सुषमा स्‍वराज के बाद उमा भारती ने भी कहा- नहीं लड़ना चाहती 2019 का चुनाव

सुषमा स्‍वराज के बाद उमा भारती ने भी कहा- नहीं लड़ना चाहती 2019 का चुनाव

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की वरिष्ठ नेता उमा भारती ने कहा है कि वो अगले साल लोकसभा का चुनाव नहीं लड़ेंगी। मंगलवार को केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने इसका ऐलान करते हुए कहा कि वो अयोध्या में राम मंदिर के मुद्दे और अगले डेढ़ साल में गंगा नदी की सफाई के मुद्दों पर अपना ध्यान केंद्रित करना चाहती हैं, इसीलिए वो 2019 में लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगी। भोपाल में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वो राम मंदिर पर ज्यादा से ज्यादा काम करना चाहती हैं। उत्तर प्रदेश के झांसी से सांसद उमा भारती राम मंदिर निर्माण से जुड़े आंदोलन में सक्रिय रही हैं। उनकी पहचान भाजपा में एक फायर ब्रांड नेता के तौर पर है।

मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने पिछले ही हफ्ते राम मंदिर के मुद्दे पर कहा था कि उनकी पार्टी का राम मंदिर पर कोई एकाधिकार नहीं है उन्होंने राम मंदिर के निर्माण के लिए सभी पार्टियों के एक साथ आने का आह्वाहन भी किया था। साल 2014 में जब नरेंद्र मोदी की सरकार बनी थी तब उस वक्त उमा भारती को गंगा सफाई से जुड़े मंत्रालय का जिम्मा दिया गया था। हालांकि बाद में उन्हें पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय की जिम्मेदारी दे दी गई।

उमा भारती एनडीए सरकार की दूसरी ऐसी केंद्रीय मंत्री हैं जिन्होंने अगले साल लोकसभा चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया है। उनसे पहले विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने भी बीते 20 नवंबर को ऐलान किया था कि वह अब और चुनाव नहीं लड़ेंगी। सुषमा स्वराज मध्य प्रदेश के विदिशा लोकसभा सीट से सासंद हैं। सुषमा स्वराज के इस फैसले के बाद कहा गया है कि विदेश मंत्री ने यह फैसला अपनी सेहत को देखते हुए लिया है। चिकित्सकों ने उन्हें इन्फेक्श से बचने की सलाह दी है। इसलिए विदेश मंत्री ने अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव में नहीं उतरने का फैसला किया। बता दें कि सुषमा स्वराज 11 चुनाव लड़ चुकी हैं।

COurtesy: .jansatta.

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