तिहाड़ जेल के सुपरिटेंडेंट राजेश चौहान ने सज़ा के तौर पर मुस्लिम कैदी की पीठ पर गर्म धातु से दागकर ओम का निशान बनवाया

तिहाड़ जेल के सुपरिटेंडेंट राजेश चौहान ने सज़ा के तौर पर मुस्लिम कैदी की पीठ पर गर्म धातु से दागकर ओम का निशान बनवाया

देश की राजधानी दिल्ली के तिहाड़ जेल में एक मुस्लिम कैदी की पीठ पर जबरन ओम गोदवाने की शर्मनाक घटना सामने हुई है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस मामले में खुद जेल सुपरिटेंडेंट ही आरोपी है। पीड़ित को एक दूसरी जेल में शिफ्ट किया गया है और मामले की जांच की जा रही है।

तिहाड़ जेल में बंद विचाराधीन कैदी शब्बीर उर्फ नब्बीर के परिवार वालों ने यातना के खिलाफ कड़कड़डूमा कोर्ट में शिकायत की है कि जेल सुपरिटेंडेंट राजेश चौहान ने उसकी पीठ पर ‘ओम’ गोदवा दिया है। पीड़ित का आरोप है कि वह मुस्लिम है, इस वजह से उसे टॉर्चर किया गया। गर्म धातु से उसकी पीठ पर ‘ओम’ गोदा गया।

मामले पर तिहाड़ जेल के डायरेक्टर जनरल ने बताया कि, डीआईजी मामले की जांच कर रहे हैं। कैदी को फिलहाल दूसरे जेल में शिफ्ट कर दिया गया है। विस्तृति जांच रिपोर्ट को कोर्ट में पेश किया जाएगा।

यह मामला तब प्रकाश में आया जब पीड़ित को शुक्रवार को कड़कड़डूमा कोर्ट में पेशी के लिए लाया गया। पीड़ित ने कोर्ट में अपने टॉर्चर की दास्तां बयां की। उसने ड्यूटी मैजिस्ट्रेट रिचा पाराशर के सामने अपनी शर्ट उतार दी और उन्हें अपनी पीठ पर यातना के निशान दिखाए।

नब्बीर ने तिहाड़ जेल के अधिकारियों पर खुद को पीटने का भी आरोप लगाया। उसने बताया कि गर्म धातु से उसकी पीठ पर ओम का निशान बनाया गया। उसका आरोप है कि उसे उपवास रखने के लिए मजबूर किया गया। कैदी के खुलासे के बाद कोर्ट ने तिहाड़ जेल प्रशासन को मामले की जांच करने और 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया।

कोर्ट ने अपने आदेश में कहा, ‘आरोपी (कैदी) द्वारा लगाए गए आरोप गंभीर प्रकृति के हैं और इसमें तत्काल दखल की जरूरत है। इसके मद्देनजर, डीजीपी प्रिजन को नोटिस जारी किया जाता है…आरोपी नब्बीर का मेडिकल एग्जामिनेशन तत्काल प्रभाव से कराया जाए।’

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, चौहान गुस्से में थे क्योंकि शब्बीर ने शिकायत की कि बैरक में इंडक्शन चूल्हा नहीं काम कर रहा है। शिकायत करने से भड़के जेल अधीक्षक राजेश चौहान ने उसे कथित रूप से बुरी तरह से पीटा। अधिकारी ने इसके बाद युवक की पीठ पर एक मेटल के जरिए ओम का निशान बना दिया। आरोप है कि पहले ओम के निशान वाले धातु को गर्म किया गया फिर युवक की पीठ पर छोड़ दिया गया।

आरोप है कि जेल प्रशासन ने युवक को दो दिन तक जबरन उपवास कराया और भूखा रखा। शिकायत में इस बात का भी जिक्र है कि युवक से कहा गया कि उसने दो दिन नवरात्रि का व्रत रख लिया है और अब वह हिंदू है।

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