दरिंदों ने पहले हाथ-पैर काटे और जलाया, फिर जंगली जानवर उसे नोचते-खाते रहे

दरिंदों ने पहले हाथ-पैर काटे और जलाया, फिर जंगली जानवर उसे नोचते-खाते रहे

सिर्फ 3 साल की बच्ची. आरोप है कि दरिंदों ने पहले उसके हाथ पैर काटे. फिर उसके शव को जलाने की कोशिश की. बाद में उसके अधजले शव को कूड़े के ढेर में फेंक दिया. जहां जंगली जानवर और कुत्ते उसके शव को नोच-नोचकर खाते रहे. तीन-चार दिन बाद बच्ची का शव मिला तो लोगों में आक्रोश फैल गया. बच्ची के साथ रेप की भी आशंका जताई जा रही थी. लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसकी पुष्टि नहीं हुई. पुलिस के मुताबिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बच्ची का गला दबाकर मारने की बात सामने आई है. ये घटना है अलीगढ़ के टप्पल थाना क्षेत्र की. पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी एक विशेष समाज के थे. इस पर कुछ लोगों ने घटना को सांप्रदायिक रूप देने की कोशिश की.

क्या हुआ?
इंडिया टुडे से जुड़े पत्रकार अकरम ने बताया कि अलीगढ़ के टप्पल क्षेत्र के बूढ़ा गांव निवासी राकेश (बदला हुआ नाम) की 3 साल की बेटी वर्षा (काल्पनिक नाम) करीब 4 दिन से लापता थी. परिजनों ने इसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट स्थानीय टप्पल थाने में लिखा दी थी. अचानक 2 जून को सुबह गांव के कुछ लोगों को एक कूड़े के ढेर के पास कुत्ते कुछ मांस जैसा खाते नजर आए. पास जाकर लोगों ने देखा तो ये एक बच्ची का शव था. उसके हाथ- पैर शरीर से अलग पड़े थे. लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी. तब तक राकेश के परिजनों ने बच्ची के शव को पहचान लिया. इसके बाद लोगों ने एक संप्रदाय विशेष के लोगों के खिलाफ गुस्सा जताना शुरू कर दिया.

हत्या के आरोपी कौन?
इस केस में आरोपी जाहिद (30) और असलम (25) को पुलिस ने गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है. सीओ खैर पंकज कुमार श्रीवास्तव ने इंडिया टुडे को बताया कि जाहिद और मृतक बच्ची के पिता के बीच पैसे के लेन-देन को लेकर विवाद हुआ था. बच्ची के पिता ने जाहिद को 40,000 रुपए उधार दिए थे. जाहिद ने 35,000 रुपए उसे वापस कर दिए थे. सिर्फ 5 हजार रुपए बाकी रह गए थे. जाहिद और असलम राज मिस्त्री का काम करते हैं. जबकि बच्ची का पिता प्लंबर है. पैसे के लेन-देन को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हुई. इस दौरान जाहिद ने बच्ची के पिता को देख लेने की धमकी दी थी. बाद में बच्ची के पिता से बदला लेने के लिए जाहिद ने असलम के साथ मिलकर इस घटना को अंजाम दिया.

ग्रामीणों ने थाना घेरा
इस घटना को लेकर टप्पल क्षेत्र के कई गांवों में नाराजगी देखने को मिली. ग्रामीण और बच्ची के परिजन टप्पल थाने का घेराव करने पहुंच गए. कुछ लोगों ने और किसान संगठनों ने यमुना एक्सप्रेस वे घेरने का ऐलान कर दिया. बाद में अलीगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने सभी को समझाया. और भरोसा दिलाया कि आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. जल्द ही उनके खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी. इसके बाद ग्रामीण किसी तरह शांत हुए.

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