शहीद मेजर केतन शर्मा का पार्थिव शरीर आज लाया जाएगा मेरठ

शहीद मेजर केतन शर्मा का पार्थिव शरीर आज लाया जाएगा मेरठ

अनंतनाग में सोमवार को आतंकियों से हुई मुठभेड़ में 19 राष्ट्रीय राइफल्स के मेजर केतन शर्मा शहीद हो गए। वह कंकरखेड़ा क्षेत्र के श्रद्धपुरी के रहने वाले थे। शाम करीब पांच बजे मेरठ छावनी के सैन्य अधिकारियों ने घर पहुंचकर शहादत की सूचना दी तो माहौल गमगीन हो गया। मंगलवार दोपहर तक शहीद का पार्थिव शरीर मेरठ पहुंचने की उम्मीद है।

कंकरखेड़ा के श्रद्धापुरी सेक्टर चार निवासी 31 वर्षीय केतन शर्मा 12 दिसंबर 2012 को देहरादून में पासिंग आउट परेड के बाद लेफ्टिनेंट पद पर चयनित हुए थे। उनकी पहली पोस्टिंग राजस्थान के गंगानगर में रही। पिछले करीब डेढ़ साल से है वह अनंतनाग में तैनात थे। यहां उनकी तैनाती अभी छह महीने और रहनी थी। 

शहीद मेजर केतन शर्मा के पिता रविंद्र शर्मा ने बताया कि केतन करीब 25 दिन की छुट्टी बिताने के बाद 26 मई को अनंतनाग लौटे थे। परिजनों ने बताया कि संवेदनशील इलाके में ड्यूटी रहने की वजह से उन्हें बहुत ज्यादा छुट्टियां नहीं मिल पाती थीं। जब घर पर शहादत की सूचना आई उस समय पत्नी मीरा शर्मा, चार साल की बेटी कैरा के साथ दिल्ली स्थित अपने मायके गई हुईं थी। 

शहीद मेजर के पिता रविंद्र शर्मा और ताऊ अशोक कुमार शर्मा मोदीपुरम स्थित मोदी कॉन्टिनेंटल फैक्ट्री से सेवानिवृत्त हैं। पिता ने बताया कि अनंतनाग में सैन्य अफसरों से फोन पर बातचीत हुई है। उन्होंने जानकारी दी है कि श्रीनगर से विशेष विमान से पार्थिव शरीर को सुबह 10 बजे दिल्ली लाया जाएगा। यहां सैन्य अधिकारी अंतिम सलामी देंगे उसके बाद पार्थिव शरीर को दोपहर बाद तक मेरठ लाया जाएगा।

झाड़ियों में छिपे थे आतंकी, तलाश कर रहे मेजर के सिर में लगी गोली

19 राष्ट्रीय राइफल्स के मेजर केतन शर्मा और उनकी टीम ने दो आतंकी ढेर कर दिए थे। बाकी आतंकी झाड़ियों में छिपे हुए थे, जिन्हें मारने के लिए वे झाड़ियों को जला रहे थे। इसी दौरान आतंकियों की एक गोली सिर में लगी और मेजर शहीद हो गए।
सोमवार शाम पांच बजे श्रद्धापुरी सेक्टर चार स्थित मेजर केतन शर्मा के आवास पर पहुंचे मेरठ छावनी के सैन्य अधिकारियों ने उनकी शहादत के बारे में परिवार वालों को बताया। सैन्य अधिकारियों के मुताबिक सोमवार सुबह कुछ आतंकियों के एक बिल्डिंग में छिपे होने की सूचना मिली। मेजर केतन शर्मा कुछ जवानों के साथ पहुंच गए और पूरी बिल्डिंग को घेर लिया। दोनों तरफ से भारी गोलाबारी हुई। इसमें दो आतंकी मारे गए और सेना के दो जवान घायल हो गए। एक जवान के पैर और दूसरे के पेट में गोली लगी। 

इस दौरान सूचना आई कि अभी कुछ और आतंकी जिंदा बचे हुए हैं जो झाड़ियों में छिप गए हैं। मेजर केतन शर्मा और उनकी टीम ने झाड़ियों में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया। घनी झाड़ियों की वजह से आतंकियों को तलाशने में मुश्किल हो रही थी। इसलिए इन झाड़ियों को काटना और जलाना शुरू कर दिया। आतंकियों को लगा कि वे अब पकड़े जा सकते हैं। उन्होंने फिर से सैन्य जवानों पर फायरिंग शुरू कर दी। इस दौरान एक गोली मेजर केतन शर्मा के सिर में लगी। वह लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़े। उन्हें आननफानन में श्रीनगर के मिलिट्री हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। यहां उपचार के दौरान वह शहीद हो गए। 

पहले घायल, फिर शहीद होने की खबर आई 
सोमवार शाम मेरठ छावनी के सैन्य अधिकारी शहीद मेजर केतन शर्मा के घर पहुंचे। परिजनों को बताया गया कि मुठभेड़ के दौरान मेजर घायल हो गए हैं। उनके सिर में गंभीर चोटें आई हैं और उनकी हालत नाजुक है। करीब आधे घंटे बाद दो गाड़ियों में पहुंचे सैन्य अधिकारियों ने मेजर के परिजनों को उनके शहीद होने की खबर दी।

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