है।

नई दिल्ली में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के एक कार्यक्रम में बुधवार को भागवत ने उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर के जल्द निर्माण की बात उठाई थी। उन्होंने कहा था कि राम मंदिर का निर्माण जल्द से जल्द होना चाहिए। शिवसेना ने पूछा कि संघ प्रमुख द्वारा (राम) मंदिर पर अपनाया गया रूख प्रतिबद्धता से जुड़ा है।

लेकिन क्या उस प्रतिबद्धता का एक अंश भी राजनेताओं के अंतर्मन में बचा है? मराठी दैनिक ने कहा कि शाह देश में 50 सालों तक भाजपा के शासन करने के बारे में विश्वास से बोलते हैं। लेकिन धारा 370 को खत्म करने या राम मंदिर के निर्माण की समयसीमा तय करने की प्रतिबद्धता जाहिर करने से बचते हैं। इसमें कहा गया कि क्या पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतें और सैनिकों के कलम होते सिर भारत का भविष्य हैं?

गौरतलब है कि यह कोई पहला मौका नहीं है जब शिवसेना ने केंद्र सरकार पर हमाल बोला या उसकी आलोचना की हो। इससे पहले प्रवीण तोगड़िया प्रकरण को लेकर शिवसेना ने भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर प्रहा!र किया था।

शिवसेना ने पीएम मोदी और अमित शाह से कहा कि वे विहिप नेता प्रवीण तोगड़िया के उनकी ह! त्या की साजिश रचे जाने संबंधी दावे पर स्पष्टीकरण दें।शिवसेना ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ में छपे एक संपादकीय में कहा, ‘जब भारत में हिंदुत्व समर्थक लोगों को अपनी जान का भय हो, तो मोदी और अमित शाह को सामने आकर स्पष्टीकरण देना चाहिए।

नई (भाजपा के नेतृत्व वाली) सरकार के सत्ता में आने के बाद एल के आडवाणी समेत कई लोगों की आवाज बंद हो गई है।’ उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले दल ने कहा कि अब यह देखा जाना बाकी है कि जब विहिप नेता ने आरोप लगाया है कि उन्हें चुप करने की साजिश रची गई थी, तो अब उन्हें क्या ‘उपाधि’ दी जाएगी।

संपादकीय में कहा गया है, ‘तोगड़िया ने प्रधानमंत्री के खिलाफ कई आरोप लगाए है। जब उच्चतम न्यायालय के चार वरिष्ठ न्यायाधीशों ने सामने आकर न्यायपालिका में (केंद्र के) हस्तक्षेप का आरोप लगाया तो उन्हें राष्ट्र विरोधी और कांग्रेस के एजेंट करार दिया गया। देखना यह होगा कि प्रवीण तोगड़िया को अब क्या उपाधि दी जाएगी।

Courtesy: mirchilag

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