राफेल डील पर नए खुलासे के बाद बोले राहुल गांधी, देश के PM भ्रष्ट, अनिल अंबनी की कर रहे चौकीदारी

राफेल डील पर नए खुलासे के बाद बोले राहुल गांधी, देश के PM भ्रष्ट, अनिल अंबनी की कर रहे चौकीदारी

राफेल सौदे को लेकर लगातार केंद्र की मोदी सरकार पर हमला बोलने वाले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को फ्रांस की खोजी खबरों की वेबसाइट ‘मीडियापार्ट’ के नए खुलासे के बाद एक बार फिर हमला बोला है। राहुल गांधी ने राफेल मामले पर मोदी सरकार को घेरने की कोशिश की है।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि फ्रांस्वा ओलांद के बाद अब अधिकारी का बयान आ गया है कि डील के लिए अनिल अंबनी की रिलायंस को जोड़ना पड़ा। उन्होंने कहा कि अनिल अंबानी के चौकीदार हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। यह पूरी तरह से भ्रष्टाचार का मामला है और भारत के प्रधानमंत्री भ्रष्ट हैं।

मोदी सरकार पर ताजा हमला कर राहुल गांधी ने कहा कि पहले फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति ने कहा था कि हिंदुस्तान के प्रधानमंत्री ने कहा था कि अनिल अंबानी जी को राफेल का कांट्रैक्ट मिलना चाहिए। उन्होंने कहा, पता नहीं कि फ्रांस में क्या इमरजेंसी है कि रक्षामंत्री को तुरंत फ्रांस जाना पड़ता है।

पीएम मोदी ने हिन्दुस्तान की जनता का पैसा अंबानी की जेब में डाला

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, अंबानी के प्रधानमंत्री ने अनिल अंबानी के जेब में करोड़ों रुपये दिए। अनिल अंबानी जी 45000 करोड़ रुपये के कर्जे में हैं। 10 दिन पहले कंपनी खोली और प्रधानमंत्री जी ने 30,000 करोड़ रुपया हिन्दुस्तान की जनता का पैसा, एयरफोर्स का पैसा अनिल अंबानी की जेब में डाला है।

जानें फ्रांस की ‘मीडियापार्ट’ ने क्या किया खुलासा

दरअसल, राफेल सौदे को लेकर फ्रांस की खोजी खबरों की वेबसाइट ‘मीडियापार्ट’ ने नया खुलासा किया है। ‘मीडियापार्ट’ वेबसाइट ने अपने हाथ लगे दसॉल्ट के एक दस्तावेज के हवाले से दावा किया है कि राफेल सौदे के बदले दसॉल्ट को रिलायंस से डील करने को कहा गया।

फ्रांस्वा ओलांद ने दिया था ये बयान

इससे पहले मीडिया पार्ट को दिए इंटरव्यू में फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद ने खुलासा किया था कि किस तरह रिलायंस को पार्टनर बनाने के लिए फ्रांस की सरकार को भारत सरकार ने कहा था। तब दसॉल्ट ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा था राफेल सौदा दो सरकारों के बीच हुआ है लेकिन नए खुलासे ने इस दावे पर सवाल खड़ा कर दिया है और एक तरह से यह ओलांद के दावे की पुष्टि करता है।

 

Courtesy: outlook

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