ऑस्ट्रेलिया में उलटा पड़ा Exit Polls, बाज़ीगर बन दूसरी बार सरकार बनाएंगे स्कॉट मॉरिसन

ऑस्ट्रेलिया में उलटा पड़ा Exit Polls, बाज़ीगर बन दूसरी बार सरकार बनाएंगे स्कॉट मॉरिसन

भारत में लोकसभा चुनाव 2019 खत्म होने के साथ ही एग्जिट पोल्स भी आ चुके हैं. अलग-अलग सभी पोल्स में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को स्पष्ट बहुमत मिलता दिखाया गया है. जिससे महागठबंधन और बाकी क्षेत्रीय दलों में मायूसी भी है. लेकिन कई बार एग्जिट पोल्स के दावे भी गलत साबित हो जाते हैं. ऑस्ट्रेलिया में कुछ ऐसा ही हुआ.

ऑस्ट्रेलिया में रविवार को आम चुनाव के नतीजे आने शुरू हो गए. प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ गठबंधन ने रविवार को आम चुनावों में ‘चमत्कारिक’ रूप से वापसी करते हुए एग्जिट पोल्स (चुनाव के बाद सर्वेक्षण) को गलत साबित कर दिया. सत्तारूढ़ गठबंधन की जीत के बाद विपक्षी लेबर पार्टी के नेता बिल शॉर्टन को इस्तीफा देने के लिए मजबूर होना पड़ा.

दरअसल, वोटिंग खत्म होने के बाद नाइन-गैलेक्सी पोल ने चुनाव बाद के सर्वे में पूर्वानुमान व्यक्त किया था कि मध्य-वाम लेबर पार्टी की जीत होगी और लिबरल पार्टी की अगुवाई वाला गठबंधन परास्त होगा. एग्जिट पोल में दिखाया गया कि लिबरल गठबंधन को हराकर लेबर को 151 सदस्यीय प्रतिनिधि सभा (संसद के निचले सदन) में 82 सीटें मिलेंगी.

फाइनल रिजल्ट से पहले ही मनाने लगा था जश्न
एग्जिट पोल के नतीजे आने के बाद मध्य-वाम लेबर पार्टी और खुद इसके नेता बिल शॉर्टन फाइनल नतीजे आने से पहले ही जश्न मनाने लगे थे. उन्हें पूरा यकीन था कि उनकी सरकार बनने जा रही है. लेकिन, रविवार को जैसे-जैसे चुनाव के नतीजे आने लगे, मध्य-वाम लेबर पार्टी की मायूसी बढ़ती गई.

ऐसे उलटा पड़ा Exit Poll
प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन के नेतृत्व वाले सत्ताधारी लिबरल अलायंस 75% वोटों की गिनती पूरी होने तक 74 सीटों पर निर्णायक बढ़त ले चुकी है. 151 सीटों वाले हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में उसे बहुमत के लिए दो और सीटों की जरूरत है. दूसरी तरफ विपक्षी लेबर पार्टी को 66 सीटों में बढ़त मिली है. अभी यह स्पष्ट नहीं है कि क्या 51 वर्षीय मॉरिसन को सरकार बनाने के लिए निर्दलीय सांसदों के समर्थन की जरुरत होगी या नहीं.

ऑस्ट्रेलिया में इन मुद्दों पर लड़ा गया था चुनाव
बता दें कि अपनी अगली संसद और अगला प्रधानमंत्री चुनने के लिए ऑस्ट्रेलिया के मतदाताओं ने शनिवार को मतदान किया. ये चुनाव मुख्य रूप से जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर लड़ा गया था. देश में करीब पांच हफ्ते तक चले चुनाव प्रचार के बाद शनिवार को 1.6 करोड़ ऑस्ट्रेलियाई मतदाताओं ने देश का 31वां प्रधानमंत्री चुनने के लिए मतदान किया.

शॉर्टन देंगे इस्तीफा
इस बीच ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करने के लिए बड़े पैमाने पर प्रचार करने वाले मध्य-वाम लेबर पार्टी के नेता बिल शॉर्टन ने अपनी हार स्वीकार कर ली. उन्होंने कहा कि वह पार्टी नेता के पद से इस्तीफा दे देंगे. शॉर्टन ने मेलबर्न में अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा,‘मैंने स्कॉट मॉरिसन को फोन कर बधाई दी है….उन्हें शुभकामनाएं दी हैं कि वह पूरे सौभाग्य और साहस के साथ देश की सेवा करें. राष्ट्रहित में इससे कम नहीं होना चाहिए.’

बता दें कि ऐसा कई बार हुआ है जब एग्जिट पोल के नतीजे सही नहीं आए हों. भारत में 1998 से 2014 के बीच कम से कम 4 एग्जिट पोल के नतीजे सटीक नहीं थे. 1999 के चुनावों में जहां इलेक्शन में अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार 13 महीने में गिर गई थी वहीं सभी पोल बता रहे थे कि NDA को 2015+ सीटें मिल सकती हैं, लेकिन असल में ये 296 पर ही रह गई थीं

Categories: International

Related Articles