मुजफ्फरपुर शेल्टर होम केस में फंसे CM नीतीश, कोर्ट ने दिया CBI जांच का आदेश

मुजफ्फरपुर शेल्टर होम केस में फंसे CM नीतीश, कोर्ट ने दिया CBI जांच का आदेश

मुजफ्फरपुर शेल्टर होम केस में जांच का शिकंजा अब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भी कसता नज़र आ रहा है। मामले की सुनवाई कर रही पॉक्सो की एक विशेष अदालत ने शनिवार को नीतीश कुमार के खिलाफ सीबीआई जांच के आदेश दिए हैं।

अदालत ने नीतीश कुमार के साथ ही मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी धर्मेंद्र सिंह और समाज कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव अतुल प्रसाद के खिलाफ भी जांच के आदेश दिए हैं। इससे पहले 7 फरवरी को हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए इस मामले की सुनवाई बिहार से नई दिल्ली की अदालत में स्थानांतरित करने का आदेश दिया था।

शेल्टर होम केस में गिरफ्तार डॉक्टर अश्विनी ने अपने वकील के जरिए अर्जी दी थी। अश्विनी को पिछले साल नवंबर महीने में गिरफ्तार किया गया था। अश्विनी पर नाबालिग लड़कियों को ड्रग्स का इंजेक्शन देने का आरोप है।

अश्विनी ने अपनी अर्ज़ी में मांग की थी कि शेल्टर होम के संचालन में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, समाज कल्याण प्रधान सचिव अतुल प्रसाद और तत्कालीन डीएम धर्मेंद्र सिंह की भूमिका की जांच की जाए।

इसमें कहा गया था कि वर्ष 2013 से ही शेल्टर होम को नियमित भुगतान किया जाता रहा था। सवाल उठाया गया है कि इसमें बिना मिलीभगत और प्रशासनिक शह के संभव नहीं था। अर्जी में यह भी कहा गया कि रूटीन जांच में शेल्टर होम के संचालन के मामले को अधिकारी क्लीन चिट देते रहे हैं।

बता दें कि पिछले साल 2018 की शुरुआत में टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस, मुंबई (टीआईएसएस) ने अपनी एक रिपोर्ट के ज़रिए मुजफ्फरपुर शेल्टर होम कांड को उजागर किया था। जिसमें एक एनजीओ द्वारा संचालित शेल्टर होम में लड़कियों का यौन-उत्पीड़न किए जाने की बात सामने आई थी।

शेल्टर होम का संचालन ब्रजेश ठाकुर द्वारा किया जा रहा था। मामले में ठाकुर समेत 11 लोगों के खिलाफ 31 मई को मामला दर्ज किया गया। बाद में मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई।

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