‘पकौड़ा बनाओ रोजगार’ के बाद आया ‘कट्टा पकड़वाओ रोजगार’, यूपी में पुलिस ने जारी की वैकेंसी

‘पकौड़ा बनाओ रोजगार’ के बाद आया ‘कट्टा पकड़वाओ रोजगार’, यूपी में पुलिस ने जारी की वैकेंसी

देश में बढ़ती बेरोज़गारी को देखते हुए उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में पुलिस ने ‘मुखबिर रोज़गार योजना’ शुरु कर दी है। इस योजना के तहत अपराधियों और उनकी गतिविधियों के बारे में जानकारी देने वालों को पुरस्कार के रूप में पैसे दिए जाएंगे।

इस योजना के प्रचार-प्रसार के लिए शहर में जगह-जगह पुलिस पैम्फलेट भी लगाए गए हैं। एसपी देवरंजन वर्मा ने बताया कि मुखबिर रोजगार योजना के तहत चोरी की बाइक तथा तमंचे की सही खबर देने वाले मुखबिर को एक-एक हजार रुपये नकद दिया जाएगा। इसी तरह से अवैध पिस्टल व रिवाल्वर की सही सूचना पुलिस को देने वाले को पांच हजार रुपये दिए जाएंगे।

पुलिस पैम्फलेट में विभिन्न प्रकार की सूचनाओं के लिए इनाम राशि भी सूचीबद्ध की गई है। इसके मुताबिक, पुलिस को चोरी की कार का पता लगाने में मदद करने पर 1,000 रुपये का इनाम मिलेगा और कट्टा बरामद करने में मदद के लिए भी 1000 रुपये की राशि दी जाएगी। बिना लाइसेंस वाली रिवॉल्वर या पिस्तौल की सूचना और बरामदगी पर 5,000 रुपये का इनाम दिया जाएगा।

जानकारी के मुताबिक, मुखबिर की सूचना व उसकी पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी। योजना के लिए फंड की व्यवस्था एसपी शासन तथा खुद के सहयोग से करेंगे। योजना के प्रचार प्रसार के लिए सभी 13 थाना क्षेत्रों में बाइक सवार पुलिस कर्मियों की 13 टीमें तैनात की गई है।

प्रत्येक टीम में दो पुलिस कर्मी सायरन तथा लाउडस्पीकर के साथ क्षेत्र में योजना का प्रचार प्रसार कर रहे हैं। शीघ्र ही इस योजना के क्रियान्वयन का असर देखने को मिलेगा।

वहीं सोशल मीडिया पर बलराम पुलिस की इस योजना का जमकर मज़ाक बनाया जा रहा है। यूजर्स का कहना है कि पुलिस की यह योजना बेरोज़गारों के साथ मज़ाक है। यूज़र्स ने पुलिस की इस योजना की तुलना मोदी सरकार की पकौड़ा रोज़गार योजना से करते हुए कहा कि मोदी जी के न्यू इंडिया में बेरोज़गारों को नए तरह के रोज़गार दिए जा रहे हैं।

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