RSS नेता ने पुलिस स्टेशन पर फेंका बम, स्वरा भास्कर बोलीं- ऐसे आतंकवादी पर ‘पैलेट गन’ का इस्तेमाल कब होगा?

RSS नेता ने पुलिस स्टेशन पर फेंका बम, स्वरा भास्कर बोलीं- ऐसे आतंकवादी पर ‘पैलेट गन’ का इस्तेमाल कब होगा?

सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश करने के मंदिर का शुद्धिकरण तो कर दिया गया मगर केरल के स्थानिय लोगों को गुस्सा अभी भी शांत नहीं हुआ है। स्थानीय लोग श्रध्दा के नाम पर महिलाओं और पुलिस प्रशासन के लिए मुसीबत दिनों दिन बढ़ाते जा रहे हैं।

केरल के तिरूवनंतपुरम से हैरान करने देने वाला मामला सामने आया है। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के जिला प्रचारक ने पुलिस स्टेशन पर देशी बम फेक कर पुलिस स्टेशन में मौजूद पुलिसवालों की हत्या करने की कोशिश की।

बताया जा रहा है संघ प्रचारक ने यह हमला सबरीमाला मंदिर में दो महिलाओं के प्रवेश के विरोध में किया है।

पुलिस ने आरोपी संघ प्रचारक नूरांनद प्रवीण समेत 4 कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है, आरोपी प्रवीण फिलहाल गायब है। पुलिस ने इन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज वीडियो के हवाले से किया है। जिसमें आरोपी की शक्ल साफ नज़र आ रही है।

इस पर स्वरा भास्कर ने ट्वीट करते हुए लिखा- मुझे लगता है कि जो लोग कहीं भी बम फेंकते हैं, बल्कि जो पुलिस स्टेशन पर बम फेंकते हैं वो यक़ीनन आतंकवादी हैं। क्या अब कोई पेलेट गन्स और डेथ पेनल्टी की मांग करेगा?

आपको बता दें कुछ दिनों पहले सबरीमाला मंदिर में 40 वर्ष की दो महिलाओं ने पाबंदी को तोड़ते हुए मंदिर में प्रवेश किया था। जिसके बाद स्थानीय लोग काफी क्रोधित हो गए थे और मंदिर को शुद्दिकरण के लिए बंद कर दिया गया था। आरएसएस और बीजेपी के लोगों ने इसके खिलाफ प्रदर्शन भी किया था।

अब तक 5976 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, सबरीमाला मंदिर में दो महिलाओं के प्रवेश के बाद बीजेपी, आरएसएस और सतारूढ़ माकपा कार्यकर्ताओं ने जमकर प्रदर्शन किया थी, जिसके बाद अब वहां का माहौल शांत हो चुका है।

हिंसा में अब तक पुलिस ने 1869 मामले दर्ज कर लिए हैं और करीब 5796 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

केरल में सबरीमाला मंदिर के फैसले को लेकर जहां केरल की बीजेपी और आरएसएस पार्टी सुप्रीम कोर्ट के फैसले शूरू से विरोध कर रही है। दो महिलाओं के प्रदर्शन के बाद जमकर हंगामा भी कर रही है।

वहीं केरल के मुख्यमंत्री सीपीएम नेता पी विजयन सुप्रीम कोर्ट के फैसले के समर्थन में बोल रही है। मुख्यमंत्री का कहना है कि हर आयु की महिलाओं को मंदिर में जाने का अधिकार है और सुप्रीम कोर्ट का महिलाओं के पक्ष में फैसला सुनाना और उस आदेश का लागू करना राज्य सरकार की संवैधानिक जिम्मेदारी है।

Courtesy: boltahindustan

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