राफ़ेल पर बोले कन्हैया- रक्षामंत्री ‘देश’ की रक्षा करने की बजाय ‘अंबानी’ की रक्षा करने में जुटी हैं

राफ़ेल पर बोले कन्हैया- रक्षामंत्री ‘देश’ की रक्षा करने की बजाय ‘अंबानी’ की रक्षा करने में जुटी हैं

राफ़ेल पर बोले कन्हैया- रक्षामंत्री ‘देश’ की रक्षा करने की बजाय ‘अंबानी’ की रक्षा करने में जुटी हैं

राफ़ेल डील को लेकर हुए नए ख़ुलासे के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण के फ्रांस दौरे पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि पता नहीं क्या इमरजेंसी है कि रक्षामंत्री को अचानक फ्रांस जाना पड़ा।

कांग्रेस अध्यक्ष ने रक्षामंत्री के फ्रांस दौरे को राफ़ेल डील पर ‘कवर अप’ की कोशिश बताया है। बता दें कि रक्षामंत्री बुधवार को फ्रांस दौरे पर रवाना हुई हैं। तीन दिनों की इस यात्रा में वो वहां फ्रांस की मंत्री फ्लोरेंस पार्ली से मुलाक़ात करेंगी।

 

राहुल गांधी ने रक्षा मंत्री के इस दौरे को स्पष्ट रूप से सरकार को बचाने की कोशिश बताते हुए कहा, “एक बात याद रखें, दसॉल्ट कंपनी को एक बड़ा कॉन्ट्रैक्ट हासिल हुआ है और वो वही बोलेगा जो भारत सरकार उसे बोलने के लिए कहेगी।”

जेएनयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने भी इस मामले को लेकर रक्षामंत्री निर्मला सीतीरमण पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्री देश की रक्षा करने की बजाय मोदी जी के दोस्तों की रक्षा करने में जुटी हैं।

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उन्होंने ट्वीट कर लिखा, “देश की रक्षा मंत्री देश की रक्षा करने की बजाय अंबानी की राफ़ेल सौदे में दलाली की रक्षा करने में लगी हुई हैं। राफ़ेल घोटाले के रोज नए सबूत सामने आ रहे हैं, लेकिन मैडम को लगता है कि उनका काम देश की नहीं बल्कि सरकार के मंत्रियों और मोदी जी के दोस्तों की रक्षा करना है”।

बता दें कि बुधवार को फ्रांस की एक वेबसाइट ‘मीडियापार्ट’ ने खुलासा करते हुए एक दस्तावेज के हवाले से दावा किया कि राफेल सौदे के बदले दसॉल्ट को अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस डिफेंस से डील करने को कहा गया था।

मीडियापार्ट ने कंपनी के कुछ आंतरिक दस्तावेज़ों के हवाले से कहा है कि दसॉल्ट के नंबर दो अधिकारी लोइक सेगलन ने अपने 11 मई 2017 के प्रेजेंटेशन में अपने कर्मियों से कहा था कि रिलायंस के साथ उनका ज्वाइंट वेंचर सौदे के लिए अनिवार्य और बाध्यकारी था।

 

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हालांकि दसॉल्ट ने इन रिपोर्टों पर अपनी सफाई पेश की है। कंपनी का कहना है कि उसने रिलयांस का चयन स्वतंत्र रूप से किया है। दोनों कंपनी ने मिल कर दसॉल्ट-रिलायंस एरोस्पेस लिमिटेड बनाया है, जिसके तहत भारत में रफ़ाल विमान तैयार किए जाएंगे।

 

 

Courtesy: BoltaUP

Categories: Politics

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