साहेब! अब तो सांस लेने में भी लगता है डर

साहेब! अब तो सांस लेने में भी लगता है डर

नई दिल्ली (नवोदय टाइम्स): दिल्ली में प्रदूषण का स्तर सुधर नहीं रहा है। दमघोंटू हवा में सांस लेना मजबूरी बन गई है। लोगों को सांस लेने में तकलीफ हो रही है और आंखों में जलन से लोग बेहाल हैं। पड़ोसी राज्यों में पराली जलाए जाने के कारण स्थिति भयावह होती जा रही है। प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार मिलकर कड़ी निगरानी का अभियान चला रही है। बावजूद इसके लोग प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों को रोक नहीं रहे हैं। गुरुवार को केंद्रीय पर्यावरण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने पड़ोसी राज्यों के पर्यावरण मंत्रियों की बैठक बुलाई। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री इमरान हुसैन और पड़ोसी राज्यों के अधिकारी बैठक में पहुंचे। बैठक में मंत्रालय द्वारा गठित 41 निगरानी दलों द्वारा रिपोर्ट दी गई, जिसमें बताया गया कि नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद, गुड़गांव आदि शहरों में वायु प्रदूषण संबंधी मानकों का पालन ठीक से नहीं किया जा रहा है।

मानकों का पालन नहीं किया तो मुकदमा
बैठक में बताया गया कि 10 नवंबर तक एनसीआर के शहरों में स्वच्छ वायु अभियान चलाया जाएगा। निगरानी दल शहरों में लगातार नजर रखेंगे कि प्रदूषण नहीं फैलाया जाए और हर स्तर पर मानकों का पूरा पालन किया जाए। दिल्ली सरकार और तीनों नगर निगम के अधिकारियों के 70 दल दिल्ली में विशेष रूप से निगरानी अभियान चला रहे हैं। दलों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि प्रदूषण मानकों का उल्लंघन करने वाले को नोटिस दें। यदि इसके बाद भी कोई मानकों का पालन नहीं करे तो उसके खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज कराया जाए।

शहरों का वायु गुणवत्ता सूचकांक

दिल्ली 393
गाजियाबाद 377
फरीदाबाद 407
गुरुग्राम 427
नोएडा 407
ग्रेटर नोएडा 391

संभल कर खरीदें मास्क
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के सचिव डॉ. वीके मोंगा के मुताबिक लोगों को मास्क खरीदते समय पूरी पड़ताल करनी चाहिए। जिस मास्क के जरिए प्रदूषण के कणों को रोकना सक्षम हो, वही खरीदें। डॉ. मोंगा के मुताबिक, दिल्ली में जिस तरह की स्थिति है, उसे देखते हुए मास्क भी एक सीमा के बाद हानिकारक कणों को शरीर में जाने से रोक नहीं पा रहे हैं। एन 95 फिल्टर युक्त मास्क ही लेना चाहिए। मास्क के साथ घर से अधिकतम दो घंटे के लिए ही बाहर रहना चाहिए।

ट्विटर और फेसबुक पर करें शिकायत
दिल्ली और एनसीआर में प्रदूषण की शिकायतें ट्विटर और फेसबुक के माध्यम से की जा सकेंगी। सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के नाम से अकाउंट है। बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट को यह जानकारी दी है। न्यायमूर्ति मदन बी लोकूर की अध्यक्षता वाली पीठ ने सीपीसीबी से कहा कि ट्विटर और फेसबुक अकाउंट की जानकारी जन-जन तक पहुंचे। इसके लिए बड़े स्तर पर प्रचार अभियान चलाएं। इससे नागरिक खुद शिकायत कर सकेंगे।

अस्थमा की नियमावली जारी
खराब वायु गुणवत्ता की वजह से बढ़ रही स्वास्थ्य समस्याओं को देखते हुए डॉ. हर्षवर्धन ने अस्थमा को लेकर एक नियमावली जारी की है। यह 11 भाषाओं मेें है। पुस्तिका में बताया गया कि स्कूल प्रशासन आपातकाल की स्थिति में क्या उपाय अपना सकता है। साथ ही, बच्चों में अस्थमा की पहचान और जानकारी भी दी गई है। इसके साथ सुरक्षित और सकारात्मक माहौल देने की सर्वश्रेष्ठ व्यवस्था की जानकारी भी दी गई है।

मनोज तिवारी ने शुरू किया ‘मास्क4लाइफ’ कैंपेन
दिल्ली भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने अपनी मीडिया टीम को चैलेंज करते हुए कहा कि अपनी मास्क वाली फोटो को ट्वीट करें और तीन और लोगों को आगे टैग करें, क्योंकि ‘मास्क4लाइफ’ एक ऐसा विषय है कि अगर आज दिल्ली में इस पर जन जागरण अभियान नहीं चलाया गया तो हो सकता है कि दिल्लीवालों को जिंदगी भर मास्क डालकर रहना पड़े। दूसरी ओर, आनंद विहार बस अड्डे व उसके आसपास उत्तर प्रदेश रोडवेज की डीजल बसों के कारण प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ रहा है। इसी को लेकर गुरुवार को पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण, प्राधिकरण के अध्यक्ष भूरेलाल आनंद विहार पहुंचे और उन्होंने अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। इस दौरान उन्होंने दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण को लेकर सुबह अधिकारियों के साथ आनंद विहार के आसपास की सड़कों का जायजा लिया।

Courtesy: PunjabKesari

Categories: India
Tags: Delhi, mask, pollution

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