जब 17 साल पहले ‘इंडिया टुडे’ ने कवर पेज पर नरेंद्र मोदी के लिए लिखा था- ‘घृणा के नायक’

जब 17 साल पहले ‘इंडिया टुडे’ ने कवर पेज पर नरेंद्र मोदी के लिए लिखा था- ‘घृणा के नायक’

मशहूर अमेरिकी पत्रिका ‘टाइम’ ने मई 2019 के ताजा अंक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर एक कवर स्टोरी की है। इसमें पीएम मोदी को ‘इंडियाज डिवाइडर इन चीफ’ बताया गया है। हालांकि, यह मैगजीन अभी बाजार में उपलब्ध नहीं हो सकी है लेकिन उसके चर्चे जोरों पर हैं। इस बीच ‘इंडिया टुडे’ पत्रिका का 1 मई 2002 के अंक का कवर पेज भी सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है, जिसमें नरेंद्र मोदी की तस्वीर पर ‘घृणा के नायक’ लिखा गया था। कवर पेज पर मोदी की तस्वीर के साथ ही एक कैप्शन लिखा गया है, जिसमें कहा गया है, “गठबंधन के सहयोगियों की नाराजगी, विपक्ष के गुस्से और देश में ध्रुवीकरण के बावजूद मोदी भाजपा के नए प्रेरक बन रहे हैं।”

बता दें कि आज से 17 साल पहले उस वक्त नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे और उनके शासनकाल में गुजरात में भारी हिंसा हुई थी। 27 फरवरी 2002 की सुबह जब अयोध्या से कारसेवकों को लेकर अहमदाबाद जा रही साबरमती एक्सप्रेस गोधरा रेलवे स्टेशन पर पहुंची तो उसकी बॉगी एस-6 से आग की लपटें निकल रही थीं। इस कोच में मौजूद अधिकांश यात्री आग में जलकर खाक हो चुके थे। इस हादसे में 59 कारसेवकों की मौत हो गई थी। इस घटना ने राज्य में नया सियासी तूफान खड़ा कर दिया और राज्य के कई हिस्सों में मुस्लिमों के खिलाफ हिंसा की घटनाएं होने लगी थीं।

अगले ही दिन 28 फरवरी 2002 को अहमदाबाद के नरोदा पाटिया इलाके में दंगा भड़का, जिसमें 97 मुसलमानों का कत्ल कर दिया गया था। अहमदाबाद के गुलबर्ग हाउसिंग सोसायटी में भी दंगाइयों ने घुसकर 69 लोगों की हत्या कर दी थी। मृतकों में कांग्रेस के पूर्व सांसद एहसान जाफरी भी शामिल थे। दंगों की आग में झुलस रहे गुजरात में हालात काबू में करने के लिए तीसरे दिन सेना को बुलाना पड़ा था।

आरोप है कि दंगाइयों को तत्कालीन नरेंद्र मोदी की भाजपा सरकार का समर्थन हासिल था। आरोप है कि दंगाइयों का नेतृत्व मोदी सरकार में मंत्री रहीं माया कोडनानी ने किया था और बजरंग दल के नेता रहे बाबू बजरंगी इसमें शामिल थे। बजरंगी ने बाद में एक स्टिंग ऑपरेशन में ये माना था कि दंगों में उसकी संलिप्तता थी। तब केंद्र में अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार थी। दंगों के बाद हालात का जायजा लेने वाजपेयी गुजरात गए थे, तब उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेन्स में सीएम मोदी को राजधर्म निभाने की नसीहत दी थी। इंडिया टुडे ने 1 मई, 2002 के अंक में गुजरात दंगों के आधार पर ही नरेंद्र मोदी पर कवर स्टोरी की थी और उनकी तस्वीर पर ‘घृणा के नायक’ का कैप्शन दिया था।

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