पति किडनैपिंग-गैंगरेप की शिकायत दर्ज़ करवाने गया, यूपी पुलिस ने बुरी तरह पीट डाला

पति किडनैपिंग-गैंगरेप की शिकायत दर्ज़ करवाने गया, यूपी पुलिस ने बुरी तरह पीट डाला

इस ख़बर में आरोपी पुलिस है. स्पेसिफिकली, UP पुलिस. 41 साल के एक दलित का इल्ज़ाम है कि वो पुलिस में शिकायत दर्ज़ करवाने गए थे. मगर कंप्लेंट लिखने की जगह पुलिस ने उन्हें ही मारा-पीटा. ये घटना उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले की है.

पति और पत्नी दोनों बुलंदशहर के रहने वाले हैं. 5 जुलाई की रात वो बाइक से अपने एक रिश्तेदार के घर जा रहे थे. आरोप है कि रास्ते में अलीगढ़-कानपुर हाई वे पर कार में आए तीन लोगों ने महिला का अपहरण कर लिया. ये वारदात जिस जगह पर हुई, वो इलाका मैनपुरी में आता है. पति इसकी शिकायत करने मैनपुरी के बिछवा थाने पहुंचा. वहां पुलिसवालों ने मदद करने की जगह उल्टा उसके ऊपर ही आरोप लगाया कि वो झूठा मामला लिखवा रहा है. इसके तकरीबन पांच घंटे बाद महिला खुद पुलिस थाने पहुंची. उसका कहना था कि किडनैप करने वालों ने उसके साथ गैंगरेप किया. फिर उसके गहने लूटकर उसे एटा जिले में कहीं सड़क पर फेंककर चले गए.

तीन पुलिसकर्मी सस्पेंड किए गए हैं

6 जुलाई को पति की शिकायत के आधार पर तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ किडनैपिंग, गैंगरेप और लूटपाट का केस दर्ज़ कर लिया गया. ये FIR मैनपुरी के ही कुरावाली थाने में दर्ज़ हुई. FIR लिखे जाने के पहले पुलिस की तरफ से क्या कुछ हुआ था, ये मामला भी सामने आया. इसके बाद 7 जुलाई को संबंधित थाने के प्रभारी रजनीश पाल सिंह समेत दो कॉन्स्टेबलों को निलंबित कर दिया गया है.

इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए मैनपुरी के SP अजय शंकर राय इंडियन एक्सप्रेस को बताया-

पूछताछ के दौरान आरोपी पुलिसकर्मियों ने पीड़ित को मारा-पीटा. मेडिकल जांच में उस शख्स की पीठ और पैरों पर चोट के निशान मिले. मगर महिला की मेडिकल जांच से बलात्कार की पुष्टि नहीं हुई है. उसके शरीर पर कोई चोट या जख़्म के निशान भी नहीं मिले हैं.

ये कुरावाली पुलिस थाने में लिखी गई FIR की कॉपी है (फोटो: इंडिया टुडे)
ये कुरावाली पुलिस थाने में लिखी गई FIR की कॉपी है (फोटो: इंडिया टुडे)
ये FIR में शिकायकर्ता द्वारा लिखवाया गया घटनाक्रम है (फोटो: इंडिया टुडे)
ये FIR में शिकायकर्ता द्वारा लिखवाया गया घटनाक्रम है (फोटो: इंडिया टुडे)
फोटो: इंडिया टुडे
फोटो: इंडिया टुडे

क्या हुआ था उस रात?
महिला एक मेडिकल फर्म में काम करती है. उसका पति कपड़े के एक कारखाने में नौकरी करता है. दोनों की शादी को 12 साल हो चुके हैं. जिस कुरावाली पुलिस स्टेशन में उनकी शिकायत लिखी गई है, वहां के SHO शिव सिंह चौहान ने पति द्वारा दिया गया घटनाक्रम बताया है. उनके मुताबिक, पति का कहना है कि 5 जुलाई की रात वो अपनी पत्नी के साथ हाई-वे से होकर जा रहा था. रात साढ़े 10-11 बजे के करीब पीछे से आ रही एक कार कट मारकर सामने आई और इनका रास्ता रोक लिया. कार में तीन लोग बैठे थे. उन्होंने पति की आंखों में कोई स्प्रे किया और और बाइक को ठोकर मारते हुए महिला को किडनैप करके ले गए. SHO चौहान ने बताया-

पति किसी तरह चार किलोमीटर तक अपनी बाइक घसीटते हुए मैनपुरी के बिछवा इलाके में पहुंचा. वहां एक राहगीर की मदद से उसने पुलिस कंट्रोल रूम से संपर्क किया. उन्हें वारदात की जानकारी दी.

इसके बाद बिछवा थाने के SHO मौके पर पहुंचे. शिकायतकर्ता का आरोप है कि पुलिस उनसे जिरह करने लगी. उसकी पत्नी के बारे में पूछने की बजाय उससे ही पूछताछ करने लगी. उसके बाद पुलिस उन्हें लेकर थाने पहुंची और वहां बड़ी देर तक उन्हें इंटेरोगेट किया. टॉर्चर किया. फिर उन्हें कुरावाली थाने भेज दिया. ये कहते हुए कि जहां वारदात हुई, वो इलाका उसी थाने में लगता है.

रेप की पुष्टि नहीं हुई, मगर किडनैपिंग की बात सच लग रही है
कुरावाली थाने पहुंचकर पति ने बुलंदशहर में अपने परिवार को फोन किया. उन्हें पूरी बात बताई. तकरीबन दो घंटे बाद उसकी पत्नी भी थाने पहुंची. SHO चौहान के मुताबिक-

महिला ने बताया कि आरोपियों ने कार के ही अंदर उसके साथ गैंगरेप किया. फिर उसे एटा जिले की सीमा के पास सड़क पर फेंककर चले गए. जहां उन्होंने महिला को फेंका, वो जगह यहां से लगभग 45 किलोमीटर दूर है. महिला के मुताबिक, वो तकरीबन आधे घंटे तक पैदल चली और बस स्टैंड पहुंची. फिर वहां से मैनपुरी के लिए बस ली. महिला का कहना है कि बस में बैठे एक शख्स के मोबाइल से उसने अपने परिवार को फोन किया. उन्होंने ही बताया कि उसका पति कुरावाली पुलिस थाने में है.

मेडिकल जांच में रेप की पुष्टि भले न हुई हो, मगर पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में किडनैपिंग की बात सही लग रही है. इस केस में वो आगे की जांच कर रहे हैं.

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