सवर्ण आरक्षण मोदी सरकार का राजनीतिक छलावा है, अगर नीयत साफ़ होती तो ये फैसला पहले लिया जाताः मायावती

सवर्ण आरक्षण मोदी सरकार का राजनीतिक छलावा है, अगर नीयत साफ़ होती तो ये फैसला पहले लिया जाताः मायावती

ग़रीब सवर्णों को 10 फ़ीसदी आरक्षण देने के केंद्र सरकार के फ़ैसले को बसपा सुप्रीमों मायावती ने चुनावी स्टंट बताया है। मायावती का कहना है कि, “लोकसभा चुनाव से पहले लिया गया ये फ़ैसला हमें सही नीयत से लिया गया फ़ैसला नहीं लगता है।

ये चुनावी स्टंट लगता है, राजनीतिक छलावा लगता है। अच्छा होता अगर बीजेपी ये फ़ैसला अपना कार्यकाल ख़त्म होने से पहले नहीं बल्कि बहुत पहले ले लेती”

मायावती ने ये भी कहा कि SC-ST, OBC को मिलने वाले 50 फ़ीसदी आरक्षण की समीक्षा की ज़रूरत है। इन तबकों को वहाँ भी आरक्षण मिले जहाँ अभी नहीं मिलता

मायावती सही कह रही हैं। अब जब 2019 के आम चुनाव में महज़ कुछ महीनें ही बाक़ी है, ऐसे में मोदी सरकार का ये फ़ैसला अपने ‘नोटा की ओर बढ़ रहे वोटबैंक’ को वापस अपनी ओर खींचने का एक जाल मालूम पड़ता है।

हालांकि बसपा प्रमुख मायावती ने ग़रीब सवर्णों को 10 फ़ीसदी आरक्षण के केंद्र सरकार के एलान का स्वागत किया है। मायावती का कहना है कि वो हमेशा से ग़रीब सवर्णों के आरक्षण की बात करती आई हैं।

2011 में तत्कालीन पीएम मनमोहन सिंह को लिखे पत्र में मायावती ने कहा था कि केंद्र सरकार संविधान के अनुच्छेद 9 में संशोधन कर आर्थिक रूप से कमज़ोर सवर्णों को नौकरियों और शिक्षा में आरक्षण दे। मायावती लगातार ग़रीब सवर्णों को आरक्षण देने की बात करती आई हैं।

Courtesy: /boltahindustan.

Categories: Politics

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