उत्तर प्रदेश: बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही, गरीब बुजुर्ग को थमाया 1 अरब 28 करोड़ 45 लाख रुपये का बिल, सदमे में पूरा परिवार

उत्तर प्रदेश: बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही, गरीब बुजुर्ग को थमाया 1 अरब 28 करोड़ 45 लाख रुपये का बिल, सदमे में पूरा परिवार

उत्तर प्रदेश बिजली विभाग की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। हापुड़ जिले में स्थित चमरी गांव के रहने वाले एक गरीब बुजुर्ग को यूपी के बिजली विभाग ने 128 करोड़ रुपये का बिजली का बिल थमा दिया है। हैरानी की बात यह है कि पीड़ित को जो बिल दिया गया है उसमें महीने में महज दो किलोवाट बिजली इस्तेमाल करने की बात कही गई है। यह बिल देखकर बुजुर्ग के पैरों तले जमीन खिसक गई है और पूरा परिवार सदमे में है।

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के बिजली विभाग ने हापुड़ जिले के गरीब बुजुर्ग को जोरदार झटका दिया है। करीब 70 साल के शमीम को एक अरब 28 करोड़ 45 लाख 95 हजार 444 रुपये का बिजली बिल मिला है। खास बात यह है कि उनका बिजली लोड केवल दो किलोवाट है। हापुड़ के चामरी गांव में शमीम अपनी पत्नी के साथ रहते हैं। बिल देखते ही शमीम के पैरो तले जमीन खिसक गई।

शमीम ने कहा कि ऐसा लग रहा है कि विभाग ने पूरे शहर का बिजली का बिल उन्हें ही सौंप दिया है। मीडिया से बातचीत में उन्होंने आरोप लगाया है कि बिजली विभाग में उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही हैं। वह एक अधिकारी से दूसरे अधिकारी के चक्कर लगा रहा है, लेकिन कोई भी उसकी बात सुनने को तैयार नहीं है। शमीम का कहना है कि हमारे पास इतने पैसे नहीं हैं कि यह बिल चुका सकें। हम अपना घर भी बेच देंगे तो भी इतने रुपये नहीं चुका पाएंगे।

नहीं सुन रहे हे हैं अधिकारी

शमीम ने समाचार एजेंसी आईएएनएस को बताया कि वह इस गलती को सुधरवाने के लिए बिजली विभाग भी गए थे, लेकिन वहां अधिकारियों ने कहा कि बिल का भुगतान करो अन्यथा बिजली वापस नहीं जोड़ी जाएगी। उन्होंने कहा, “किसी ने हमारी फरियाद नहीं सुनी, हम कैसे इस रकम का भुगतान करेंगे? हम इसकी शिकायत करने गए थे, लेकिन हमसे कहा गया कि जब तक बिल का भुगतान नहीं होगा, बिजली वापस नहीं जोड़ी जाएगी।”

हालांकि, इस मामले में सहायक विद्युत अभियंता राम शरण ने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा कि यह तकनीकि खराबी के कारण हुआ है। उन्होंनें कहा कि अगर वह बिल की कॉपी हमे देंगे तो हम उन्हें सही बिल दे देंगे। उन्होंने कहा कि तकनीकी दिक्कतें आती रहती हैं। यह कोई बड़ी दिक्कत नहीं है।

वहीं, आईएएनएस के मुताबिक, लखनऊ में बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं है, ऐसे में वह कुछ नहीं कह सकते। जब उन्हें इस बारे में बताया गया तो उन्होंने कहा कि यह तकनीकी खामी हो सकती है, जिसे सुधार लिया जाएगा। लेकिन तब तक, शमीम और उनके परिवार को अंधेरे में ही रहना पड़ेगा।शमीम ने पत्रकारों को बताया कि उनका बिजली का मासिक बिल 700 से 800 रुपये के आसपास आता है। बुजुर्ग ने कहा, “लेकिन इस बार बिजली विभाग ने हमें पूरे शहर का बिल थमा दिया है।”

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