बंगाल में BJP को झटका, गोरखा जनमुक्ति मोर्चा ने NDA से नाता तोड़ा

बंगाल में BJP को झटका, गोरखा जनमुक्ति मोर्चा ने NDA से नाता तोड़ा

बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के पश्चिम बंगाल दौरे से पहले बड़ा झटका लगा है. गोरखा जनमुक्ति मोर्चा ने बीजेपी के अगुवाई वाले एनडीए से अलग होने की घोषणा कर दी है और टीएमसी अध्यक्ष ममता बनर्जी को साथ तीसरे मोर्चे के लिए समर्थन जताया है.

लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी के सहयोगी एक-एक कर एनडीए का साथ छोड़ रहे हैं. इस कड़ी में पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के पश्चिम बंगाल दौरे से पहले बीजेपी को बड़ा झटका लगा है. गोरखा जनमुक्ति मोर्चा ने बीजेपी के अगुवाई वाले एनडीए से अलग होने की घोषणा कर दी है और टीएमसी अध्यक्ष ममता बनर्जी के साथ तीसरे मोर्चे को अपना समर्थन जताया है. जबकि गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के दम पर ही बीजेपी बंगाल में दार्जलिंग लोकसभा सीट पर एक दशक से कमल खिलाती रही है.

गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के अलग हो जाने से पश्चिम बंगाल के उत्तरी इलाके में आने वाली कम से कम चार लोकसभा सीटों पर बीजेपी का समीकरण बिगड़ सकता है. इन्हीं चार सीटों में दार्जलिंग संसदीय सीट भी शामिल है. बीजेपी और गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के बीच 2009 के लोकसभा चुनाव से पहले गठबंधन हुआ था. इसके बाद से बीजेपी दार्जलिंग सीट पर काबिज है. गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के अलग होने के बाद अब 2019 में बीजेपी के लिए ये सीट जीतना एक बड़ी चुनौती होगी.

गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के बिनय तामांग ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पत्र लिखते हुए कहा कि उनकी इच्छा अब किसी तीसरे गठबंधन का समर्थन करने की है. तामांग और गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के महासचिव अनिल थापा कोलकाता के बिग्रेड परेड ग्राउंड में ममता बनर्जी के नेतृत्व में हुई विपक्ष की महारैली में भी शामिल हुए थे.

बीजेपी ने पश्चिम बंगाल में 22 लोकसभा सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है. पिछले पांच साल में राज्य के भीतर बीजेपी का ग्राफ भी तेजी से बड़ा है. ऐसे में गोरखा जनमुक्ति मोर्चा का अलग होना बीजेपी के मिशन 2019 के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है. हालांकि गोरखा जनमुक्ति मोर्चा की कमान बिनय तमांग के हाथों में आने के बाद से ही माना जा रहा था कि मोर्चा एनडीए से अपना नाता तोड़कर अलग हो सकता है. आखिरकार मोर्चा ने बीजेपी से अलग होने की घोषणा कर दी है.

Courtesy: aajtak.

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