आज हड़ताल पर हैं दिल्ली के 400 पेट्रोल पंप, सीएम केजरीवाल ने बताया बीजेपी का हाथ

आज हड़ताल पर हैं दिल्ली के 400 पेट्रोल पंप, सीएम केजरीवाल ने बताया बीजेपी का हाथ

दिल्ली सरकार के पेट्रोल, डीजल पर वैट घटाने से इनकार करने के विरोध में सोमवार (22 अक्टूबर) को राष्ट्रीय राजधानी के 400 पेट्रोल पंप और उनसे जुड़े सीएनजी पंप बंद रहेंगे। दिल्ली पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन (डीपीडीए) ने एक बयान में यह बात कही है। डीपीडीए ने बयान में कहा कि दिल्ली में करीब 400 पेट्रोल पंप ऐसे हैं, इनमें कइयों से सीएनजी स्टेशन भी जुड़े हुए हैं, यह सभी दिल्ली सरकार के फैसले के विरोध में सोमवार को 24 घंटे के लिए बंद रहेंगे।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस हड़ताल को बीजेपी की साजिश करार दिया है। सीएम केजरीवाल ने कहा- पेट्रोल पंप मालिकों ने मुझे निजी तौर पर बताया है कि यह हड़ताल बीजेपी की ओर से प्रायोजित है। इसको तेल कंपनियों का समर्थन है। बीजेपी के लोग पंप मालिकों को ऐसा करने के लिए दबाव बना रहे हैं। बीजेपी को जनता चुनाव में इसका जवाब देगी।

ये सभी पंप 22 अक्टूबर सुबह 6 बजे से लेकर 23 अक्टूबर को सुबह 5 बजे तक बंद रहेंगे। डीपीडीए के अध्यक्ष निश्चल सिंघानिया ने कहा, “केंद्र सरकार ने चार सितंबर को पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क सहित 2.50 रुपये प्रति लीटर की कटौती की थी। जिसके बाद पड़ोसी राज्य हरियाणा, उत्तर प्रदेश समेत विभिन्न राज्यों ने अपने वैट (मूल्य वर्धित कर) में भी इतनी ही कटौती कर जनता को पांच रुपये तक राहत दी थी।”

समाचार एजेंसी भाषा के मुताबिक उन्होंने कहा, “लेकिन दिल्ली सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर वैट घटाने से इनकार कर दिया जिसके परिणामस्वरूप दिल्ली में पड़ोसी राज्यों उत्तर प्रदेश और हरियाणा की तुलना में ईंधन महंगा हो गया।” सिंघानिया ने कहा कि दिल्ली में ईंधन महंगा और उत्तर प्रदेश एवं हरियाणा जैसे राज्यों में सस्ता होने से ग्राहक वहां के पेट्रोल पंपों पर जा रहे हैं। इससे राजधानी के पेट्रोल पंपों की बिक्री में भारी गिरावट आई है।

उन्होंने कहा कि सीमावर्ती राज्यों के मुकाबले दाम में अंतर होने की वजह से दिल्ली में डीजल की बिक्री में 50 से 60 प्रतिशत और पेट्रोल की बिक्री में इस तिमाही में 25 प्रतिशत तक गिरावट आई है। डीपीडीए के अध्यक्ष ने कहा कि सोमवार को दिल्ली के सभी 400 पंप पेट्रोल, डीजल की न ही खरीद करेंगे और न ही बिक्री होगी।

संगठन ने दिल्ली सरकार से आग्रह किया है कि वह पेट्रोल, डीजल पर तुरंत वैट में कटौती करे और वाहन चालकों को यूरो- छह श्रेणी का ईंधन खरीदने के लिये प्रोत्साहित करे। इससे न केवल राज्य सरकार के राजस्व नुकसान की भरपाई होगी बल्कि पेट्रोल पंप मालिकों और उनके कर्मचारियों की जीविका को भी बचाया जा सकेगा।

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