राजस्थान पुलिस को मॉब लिंचिंग के शिकार हुए पहलू खान के बेटों के खिलाफ फिर से जांच करने की मिली इजाजत

राजस्थान पुलिस को मॉब लिंचिंग के शिकार हुए पहलू खान के बेटों के खिलाफ फिर से जांच करने की मिली इजाजत

राजस्थान के अलवर की एक अदालत ने पहलू खान के दो बेटों सहित तीन लोगों के खिलाफ गौ तस्करी मामले में उनके परिवार को राहत मिल गई है। राजस्थान में अलवर के बहुचर्चित पहलू खान की मॉब लिंचिंग के दौरान दर्ज गौतस्करी के मामले की राज्य पुलिस दुबारा जांच करेगी। अलवर की एक अदालत ने गैर कानूनी तरीके से गोवंश की ढुलाई के मामले में पहलू खान के दो बेटों और एक ट्रक आपरेटर के खिलाफ आगे जांच करने की अनुमति पुलिस को दे दी है।

लाइव लॉ के मुताबिक, सहायक लोक अभियोजक प्रदीप अग्रवाल ने पीटीआई से बताया कि बताया कि बहरोड के अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) ने इस बारे में दायर प्रार्थनापत्र को स्वीकार कर लिया है। पुलिस ने गैर कानूनी तरीके से गोवंश की ढुलाई के मामले में पहलू खान के दो बेटों और एक ट्रक ऑपरेटर के खिलाफ आगे जांच के लिए अदालत में प्रार्थना पत्र दिया था। अग्रवाल के अनुसार अदालत ने इसमें आगे की जांच की मंजूरी दे दी है।

उल्लेखनीय है कि पहलू खान की एक अप्रैल 2017 को कुछ कथित गोरक्षकों ने बहरोड़ (अलवर) में पिटाई की थी, बाद में अस्पताल में खान की मौत हो गई। पहलू खान व उसके बेटे मवेशी लेकर नुंह जा रहे थे और लोगों का उन पर गौर तस्करी का संदेह था। अलवर के पुलिस अधीक्षक पारिस अनिल देशमुख ने कुछ दिन पहले बताया था कि पुलिस ने एक मामले की जांच को आगे बढाने के लिए स्वीकृति मांगी है। उन्होंने बताया कि मामले की कुछ पहलुओं पर जांच आगे बढाई जाएगी।

दो साल पुराने मॉब लिचिंग मामले में राजस्थान पुलिस ने 24 जून को चार्जशीट दाखिल की थी। चार्जशीट में पहलू खान को गो तस्कर बताया गया था। इसमें पहलू खान के दो बेटों सहित तीन लोगों को राजस्थान गोजातीय पशु अधिनियम, 1995 की विभिन्न धाराओं के तहत आरोपी बनाया गया था। चार्जशीट में पहलू, उसके बेटों इरशाद (25) और आरिफ (22) पर राजस्थान गोजातीय पशु अधिनियम 1995 की धारा 5, 8 और 9 के तहत मामला बनाया गया।

हालांकि, अलवर के पुलिस अधीक्षक पारिस देशमुख ने बताया था कि पहलू खान के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल नहीं किया गया है, क्योंकि उसकी मौत हो चुकी है। इसे लेकर पहलू परिवार ने पुलिस से अनुरोध किया कि इस मामले में फिर से जांच की जाए। जिसे लेकर पुलिस अदालत पहुंचीं और अदालत ने इस मामले में पुलिस को फिर से जांच करने के लिए अनुमति दे दी है। आरोपपत्र में ‘आरोपित नहीं किए गए आरोपियों’ के कॉलम में पुलिस ने पहलू खान का नाम लिखा है।

आरोप पत्र में पहलू खान के बेटे इरशाद खान और आरिफ खान तथा वाहन चालक खान मोहम्मद को राजस्थान गोजातीय पशु अधिनियम, 1995 की विभिन्न धाराओं के तहत आरोपी बनाया गया है। आरोप पत्र के सारांश में हालांकि पहलू खान का नाम है जिसके अनुसार आरोपी इरशाद खान, आरिफ खान, पहलू खान व खान मोहम्मद के खिलाफ आरोप जांच में सिद्ध पाए गए। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि पहलू खान की तीन अप्रैल 2017 को मौत हो गई।


उल्लेखनीय है कि पहलू खान की एक अप्रैल 2017 को कुछ कथित गोरक्षकों ने बहरोड़ (अलवर) में पिटाई की थी जिसकी बाद में अस्पताल में मौत हो गयी। पहलू खान व उसके बेटे मवेशी लेकर हरियाणा के नूंह जा रहे थे। इस मामले में छह एफआईआर दर्ज की गई। चार मामलों में आरोप पत्र मई 2017 में दाखिए किए गए। पांचवें मामले में आरोप पत्र 2018 में हुआ। वहीं छठी प्राथमिकी में अदालत ने 24 मई 2019 को आरोप पत्र स्वीकार किया है।

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