शिवसेना का BJP पर हमला, कहा- सोनिया गांधी का नाम लेने के लिए मिशेल पर दबाव

शिवसेना का BJP पर हमला, कहा- सोनिया गांधी का नाम लेने के लिए मिशेल पर दबाव

शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी पर हमला किया है. इसमें कहा गया है कि अगस्ता वेस्टलैंड मामले में सोनिया गांधी का नाम लेने के लिए मिशेल पर दबाव डाला जा रहा है.

शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना के जरिए एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है. सामना में छपे लेख में शिवसेना ने कहा है कि अगस्ता वेस्टलैंड मामले में सोनिया गांधी का नाम लेने के लिए क्रिश्चियन मिशेल पर पर दबाव डाला जा रहा है. इसमें यह भी कहा कि सोनिया गांधी या कांग्रेस के प्रति हमारे मन में किसी प्रकार की कोई ममता होने का सवाल ही नहीं उठता, लेकिन राजनीतिक षड्यंत्र के लिए सरकारी मशीनरियों का मनमाना इस्तेमाल बंद होना चाहिए.

बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय ने दिल्ली की एक अदालत में यह जानकारी दी कि 3600 करोड़ के अगस्ता वेस्टलैंड हेलिकॉप्टर सौदे के ‘ब्रिटिश दलाल’ क्रिश्चियन मिशेल ने जांच के दौरान मिसेज गांधी का नाम लिया है. इस जानकारी पर कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच खींचतान शुरू हो गई.

विधानसभा चुनावों के लिए किया गया मिशेल का इस्तेमाल

सामना में पीएम मोदी को निशाने पर लेते हुए कहा गया है, ‘ये जो कोई मिशेल या फिशेल है, उसे दुबई से कब्जे में लेकर जब दिल्ली लाया गया तब 5 राज्यों का चुनाव प्रचार चरम पर था और भाजपा में खलबली मची हुई थी. प्रधानमंत्री मोदी ने एक-दो बड़ी जनसभाओं में मिशेल का उल्लेख कर कहा, देखो, अब क्या विस्फोट होता है, ब्रिटेन से दलाल आया है, अब मैं किसी को नहीं छोड़ूंगा. इन बातों का अर्थ अब समझ में आ रहा है.’

शिवसेना ने कहा, ‘यह संकेत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिया कि मिशेल, सोनिया गांधी और उनके बच्चे का नाम लेने वाला है. मिशेल की जांच शुरू होने से पहले ही मोदी ने गांधी की ओर उंगली दिखाकर जांच की दिशा स्पष्ट कर दी, यह थोड़ा हास्यास्पद लगता है. मिशेल को हिंदुस्तान लाने के बाद भी पांच राज्यों में मोदी प्रणीत भाजपा का जो पराभव होना था, वो ही हुआ. अब मिशन मिशेल का लक्ष्य 2019 है और ऐसा स्पष्ट दिखाई दे रहा है. मिशेल कोठरी में है और अंदर क्या चल रहा है ये कोई नहीं बता सकता.’

सोहराबुद्दीन एनकाउंटर मामले में फैसले को लेकर साधा निशाना

मुखपत्र में कहा गया कि सोहराबुद्दीन एनकाउंटर मामले का नतीजा इस बीच आया और अमित शाह सहित सारे अभियुक्त निर्दोष छूट गए. शिवसेना ने कहा कि अगस्ता मामले में सोनिया गांधी का नाम लेने के लिए मिशेल पर दबाव डाला जा रहा है. इसका सीधा-सीधा अर्थ यह है कि सरकारी मशीनरी दो-चार लोगों के पैरों तले है और राजनीतिक विरोधियों को विभिन्न मामलों में अटकाने के लिए इनका गलत इस्तेमाल किया जा रहा है. अगस्ता वेस्टलैंड मामले में 432 करोड़ रुपये की रिश्वत बांटी गई तथा देश के पूर्व सेना प्रमुख की भी इस मामले में गिरफ्तारी हुई. इससे ज्यादा हैरान करने वाली दूसरी और क्या बात हो सकती है!

अगस्ता के चलते राफेल घोटाले को नहीं भूलेगी जनता

सामना में कहा गया है कि अगस्ता वेस्टलैंड मामले में दलाली मिली है और संबंधित आरोपी कितने ही बड़े क्यों न हों, उन्हें छोड़ा नहीं जा सकता और कांग्रेस को इस मामले में जवाब देना पड़ेगा, लेकिन अगस्ता वेस्टलैंड मामले में मिशेल ने मिसेज गांधी का नाम लिया इसलिए कोई ये ना समझे कि लोग राफेल विमान घोटाले को लोग भूल जाएंगे.

क्वात्रोची के बाद अब देश में शुरू होगा मिशेल पुराण

लेख के मुताबिक, सोनिया गांधी और उनके बेटे राहुल गांधी को 2019 से पहले घेरने की यह कोशिश है और क्वात्रोची के बाद अब देश में मिशेल पुराण शुरू होगा. मिशेल अंदर है और बाहर भक्तों ने उसकी जय-जयकार शुरू की है. इसमें कहा कि ऐसा लगता है कि अब महंगाई, बेरोजगारी, नोटबंदी, किसानों की आत्महत्या, राम मंदिर जैसे मामले प्रचार में पीछे हो जाएंगे और मिशेल महाराज के नाम का ही जप होगा. इन सबकी सहानुभूति गलती से श्रीमती गांधी तथा उनके परिवार को न मिल जाए यही हमारी भारत माता के चरणों में प्रार्थना है. इस ‘हाथापाई’ से देश और जनता को क्या मिलेगा?

शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना के जरिए एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है. सामना में छपे लेख में शिवसेना ने कहा है कि अगस्ता वेस्टलैंड मामले में सोनिया गांधी का नाम लेने के लिए क्रिश्चियन मिशेल पर पर दबाव डाला जा रहा है. इसमें यह भी कहा कि सोनिया गांधी या कांग्रेस के प्रति हमारे मन में किसी प्रकार की कोई ममता होने का सवाल ही नहीं उठता, लेकिन राजनीतिक षड्यंत्र के लिए सरकारी मशीनरियों का मनमाना इस्तेमाल बंद होना चाहिए.

बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय ने दिल्ली की एक अदालत में यह जानकारी दी कि 3600 करोड़ के अगस्ता वेस्टलैंड हेलिकॉप्टर सौदे के ‘ब्रिटिश दलाल’ क्रिश्चियन मिशेल ने जांच के दौरान मिसेज गांधी का नाम लिया है. इस जानकारी पर कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच खींचतान शुरू हो गई.

विधानसभा चुनावों के लिए किया गया मिशेल का इस्तेमाल

सामना में पीएम मोदी को निशाने पर लेते हुए कहा गया है, ‘ये जो कोई मिशेल या फिशेल है, उसे दुबई से कब्जे में लेकर जब दिल्ली लाया गया तब 5 राज्यों का चुनाव प्रचार चरम पर था और भाजपा में खलबली मची हुई थी. प्रधानमंत्री मोदी ने एक-दो बड़ी जनसभाओं में मिशेल का उल्लेख कर कहा, देखो, अब क्या विस्फोट होता है, ब्रिटेन से दलाल आया है, अब मैं किसी को नहीं छोड़ूंगा. इन बातों का अर्थ अब समझ में आ रहा है.’

शिवसेना ने कहा, ‘यह संकेत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिया कि मिशेल, सोनिया गांधी और उनके बच्चे का नाम लेने वाला है. मिशेल की जांच शुरू होने से पहले ही मोदी ने गांधी की ओर उंगली दिखाकर जांच की दिशा स्पष्ट कर दी, यह थोड़ा हास्यास्पद लगता है. मिशेल को हिंदुस्तान लाने के बाद भी पांच राज्यों में मोदी प्रणीत भाजपा का जो पराभव होना था, वो ही हुआ. अब मिशन मिशेल का लक्ष्य 2019 है और ऐसा स्पष्ट दिखाई दे रहा है. मिशेल कोठरी में है और अंदर क्या चल रहा है ये कोई नहीं बता सकता.’

सोहराबुद्दीन एनकाउंटर मामले में फैसले को लेकर साधा निशाना

मुखपत्र में कहा गया कि सोहराबुद्दीन एनकाउंटर मामले का नतीजा इस बीच आया और अमित शाह सहित सारे अभियुक्त निर्दोष छूट गए. शिवसेना ने कहा कि अगस्ता मामले में सोनिया गांधी का नाम लेने के लिए मिशेल पर दबाव डाला जा रहा है. इसका सीधा-सीधा अर्थ यह है कि सरकारी मशीनरी दो-चार लोगों के पैरों तले है और राजनीतिक विरोधियों को विभिन्न मामलों में अटकाने के लिए इनका गलत इस्तेमाल किया जा रहा है. अगस्ता वेस्टलैंड मामले में 432 करोड़ रुपये की रिश्वत बांटी गई तथा देश के पूर्व सेना प्रमुख की भी इस मामले में गिरफ्तारी हुई. इससे ज्यादा हैरान करने वाली दूसरी और क्या बात हो सकती है!

अगस्ता के चलते राफेल घोटाले को नहीं भूलेगी जनता

सामना में कहा गया है कि अगस्ता वेस्टलैंड मामले में दलाली मिली है और संबंधित आरोपी कितने ही बड़े क्यों न हों, उन्हें छोड़ा नहीं जा सकता और कांग्रेस को इस मामले में जवाब देना पड़ेगा, लेकिन अगस्ता वेस्टलैंड मामले में मिशेल ने मिसेज गांधी का नाम लिया इसलिए कोई ये ना समझे कि लोग राफेल विमान घोटाले को लोग भूल जाएंगे.

क्वात्रोची के बाद अब देश में शुरू होगा मिशेल पुराण

लेख के मुताबिक, सोनिया गांधी और उनके बेटे राहुल गांधी को 2019 से पहले घेरने की यह कोशिश है और क्वात्रोची के बाद अब देश में मिशेल पुराण शुरू होगा. मिशेल अंदर है और बाहर भक्तों ने उसकी जय-जयकार शुरू की है. इसमें कहा कि ऐसा लगता है कि अब महंगाई, बेरोजगारी, नोटबंदी, किसानों की आत्महत्या, राम मंदिर जैसे मामले प्रचार में पीछे हो जाएंगे और मिशेल महाराज के नाम का ही जप होगा. इन सबकी सहानुभूति गलती से श्रीमती गांधी तथा उनके परिवार को न मिल जाए यही हमारी भारत माता के चरणों में प्रार्थना है. इस ‘हाथापाई’ से देश और जनता को क्या मिलेगा?

Courtesy: aajtak

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