यूपी और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी का 93 साल की उम्र में निधन

यूपी और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी का 93 साल की उम्र में निधन

उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी (एनडी तिवारी) ने 93 साल की उम्र में आज दिल्ली के साकेत स्थित मैक्स अस्पताल में आखिरी सांस ली। एनडी तिवारी के निधन से राजनीति पार्टियों में शोक की लहर दौड़ गई है। इस संबंध में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने ट्वीट कर अपनी संवेदना व्यक्त की है।

नारायण दत्त तिवारी देश के पहले ऐसे राजनीतिज्ञ थे, जिन्हें दो-दो राज्य का मुख्यमंत्री होने का गौरव प्राप्त हुआ। वह नेहरू-गांधी के दौर के उन चंद नेताओं में थे, जिन्होंने आजादी की लड़ाई में सक्रिय योगदान दिया।  उन्होंने केंद्र में वित्त, विदेश, उद्योग, श्रम सरीखे अहम मंत्रालयों की कमान भी संभाली।

दो राज्यों में मुख्यमंत्री बनने वाले पहले राजनेता

तिवारी का जन्म नैनीताल के बलौटी गांव में 14 अक्टूबर 1925 को हुआ था। शुरुआती पढ़ाई के बाद वे इलाहाबाद यूनिवर्सिटी गए, जहां से उन्होंने राजनीति शास्त्र में एमए और फिर एलएलबी की। वह 1947 में इलाहाबाद यूनिवर्सिटी छात्र संघ के अध्यक्ष चुने गए। 1947 से 1949 तक वे ऑल इंडिया स्टूडेंट कांग्रेस के सचिव रहे। एनडी तिवारी पहले ऐसे राजनीतिज्ञ थे, जो दो राज्यों में मुख्यमंत्री बनाए गए। 1976-77, 1984-85, 1988-89 तक वे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने। तिवारी 2002-2007 तक उत्तराखंड के सीएम रहे।

विवादों से भी रहा नाता

वयोवृद्ध कांग्रेसी नेता एनडी तिवारी का विवादों से भी नाता रहा। वह चाहे हैदराबाद में राज्यपाल के तौर पर कार्यकाल, उनके जैविक पुत्र का मामला हो या फिर अपने ही बनाए मेडिकल कालेज के गेट पर धरना देना हो।

जैविक पुत्र का मामला कोर्ट तक भी पहुंचा था। यह प्रकरण लंबा खींचा। 14 मई 2014 को उन्होंने उज्ज्वला तिवारी से 88 साल की आयु में शादी की। साथ ही एनडी तिवारी ने रोहित शेखर तिवारी को अपना बेटा माना था।

Categories: India

Related Articles