बजट में मनरेगा के लिए 60 हज़ार करोड़, क्या कांग्रेस की इस योजना को कामयाब मानती है मोदी सरकार ?

बजट में मनरेगा के लिए 60 हज़ार करोड़, क्या कांग्रेस की इस योजना को कामयाब मानती है मोदी सरकार ?

वित्तमंत्री अरूण जेटली के बीमार होने की वजह से रेलमंत्री पीयूष गोयल आज संसद में अंतरिम बजट पेश कर रहे हैं। ये इस सरकार का आख़िरी बजट है। इस बजट में रेलमंत्री ने मनरेगा के लिए 60 हज़ार करोड़ रूपये की घोषणा की।

ये वही मनरेगा स्कीम है, जिसकी आलोचना नरेंद्र मोदी से लेकर बीजेपी के दिग्गज नेताओं ने हमेशा की है। सवाल ये उठता है कि अगर मनरेगा योजना इतनी बेकार थी तो बजाय बंद करने के आपकी सरकार इसे चला क्यों रही थी, और तो और अब अपने अंतिम बजट में मनरेगा के लिए 60 हज़ार करोड़ की भारी भरकम रक़म की घोषणा करने से तो यही लगता है कि मोदी सरकार भी मनरेगा को कांग्रेस की कामयाब योजना मानती है।

बजट में और क्या है-

अगले 5 साल में 1 लाख Digital Village बनाने की घोषणा
मनरेगा के लिए 60 हज़ार करोड़ की घोषणा
रक्षाबजट को बढ़ाकर 3 लाख करोड़ रूपये करने की घोषणा
60 साल की उम्र और उससे ज़्यादा की उम्र वाले बुज़ुर्गों को 3 हज़ार रूपये पेंशन
15 हज़ार सैलरी वाले मज़दूरों के लिए पेंशन
आपदा यानी किसी क़ुदरती प्रकोप, बाढ़, तूफ़ान, सुनामी आदि से प्रभावित लोगों को ब्याज में 5% की छूट की घोषणा… वग़ैरह

“बजट पेश होने से पहले इस पर बोलते हुए कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा था, कि ये चुनावी बजट पेश करने जा रहे हैं। लोकसभा चुनाव के मद्देनज़र वो लोकलुभावन घोषणाएँ करेंगे।

आज केवल जुमला सामने आएगा। उनके पास योजनाओं को लागू करने के लिए सिर्फ़ 4 महीना है।“

Courtesy: boltahindustan.

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