“जब बहुमत में आएंगे तो राम मंदिर बनाएंगे, अब बहुमत है तो ‘राम मंदिर की हवा’ बनाएंगे”, पुण्य प्रसून बाजपेयी का ट्वीट वायरल

“जब बहुमत में आएंगे तो राम मंदिर बनाएंगे, अब बहुमत है तो ‘राम मंदिर की हवा’ बनाएंगे”, पुण्य प्रसून बाजपेयी का ट्वीट वायरल

उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद जमीन विवाद का मुद्दा फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में है, जिसमें अगली सुनवाई अगले साल जनवरी में होगी। लेकिन अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव के मद्देनजर केंद्र और राज्य में सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) एक फिर भगवान राम के सहारे अपनी चुनावी नैया पार करने की कोशिश में लग गए हैं।

बीजेपी गठबंधन में साझीदार सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष और योगी सरकार के मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने पिछले दिनों साफ तौर पर कहा कि बीजेपी को बस चुनाव के समय राम मंदिर याद आता है। दिल्ली में सरकार बने साढ़े चार साल हो गए हैं, लेकिन अभी तक मंदिर ध्यान नहीं आया है अब चुनाव में राम के सहारे नैया पार करना चाहते हैं।

शायद हिंदू समुदाय का बीजेपी से मोहभंग होता देख राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और विश्व हिंदू परिषद भी सरकार पर अब राम मंदिर को लेकर दबाव बनाना शुरू कर दिए हैं। रविवार को अयोध्या में विश्व हिंदू परिषद ने धर्म संसद के अपने आयोजन में केंद्र की मोदी सरकार से अपील की है कि राम मंदिर बनाने के लिए सरकार अध्यादेश लाए।

वहीं दूसरी ओर इस संसद में भाग लेने पहुंचे शिवसेना के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि अगर मंदिर नहीं बनता है तो बीजेपी सत्ता से बाहर होगी। इसके अलावा विश्व हिंदू परिषद के पूर्व नेता डॉ प्रवीण तोगड़िया ने कहा कि बीजेपी के पास संसद में पूर्ण बहुमत होने के बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण कराने के लिए कानून बनाने में विफल रहे हैं।

पत्रकार ने कसा तंज

लोग अब बीजेपी का चाल को समझ चुके हैं। यही वजह है कि विश्व हिंदू परिषद के धर्म संसद के आयोजन के दौरान शहर की सड़कों पर उतनी भीड़ नहीं दिखी, जिसके दावे किए जा रहे थे। दरअसल, लोगों को कहना है कि केंद्र और राज्य दोनों में सरकार होने के बावजूद राम मंदिर को लेकर बीजेपी इतनी लाचार क्यों नजर आ रही है। वरिष्ठ पत्रकार पुण्य प्रसून बाजपेयी ने राम मंदिर को लेकर जारी घमासान पर बीजेपी और केंद्र सरकार पर तंज कसते हुए निशाना साधा है।

बाजपेयी ने अपने ट्वीट में लिखा है, “उसी का शहर वही मुद्दई वही मुंसिफ़…हमें यक़ीन था हमारा क़ुसूर निकलेगा…जब बहुमत में आयेगें तो राम मंदिर बनायेगें…केन्द्र में पूर्ण बहुमत… यूपी में पूर्ण बहुमत…अब बहुमत है तो राम मंदिर की हवा बनायेगें…योगी अयोध्या बार बार जायेगें…मोदी अयोध्या से दूरी बनायेगें..” पुण्य प्रसून बाजपेयी का यह ट्वीट सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।

आपको बता दें कि ABP न्यूज में पिछले दिनों भारी उथल पुथल देखने को मिला था। मोदी सरकार के आलोचक के रूप में चैनल में कार्यरत प्रमुख नामों को कथित तौर पर इस्तीफा देने पर मजबूर कर दिया गया। 24 घंटे के अंदर चैनल के मैनेजिंग एडिटर मिलिंद खांडेकर और वरिष्ठ पत्रकार व एंकर पुण्य प्रसून बाजपेयी ने ABP न्यूज से इस्तीफा दे दिया। वहीं इन दोनों के कुछ दिन बाद अभिसार शर्मा को भी इस्तीफा देना पड़ा था।

पीएम मोदी कांग्रेस के सिर पर फोड़ा ‘ठीकरा’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कांग्रेस पर आरोप लगाया कि विपक्षी दल ने सुप्रीम कोर्ट से अयोध्या मामले पर सुनवाई में 2019 के लोकसभा चुनाव के मद्देनजर विलंब करने को कहा था। पीएम मोदी ने राजस्थान के अलवर में एक चुनावी रैली में, सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या मामले की सुनवाई का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस के नेता और राज्यसभा के एक सदस्य ने न्यायालय से 2019 तक सुनवाई में विलंब करने को कहा था, क्योंकि 2019 में चुनाव है।

प्रधानमंत्री ने सवाल किया ‘‘देश के न्यायतंत्र को इस तरह राजनीति में घसीटना ठीक है क्या?’’ मोदी ने कहा, ‘’जब सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश अयोध्या जैसे गंभीर संवेदनशील मसलों में सबका पक्ष सुनना चाह रहे थे तब कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य और वकील न्यायालय के न्यायाधीशों के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाकर उन्हें डरा धमका रहे थे।’’

उन्होंने कहा कि कांग्रेस के इस नए खेल के संबंध में वह देश के बुद्धिजीवियों से, राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य के लिये गंभीरतापूर्वक इसे कसौटी पर कसने का अनुरोध करते हैं। प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस का न्यायपालिका में भरोसा नहीं है, लेकिन ‘‘हम यह काला कारनामा लोकतंत्र के मंदिर में नहीं होने देंगे।’’

Courtesy: jantakareporter

Categories: India

Related Articles