इलाहाबाद बैंक को 3054 करोड़ रुपये देगी मोदी सरकार, 1944 करोड़ रुपये का हुआ था घाटा

इलाहाबाद बैंक को 3054 करोड़ रुपये देगी मोदी सरकार, 1944 करोड़ रुपये का हुआ था घाटा

केंद्र सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के इलाहाबाद बैंक में 3,054 करोड़ रुपये की पूंजी डाल रही है। बैंक ने गुरुवार (8 नवंबर) को यह जानकारी दी कि इस पूंजी की एवज में सरकार को वरीय शेयर (प्रिफेरेंशियल शेयर) जारी किए जाएंगे। जानकारों की मानें तो बैंक को एक साल पहले 28.8 करोड़ रुपये के मुनाफे के मुकाबले 1,944 करोड़ रुपये का जून तिमाही में घाटा हुआ है। दरअसल, जानकारों का कहना है कि बैंक कर्ज की वसूली नहीं कर पा रही है।

समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक इलाहाबाद बैंक ने गुरुवार को कहा कि केंद्र सरकार चालू वित्तवर्ष में बैंक में 3,054 करोड़ रुपये की पूंजी डालेगी। बयान में कहा गया, “सरकार ने बैंक को सूचना दी है कि वह वित्त वर्ष 2018-19 में बैंक 3,054 करोड़ रुपये की पूंजी इक्विटी शेयरों (विशेष सिक्युरिटी/बांड्स) के तरजीही आवंटन के बदले निवेश के रूप में डालेगी।”

चालू वित्तवर्ष की तीसरी तिमाही के अंत में इलाहाबाद बैंक की पूंजी पर्याप्तता अनुपात बासेल-3 नियमन के मुताबिक 6.88 फीसदी रह गई थी, और इस बैंक में सरकार की हिस्सेदारी 71.81 फीसदी थी। बैंक चालू वित्तवर्ष की पहली तिमाही में 1,944.37 करोड़ रुपये का घाटा दर्ज किया है, जबकि पिछले वित्तवर्ष की समान तिमाही में बैंक को 28.84 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था।

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने कोलकाता स्थित मुख्यालय वाले इस बैंक पर इस साल मई में शीघ्र सुधार कार्रवाई (पीसीए) फ्रेमवर्क के तहत अतिरिक्त पाबंदी लगाई थी। रिपोर्ट की मानें तो देश के बाकी बैंकों की तरह इलाहाबाद बैंक भी कर्ज वापस लेने की तैयारी कर रहा है। इसके अलावा बैंक मुंबई में दो संपत्ति बेचकर अपनी पूंजी बढ़ाएगा।

Courtesy: jantakareporter

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