अगर निशांत की जगह कोई मुस्लिम ‘ISI एजेंट’ होता तो अबतक पूरी क़ौम को गद्दार बता दिया जाता

अगर निशांत की जगह कोई मुस्लिम ‘ISI एजेंट’ होता तो अबतक पूरी क़ौम को गद्दार बता दिया जाता

अगर निशांत की जगह कोई मुस्लिम ‘ISI एजेंट’ होता तो अबतक पूरी क़ौम को गद्दार बता दिया जाता

यूपी एटीएस और मुंबई पुलिस की संयुक्त टीम ने डीआरडीओ के ब्रह्मोस यूनिट में काम करने वाले निशांत अग्रवाल को जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया है। निशांत पर आरोप है कि वह ब्रह्मोस से जुड़ी खुफिया जानकारी पाकिस्तानी एजेंसी आईएसआई को देता था।

यूपी एटीएस के आईजी असीम अरुण का कहना है कि उसके निजी कंप्यूटर में कई संदिग्ध चीजें मिली हैं। वह फेसबुक पर पाकिस्तान से जुड़ी कुछ आईडी के संपर्क में था। आशंका यह भी है कि निशांत आईएसआई के साथ ही अमेरिकी एजेंसियों को भी जानकारी देता था।

 

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आरोपी निशांत को ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया है। यूपी एटीएस की मांग पर आज  नागपुर सेशन कोर्ट ने निशांत को तीन दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। रिमांड पर लेने के बाद यूपी एटीएस उससे पूछताछ करेगी।

देशविरोधी गतिविधियों में निशांत का नाम सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं का दौर शुरु हो गया है। कई पत्रकारों का मानना है कि अगर इस मामले में किसी मुस्लिम व्यक्ति का नाम सामने आया होता तो अबतक पूरे समुदाय को दोषी ठहरा दिया जाता।

 

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वरिष्ठ पत्रकार अजीत अंजुम ने ट्वीट कर लिखा, “दुश्मन का एजेंट निकला निशांत अग्रवाल.. पाकिस्तान को ब्रह्मोस की जानकारी लीक कर रहा था निशांत.

अगर ये अली,खान, हुसैन, अख्तर या अहमद होता तो सारे ट्रोल पूरे कौम को गद्दार घोषित करने लगते। यहां तो हमारे बीच का ही गद्दार निकला तो सन्नाटा है। क्या कहें, अपने आस्तीन में ही सांप जो निकला”।

 

बता दें कि निशांत अग्रवाल डीआरडीओ में साइंटिस्ट है। पिछले चार साल से वह ब्रह्मोस की नागपुर यूनिट में काम कर रहा था। उसे 2017-18 यंग साइंटिस्ट अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है।

 

 

Courtesy: Bolta UP

Categories: Crime, Politics

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