आखिर आ ही गयी वो घड़ी, जिसका इंतज़ार था सबको। 14 मार्च से प्रियंका गांधी निकलेगी यूपी फतेह करने।

आखिर आ ही गयी वो घड़ी, जिसका इंतज़ार था सबको। 14 मार्च से प्रियंका गांधी निकलेगी यूपी फतेह करने।

बता दें कि प्रियंका को जिन सीटों की जिम्मेदारी सौंपी गई है उनमें अमेठी और रायबरेली के अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र वाराणसी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का गढ़ कही जाने वाली गोरखपुर सीट भी शामिल है. 23 जनवरी को प्रियंका और सिंधिया को महासचिव नियुक्त कर उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी दी गयी थी.

 

नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव की तारीखों के एलान के बाद कांग्रेस ने एड़ी से चोटी का जोर लगा दिया है. इसी कड़ी में पार्टी की नवनियुक्त महासचिव और पूर्वी उत्तर प्रदेश प्रभारी प्रियंका गांधी 14 मार्च से 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए प्रचार अभियान की शुरुआत करेंगी. सूत्रों के हवाले से ये कहा जा रहा है कि 14 मार्च को प्रियंका लखनऊ जाएंगी और अगले 4-5 दिनों तक पूर्वी उत्तर प्रदेश में प्रचार करेंगी.

 

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों का बंटवारा प्रदेश के दोनों प्रभारियों के बीच कर चुके हैं. यूपी ईस्ट प्रभारी प्रियंका गांधी को 41 लोकसभा सीटों का प्रभार और यूपी वेस्ट प्रभारी ज्योतिरादित्य सिंधिया को 39 लोकसभा सीटों की जिम्मेदारी दी गई है. कांग्रेस पार्टी की महासचिव बनने के बाद से ही प्रियंका गांधी संगठन को मजबूत करने में जुटी हैं. इसके लिए वह उत्तर प्रदेश में कई चरणों की बैठक कर चुकी हैं. इसके माध्यम से वह फीडबैक ले रही हैं और अब वो एक बार फिर प्रदेश का दौरा करेंगी.

 

बता दें कि कांग्रेस ने आने वाले लोकसभा चुनाव में रायबरेली से अपनी शीर्ष नेता सोनिया गांधी को एक बार फिर उम्मीदवार बनाकर न सिर्फ उनके स्वास्थ्य और सक्रिय राजनीति से अलग होने की अटकलों पर विराम लगा दिया, बल्कि यह संदेश भी दिया कि पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा इस बार चुनाव नहीं लड़कर प्रचार में पूरी ताकत झोकेंगी. दरअसल, कांग्रेस उम्मीदवारों की पहली सूची में उत्तर प्रदेश के लिए 11 नामों की घोषणा की गई जिनमें सोनिया और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के नाम प्रमुख हैं. ये दोनों अपनी परंपरागत सीटों रायबरेली और अमेठी से चुनाव लड़ेंगे.

 

गौरतलब है कि यूपी में लोकसभा की 80 सीटें हैं. महागठबंधन ने पहले ही अमेठी और रायबरेली की दो सीटें कांग्रेस के लिए छोड़ दी हैं. तीन सीटें राष्ट्रीय लोकदल को दी गई हैं. जबकि एक सीट पर रालोद का उम्मीदवार सपा के टिकट से लड़ेगा.

 

बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी ने बीजेपी से भिड़ने के लिए महागठबंधन बनाया है. अखिलेश यादव कुछ छोटी पार्टियों के संपर्क में भी हैं.

 

Courtesy: abpnews.

Categories: Politics