छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव: बहुमत से काफी आगे निकली कांग्रेस

छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव: बहुमत से काफी आगे निकली कांग्रेस

90 सीटों वाले छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के शुरूआती रुझानों में कांग्रेस 57, बीजेपी 26, बीएसपी गठबंधन पांच व अन्य सात सीट पर आगे चल रही है.

रायपुर: छत्तीसगढ़ में 90 विधानसभा सीटों के लिए मंगलवार की सुबह वोटों की गिनती शुरू हो गई. शुरूआती रुझानों में कांग्रेस 55, बीजेपी 22, बीएसपी गठबंधन पांच व अन्य एक सीट पर आगे चल रही है.

शाम तक राज्य के निवर्तमान मुख्यमंत्री रमन सिंह और कई अन्य वरिष्ठ नेताओं समेत 1,269 उम्मीदवारों के राजनीतिक भाग्य का फैसला हो जाएगा. तथा साथ ही नई सरकार के गठन का रास्ता भी साफ होगा.

राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि सभी 90 विधानसभा क्षेत्रों के लिए सुबह आठ बजे से वोटों की गिनती शुरू हो गई.

तगणना के लिए 5,184 गणनाकर्मी और 1,500 माईक्रोऑब्जर्वर नियुक्त किये गये हैं. प्रत्येक हॉल में मतगणना के लिए 14 टेबल, रिटर्निंग अफसर मेज और डाक मतपत्रों की गणना की मेज लगाई गई है.

अधिकारियों ने बताया कि मतगणना केंद्रों में त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई है. प्रत्येक स्तर पर पहचान पत्र की जांच के उपरांत ही प्रवेश दिया जा रहा है. वहीं मतगणना और सारणीकरण की समस्त प्रक्रिया की वीडियोग्राफी हो रही है.

उन्होंने बताया कि मतगणना हॉल में प्रत्येक रिटर्निंग अफसर द्वारा सर्वप्रथम डाकमतपत्र की गिनती की जाएगी. डाकमतपत्र की गिनती प्रारंभ होने के 30 मिनट के बाद ईवीएम में दर्ज मतों की गिनती प्रारंभ की जाएगी.

अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ में विधानसभा क्षेत्रों में ईवीएम से डाले गये मतों की प्रत्येक चरण में 14 टेबल पर गणना होगी. सबसे अधिक कवर्धा विधानसभा क्षेत्र में 30 चरण में गिनती होगी एवं सबसे कम मनेन्द्रगढ़ विधानसभा में 11 चरणों में मतों की गिनती होगी.

उन्होंने बताया कि मतगणना में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सभी संभव कदम उठाए गए हैं.

छत्तीसगढ़ में 90 सीटों के लिए दो चरणों में 12 नवंबर और 20 नवंबर को मतदान हुआ था. जिसमें 76.60 फीसदी मतदान हुआ था.

मतगणना के साथ ही मुख्यमंत्री रमन सिंह, उनके मंत्रिमंडल के 11 सदस्यों, विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल, कांकेर लोकसभा क्षेत्र के सांसद विक्रम उसेंडी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष धरमलाल कौशिक, विपक्ष के नेता टीएस सिंहदेव, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल, दुर्ग लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस सांसद ताम्रध्वज साहू, जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के मुखिया और पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी समेत 1,269 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला होगा. इनमें 133 महिला उम्मीदवार भी शामिल हैं.

छत्तीसगढ़ में विधानसभा का यह चौथा चुनाव है. इससे पहले तीन चुनावों में भारतीय जनता पार्टी जीत हासिल कर पिछले 15 वर्षों से सत्ता में है. वहीं कांग्रेस को लगातार हार का सामना करना पड़ा है.

राज्य में भाजपा और कांग्रेस के मध्य ही मुकाबला होता आया है लेकिन इस बार के चुनाव में अजीत जोगी की पार्टी ने बहुजन समाज पार्टी के साथ गठबंधन कर मुकाबला को त्रिकोणीय बना दिया. कुछ सीटों पर उनकी पार्टी का दखल होने से मुकाबला रोचक हो गया है.

लगभग डेढ़ महीने के दौरान चुनावी रैलियों में राजनीतिक पार्टियां गांव, गरीब, किसान, रोजगार और भ्रष्टाचार के मुद्दों को लेकर आमने सामने रही.

राज्य में जीत हासिल करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, बसपा प्रमुख मायावती समेत अनेक नेताओं ने राज्य का दौरा किया और मतदाताओं को संबोधित किया.

चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने चार रैलियों, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने 16 रैलियों, योगी आदित्यनाथ ने 24 रैलियों तथा मुख्यमंत्री रमन सिंह ने राज्य भर में 69 रैलियों को संबोधित किया है. वहीं कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने राज्य में 19 सभाएं कर अपनी पार्टी के लिए वोट मांगा है.

राज्य की 90 विधानसभा सीटों में से 29 सीटें अनुसूचित जनजाति के लिए तथा 10 सीटें अनुसूचित जाति के लिए सुरक्षित हैं. राज्य में इन सुरक्षित सीटों पर बड़ी जीत सत्ता तक आसान पहुंच का रास्ता है.

2013 में हुए चुनाव में भाजपा ने 49 सीटों पर जीत के साथ सरकार बनाई थी. वहीं कांग्रेस को 39 सीटों पर, बहुजन समाज पार्टी को एक सीट पर जीत मिली थी. जबकि एक सीट पर स्वतंत्र उम्मीदवार की जीत हुई थी.

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