आखिर!!! राहुल गांधी के गोत्र में कैसे चकरा गई भाजपा????

आखिर!!! राहुल गांधी के गोत्र में कैसे चकरा गई भाजपा????

हाल में राजस्थान चुनाव के दौरे पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पुष्कर स्थित ब्रह्म मंदिर पहुंचे।

वहाँ के सुप्रसिद्ध पुष्कर सरोवर में दूध अर्पित करने के बाद, अपने कुल ब्राह्मण से संकल्प कराते हुए राहुल ने अपना गोत्र (कौल-दत्तात्रेय) बताया, कौल-दत्तात्रेय हिन्दू धर्म में कश्मीरी ब्राह्मण होते हैं… जो कि उन्हें उनके पूर्वज पंडित जवाहरलाल नेहरू से धरोहर में मिली है।

कुछ भाजपाइयों को इसमें भी शक था कि, कौल-दत्तात्रेय जाती ही नहीं होती, उनके लिए ये तथ्य काम आएँगे!

पुष्कर में उनके पुरोहित पं.दीनानाथ कौल और राजनाथ कौल ने राहुल गांधी का पूजा पाठ कराया और साथ ही यह भी बताया कि 1921 में मोतीलाल नेहरू पुष्कर आए थे, और वहा एक हफ्ते रुके भी तथा देशप्रेम का एक संदेश भी वहां के लोगों तक पहुंचाया था।

तब से लेकर अब तक गांधी परिवार के लगभग हर सदस्य, पुष्कर में दर्शन ज़रूर करने आता है। राजीव गाँधी भी 3 बार आए थे, राहुल गांधी का भी यहां दूसरी मरतबा दर्शन के लिए आए हैं, इससे पहले 2013 में भी आए थे। राहुल ने परम्परागत तरीके से वहां अपने हाथ से देश के नाम एक शांति सन्देश लिख पुजारी को भेंट भी किया था, जिसमे सबसे पहले जय हिन्द और फिर एक छोटा सन्देश भी था!

ब्राह्मणों ने एक पर्चे पर लिखकर यह भी बताया कि गांधी परिवार का हर सदस्य पुष्कर तीर्थ पर कितनी बार आया और कैसा महसूस किया! यह कुल ब्राह्मण भी पिछले 4 पीढ़ी से गांधी परिवार के लिए पूजा पाठ कर रहे हैं!


अब समस्या यह है कि भारतीय जनता पार्टी जोकि गांधी परिवार को हमेशा मुस्लिम दर्शाने का प्रयास करती थी वह मुद्दा उनके हाथ से फिसल गया और खुद राहुल गांधी ने नहीं बल्कि इन प्रचंड ब्राह्मणों ने इस बात की पुष्टि की…

अब यह भाजपा के लिए किसी तीर से कम नहीं,,, क्योंकि सदा से ही भारतीय जनता पार्टी और उनके अनुयायी राहुल गांधी व् गांधी परिवार के गोत्र पर हर चुनाव में एक मुद्दा बनाती आई है और जनेऊधारी होने पर कांग्रेस और गांधी परिवार को घेरने की कोशिश की है।

आइए जानते हैं गांधी परिवार की वंशावली वह उससे जुड़े कुछ खास तथ्य…

भाजपा और उनकी आईटी सेल ने हमेशा से एक भ्रमक फेक न्यूज़ फैलाकर राहुल गाँधी के दादा यानी फिरोज गाँधी को मुसलमान करार देने का भरपूर प्रयास किया है, जो कि असलियत में पारसी धर्म से थे, फिरोज जहांगीर गाण्डी से इंदिरा गाँधी का विवाह होने के पश्चात् भी इंदिरा गाँधी ने अपना धर्म नहीं बदला और हिन्दू रीति रिवाज़ से उनकी शादी हुई तथा उन्होंने सदैव ही हिन्दू धर्म का पालन किया और फिरोज जहांगीर गाण्डी से फिरोज गाँधी भी हो गए…


साथ ही शायद आपको ना पताही, पर इंदिरा गाँधी के पिता यानी देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के मृत्यु के पश्चात् उनके नाती राजीव गाँधी ने ही दिया था अपने नाना को मुखाग्नि.
आइये आपको अब धर्म के एंगल से भी बताते हैं, कैसे और क्यों नेहरू जी का गोत्र ही राहुल गाँधी का भी गोत्र होगा…

“वेदेषु पौरुषं सूक्तं धर्मग्रन्थेषु मानवम्”
यानी वेदों में पुरुष सूक्त व धर्मशास्त्र में “मनुस्मृति” प्रमुख हैं। मनुस्मृति के नवम अध्याय में श्लोक 127 द्रष्टव्य है। इससे सिद्ध है कि भ्रातृहीन कन्या से हुए दौहित्र को श्राद्धादि अधिकार होने से वह पुत्र के समान हो जाता है।

सिर्फ पुत्री संतान होने पर दौहित्र का गोत्र नाना के समान होगा। अतः जवाहरलाल नेहरू का गोत्र ही राहुल का भी है। जैसे:- दक्ष प्रजापति की कन्या और जाबाला के पुत्र जाबालि।

तो भाइयों और बहनों, भाजपा द्वारा फैलाए गए झूठों पर ध्यान ना दीजियेगा और अपना दिमाग का प्रयोग करिएगा, क्योंकि मोदी जी ने जो विकास का जुमला फेंका था वो तो नकली निकला, अब २०१९ का चुनाव लड़ने के लिए मुद्दे तो दाएं बाएं करना ही होगा और वह यही कर रही हैं, कभी हिन्दू-मुस्लमान, कभी गोत्र और कल को आपके परिवार का वन्शोत्तरी भी मांग सकते हैं ये धामेबाज़…

सतर्क रहिए, मस्त रहिए!

जल्दी मिलते हैं और एक नए भंडाफोड़ आर्टिकल के साथ!

जय हिन्द…

Regards,
Saurabh Rai.

Categories: Opinion

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