पहले गलती की, फिर उसे छिपाने में ईवीएम से वोट डिलीट कर दिए, 20 अफसरों पर होगी कार्रवाई

Loksabha Election 2019: चुनाव आयोग मतदान से पहले मॉक वोट डिलीट नहीं करने पर अपने 20 अधिकारियों पर कार्रवाई करेगा। मामला हिमाचल प्रदेश का है जहां पांच पोलिंग स्टेशन पर अधिकारियों ने पहले तो ये गलती की और फिर इसे छिपाने के लिए ईवीएम में पड़े असली वोटों को ही डिलीट कर दिया।

राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी देवेश कुमार ने मंगलवार को जानकारी दी कि चुनाव आयोग मामले की और अधिकारियों के खिलाफ जांच कर रहा है। इनमें पांच पीठासीन और 15 मतदान अधिकारी शामिल हैं।

बता दें कि चुनाव आयोग के नियमों के मुताबिक मतदान से एक घंटे पहले चुनाव अधिकारी ईवीएम में वोटिंग प्रोसेस की जांच के लिए 50 मॉक वोट डालते हैं। ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि पता चल सके कि ईवीएम सही है या नहीं। मॉक पोलिंग पोलिंग एजेंटों की उपस्थिति में आयोजित की जाती है और उन्हीं के सामने इनके परिणाम भी दिखा दिए जाते हैं।

कुमार ने आगे कहा ‘जब राज्य में लोकसभा चुनाव के लिए मतदान किया गया तो अधिकारियों ने मॉक वोट डिलीट नहीं किए जिसकी वजह से वह वोट असल वोट के साथ जुड़ गए। लेकिन अधिकारियों को उनकी गलती का अहसास हुआ तो उन्होंने कुछ वोट को डिलीट कर दिया लेकिन बाद में आयोग के अधिकारियों की इस गलती का पता चल गया।

राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी ने बताया ये अधिकारी मंडी के चौक, सलवाहन और हरवाहनी गांवों, शिमला निर्वाचन क्षेत्र में सोलन जिले के कश्मीरपुर गांव और हमीरपुर लोकसभा क्षेत्र में बिलासपुर जिले के भगेर में प्रतिनियुक्त किए गए थे।

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