भारतीय टीम की नारंगी जर्सी पर मचा सियासी बवाल! विपक्षी पार्टियों ने मोदी सरकार पर लगाया क्रिकेट को भगवाकरण करने का आरोप

भारतीय टीम की नारंगी जर्सी पर मचा सियासी बवाल! विपक्षी पार्टियों ने मोदी सरकार पर लगाया क्रिकेट को भगवाकरण करने का आरोप

आईसीसी विश्व कप 2019 के महासंग्राम के बीच भारतीय क्रिकेट टीम की नई जर्सी पर सियासी बवाल शुरू हो गया है। टीम इंडिया 30 जून को इंग्लैंड के खिलाफ होने वाले मैच में नारंगी रंग की जर्सी पहनेगी। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के नेताओं को इस जर्सी के पहनने के पीछे भगवाकरण का संदेह लग रहा है। विपक्षी नेताओं ने इसके पीछे केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार का हाथ बताया है। इस जर्सी में नीला रंग है और बांह का और उसके पीछे का रंग भगवा है। वहीं, जर्सी का पिछला हिस्सा पूरी तरह भगवा है।

विपक्ष का आरोप है कि केंद्र सरकार क्रिकेट में भी भगवा राजनीति को शामिल करने की कोशिश कर रही है। इस मामले पर मुंबई से समाजवादी पार्टी के विधायक अबू आसिम आजमी ने प्रधानमंत्री मोदी पर हर चीज का भगवाकरण करने के प्रयास का आरोप लगाया है। वहीं, कांग्रेस विधायक नसीम खान ने भी आजमी के आरोप का समर्थन किया है और भगवाकरण का आरोप लगाया है। जबक भारतीय जनता पार्टी ने इसका मजाक बनाते हुए इसे संकुचित सोच बताया है।

दरअसल, रिपोर्ट के मुताबिक मेजबान इंग्लैंड सहित कुछ टीमों के खिलाफ विश्व कप के मैचों में भारतीय टीम नारंगी जर्सी पहन सकती है, क्योंकि भारत और इंग्लैंड दोनों की टीमें नीली रंग की जर्सी पहनती हैं। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने इंग्लैंड को छोड़कर सभी टीमों से दो तरह की यूनीफॉर्म तैयार रखने को कहा है।

कांग्रेस और सपा ने जताया ऐतराज

महाराष्ट्र के मुंबई से समाजवादी पार्टी के विधायक अबू आजमी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हर चीज का ‘भगवाकरण’ करने के प्रयास का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ‘लेकिन मोदी पूरे देश को भगवा रंग में रंगना चाहते हैं। आज, जर्सी भगवा रंग की हो रही है। अगर आप जर्सी के लिए रंग चुनना चाहते हैं तो तिरंगे के रंग को चुनिए, मुझे कोई परेशानी नहीं।’ उधर, कांग्रेस विधायक नसीम खान ने आजमी के आरोप का समर्थन करते हुए कहा कि मोदी सरकार देश को हर क्षेत्र में भगवाकरण की ओर लेकर जा रही है, चाहे वह खेल हो, संस्कृति हो या शिक्षा।

हालांकि, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता आनंद शर्मा ने जर्सी के रंग को लेकर राजनीतिक विवाद की बात को खारिज किया और कहा कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने कहा, ‘यह राजनीतिक मुद्दा नहीं है। अगर टीम और बीसीसीआई को कोई समस्या नहीं है, तो इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि भारतीय टीम किस रंग की जर्सी पहनती है। मतलब इस बात से है कि वे अच्छा खेलें और विश्व कप जीतें।’

बीजेपी ने बताया संकुचित सोच

भाजपा प्रवक्ता नलिन कोहली ने नारंगी रंग की जर्सी की आलोचना करने वालों पर निशाना साधा। कोहली ने कहा, ‘यह संकुचित सोच और प्रतिक्रियावादी राजनीति है। भगवा की आलोचना करने वालों को यह नहीं भूलना चाहिए कि राष्ट्रीय ध्वज में भी यह मौजूद है। यह कोई त्वरित निर्णय नहीं है। अगर झंडे के रंग का इस्तेमाल किया गया है तो इससे गर्व और राष्ट्रीयता की भावना बढ़नी चाहिए और इस तरह की प्रतिक्रिया नहीं देनी चाहिए।’

आईसीसी ने दी सफाई

वहीं, बवाल बढ़ता देख इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने भी स्पष्टीकरण दिया है। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, टीम इंडिया के लिए भगवा यानी नारंगी रंग के चयन पर आईसीसी ने कहा, ‘बीसीसीआई को रंग के कई विकल्प दिए गए थे और उन्होंने वही चुना जो उन्हें जर्सी के रंग के साथ बेहतर लगा। यह इसलिए करना पड़ा, क्योंकि इंग्लैंड की टीम भी भारत की तरह नीले रंग का ही जर्सी पहनती है। यह डिजाइन भारत की पुरानी टी-20 जर्सी से लिया गया है, जिसमें नारंगी रंग था।’

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