मंदी की आहट: कारोबारियों के हौसले टूटे, तीन साल के निचले स्तर पर सेंटीमेंट, निर्यात में आई भारी कमी

देश के कारोबारियों के हौसले और मनोबल टूट रहे हैं, सोमवार को जारी एक सर्वे की रिपोर्ट से यह सच्चाई सामने आई है। इस रिपोर्ट से साफ हुआ है कि देश में कारोबारी धारणा यानी ‘बिजनेस सेंटिमेंट लेवल’ जून 2016 से अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है।

आईएचएस मार्किट इंडिया बिजनेस आउटलुक सर्वे में सामने आया है कि आर्थिक गतिविधियां सुस्त रहने की वजह से कंपनियों के मुनाफे में गिरावट हो सकती है। वहीं, इन कंपनियों में नई भर्तियों पर भी बुरा असर पड़ सकता है। इसके अलावा, कंपनियों का पूंजीगत खर्च भी कम होने की आशंका है।

सर्वे से सामने आया है कि पानी की कमी, सरकारी नीतियों और कमजोर बिक्री आंकड़ों से बिजनेस सेंटिमेंट लेवल प्रभावित हुआ है। साथ ही कुशल कामगारों की कमी, बढ़ी हुई टैक्स दरे, वित्तीय परेशानियां और ग्राहकों की ओर से रियायतें मांगे जाने पर जोर बढ़ते रहने की वजह से भी कारोबारी धारणा प्रभावित हुई है।

सर्वे के मुताबिक, आने वाले वक्त में उत्पादन वृद्धि की संभावना देख रही निजी क्षेत्र की कंपनियों का आंकड़ा फरवरी के 18 प्रतिशत से घटकर जून में 15 प्रतिशत पर आ गया। यह जून 2016 के और अक्टूबर 2009 के आंकड़े के बराबर है

सर्वे कहता है कि आने वाले समय में कंपनियों को रूपए के लगातार कमजोर होने की आशंका है और ऐसा हुआ तो आयात भी महंगा हो जाएगा, जिससे कंपनियों के मार्जिन प्रभावित होंगे।

जून में निर्यात 10 फीसदी घटा

वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों से सामने आया है कि इस साल जून माह में देश का निर्यात 25.01 अरब डॉलर रहा, जोकि 2018 के जून माह के मुकाबले करीब 10 फीसदी कम है। पिछले साल जून में देश का निर्यात 27.70 अरब डॉलर था। बताया गया है कि रुपये के मूल्य में देश का निर्यात इस साल जून में 1,73,682.55 करोड़ रुपये रहा जोकि जून 2018 में 1,87,800.20 करोड़ रुपये था। इस प्रकार रुपये के मूल्य में देश के निर्यात में 7.52 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, गैर-पेट्रोलियम और गैर-रत्न व आभूषण वस्तुओं के निर्यात का मूल्य जून 2019 में 19.15 अरब डॉलर रहा जोकि पिछले साल के इसी महीने के निर्यात के मूल्य 20.13 अरब डॉलर से 4.86 फीसदी कम है। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के दौरान भारत के कुल निर्यात का मूल्य 81.08 अरब डॉलर (5,63,984.51 करोड़ रुपये) रहा जबकि पिछले साल की पहली तिमाही में देश का कुल निर्यात 82.47 अरब डॉलर (5,52,781.61 करोड़ रुपये) था।

आयात भी घटा 9 फीसदी से ज्यादा

भारत में आयातित वस्तुओं के मूल्य में बीते महीने जून में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले डॉलर के मूल्य में नौ फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा सोमवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, डॉलर के मूल्य में देश का आयात इस साल जून में पिछले साल के मुकाबले 9.06 फीसदी कम रहा, जबकि रुपये के मूल्य में आयात में 6.85 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।

मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, जून में भारत का आयात 40.29 अरब डॉलर (2,79,771.07 करोड़ रुपये) रहा, जबकि पिछले साल जून में देश का आयात 44.30 अरब डॉलर (3,00,351.83 करोड़ रुपये) था।

चालू वित्तवर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के दौरान कुल आयात का मूल्य 127.04 अरब डॉलर (8,83,652.93 करोड़ रुपये) रहा, जबकि पिछले वित्तवर्ष की पहली तिमाही में देश के कुल आयात का मूल्य 127.41 अरब डॉलर (8,54,096.98 करोड़ रुपये) था।

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