पहाड़ों पे ट्रेकिंग करते समय कुछ बातों का हमेशा ध्यान रखें और अपने ट्रीप को अच्छा यादगार बनाये

पहाड़ों  पे ट्रेकिंग  करते  समय कुछ बातों का हमेशा ध्यान रखें और अपने ट्रीप  को अच्छा यादगार बनाये

 

ट्रेकिंग पर जाना बहुत ही रोमांचक अनुभव होता है लेकिन बहुत अधिक उत्‍साह आपके सफर का मजा किरकिरा भी कर सकता है. इसलिये कुछ बातों का हमेशा ध्यान रखना चाइये

ग्रुप और अपने दोस्‍तों के साथ घूमने का मजा ही अलग होता है और कुछ रोमांचक पलों को समेटने में वाकई बहुत मजा आता है. जब हम अपने दोस्तों के साथ घूमने जाते है वो मस्ती वो पल बहुत अच्छे होते है

इसलिये कुछ बाते जिनका ख़याल रखना बहुत जरुरी है कुछ जरुरी टिप्स

इस सफर में पानी है आपका हमसफर
पहाड़ों पर चढ़ने और उतरने के दौरान कई तरह की स्थिति का सामना करना पड़ सकता है. एक बार चढ़ाई शुरू कर दी तो उसे पूरा करने का ही कुछ और होता है. चढ़ाई के दौरान बॉडी को बैलेंस्‍ड रखना बहुत जरूरी होता है. इसलिए आपके पास पानी के लगभग 4 से 5 स्‍टॉक होने चाहिए.
पानी बॉडी को डिहाइड्रेशन से बचा कर रखता है. हर 20 मिनट के बाद पानी की कुछ मात्रा लेते रहें ताकि शरीर में पानी का बैलेंस में बना रहे. ध्‍यान रखें एकसाथ ढेर सारा पानी न पीएं.

रफ्तार को रखें नियंत्रित
बहुत ही ध्‍यान से और आराम से चढ़ाई करें. बहुत ज्‍यादा तेजी आपके लिए नुकसानदेह हो सकती है. एक्‍सपर्ट भी ऐसी चीजें करने के लिए मना करते हैं.
अपने बॉडी स्‍टेमना के अनुसार ही चढ़ाई की रफ्तार को घटाएं-बढ़ाएं न कि दूसरे व्‍यक्ति को देखकर. ऐसा करके आप बहुत सारी समस्‍याओं से बचे रहेंगे.

नाश्‍ता करना न भूलें
दिन की शुरुआत नाश्‍ते से करना सेहत के लिए बुहत अच्‍छा होता है. ऐसी बातें आपने कई बार सुनी और पढ़ी होंगी. ट्रेकिंग के समय भी नाश्‍ता आपके लिए हेल्‍पफुल होगा क्‍योंकि बॉडी में एनर्जी बनाए रखने के लिए बहुत जरूरी है. यह आपको ट्रेकिंग के दौरान लगने वाली भूख से बचाएगा. नाश्‍ते में ज्‍यादा चाय या कॉफी का सेवन न करें. इससे आपको डिहाइड्रेशन की समस्‍या हो सकती है.

एल्‍कोहल को कहें न
पहाड़ों की खूबसूरती, ठंडी हवा के झोंके और हसीं वादियों के बीच कैम्‍प मस्‍ती आपको झूमने के लिए उकसा सकती है. लेकिन आपका शराब से दूर रहना ही बेहतर होगा क्‍योंकि शराब पीने के बाद पहाड़ों पर चलना मुश्किल होता है. शराब का सेवन आप के लिए हानिकारक हो सकता है

अकेले न निकलें
अकेले ट्रेकिंग करने की सोचें भी नहीं. अपने दोस्‍तों या ग्रु्प के साथ ही ट्रेकिंग करें. ट्रेकिंग का सबसे बड़ा रूल है संयम और अनुशासन जिसका ध्‍यान रखना आपको कई समस्‍याओं से बचा सकता है.

BY :Kiran chauhan

Categories: Opinion