उन्नाव रेप पीड़िता एक्सीडेंट: सीएम योगी CBI जांच को तैयार, मायावती ने बताया षड्यंत्र, प्रियंका गांधी ने पूछा- आरोपी BJP में अभी तक क्यों है?

उन्नाव रेप पीड़िता एक्सीडेंट: सीएम योगी CBI जांच को तैयार, मायावती ने बताया षड्यंत्र, प्रियंका गांधी ने पूछा- आरोपी BJP में अभी तक क्यों है?

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने कहा है कि अगर उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता चाहती है तो उनकी सरकार रायबरेली मामले की सीबीआई जांच कराने के लिए तैयार है। खुद उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ओपी सिंह ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि अगर पीड़ित परिवार मांग करता है तो हम इस मामले को सीबीआई को सौंपने के लिए तैयार हैं। बता दें कि दुर्घटना में दो लोगों की मौत हो गई थी और पीड़िता और उसके वकील गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

पीड़िता और उसके वकील महेंद्र सिंह रविवार को दुर्घटना के बाद से लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर हैं। अदालत ने पिछले साल दुष्कर्म पीड़िता के परिवार को सुरक्षा प्रदान करने का आदेश दिया था, लेकिन आरोप है कि परिवार के साथ कोई सुरक्षा गार्ड नहीं था। यूपी के डीजीपी ने कहा कि दुष्कर्म पीड़िता को तीन निजी सुरक्षा कर्मी दिए गए थे, लेकिन कार में जगह नहीं होने के कारण पीड़िता ने सुरक्षा कर्मियों वहीं रुकने के लिए कहा था।

उन्होंने कहा कि शुरुआती जांच में यह एक दुर्घटना का मामला लगता है, क्योंकि ट्रक तेज रफ्तार से आ रहा था। उन्होंने कहा कि प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी दर्ज कर लिए गए हैं। हालांकि डीजीपी ने यह भी कहा कि प्रारंभिक जांच में यह मामला सिर्फ एक हादसा प्रतीत हो रहा है। उन्होंने कहा कि हम निष्पक्ष और निशुल्क जांच करेंगे। ट्रक ड्राइवर और मालिक को गिरफ्तार कर लिया गया है। अगर परिवार सीबीआई जांच की मांग करता है तो हम यह केस सीबीआई को सौंप देंगे।

इसी बीच देखा गया कि ट्रक की नंबर प्लेट पर काला रंग पुता हुआ था जो मामले में बड़ी साजिश का इशारा करते हैं। रविवार शाम राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 31 पर पीड़िता की कार से एक ट्रक टकरा गया था। दुर्घटना में उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता और उसके वकील महेंद्र सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। दुर्घटना में पीड़िता की चाची व अन्य एक महिला की मौत हो गई। यह सभी दुष्कर्म पीड़िता के चाचा से मिलकर वापस आ रहे थे, जो जालसाजी के मामले में रायबरेली जेल में बंद है। ट्रक के मालिक देवेंद्र सिंह और चालक आशीष पाल को गिरफ्तार कर लिया गया है।

इस बीच बीएसपी चीफ मायावती ने इस हादसे के पीछे किसी साजिश की आशंका जताई है। मायावती ने षड्यंत्र का आरोप लगाते हुए कहा कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए है। वहीं, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने सरकार के इस दावे पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रियंका ने पूछा कि इस केस में चल रही सीबीआई जांच कहां तक पहुंची है। उन्होंने दो टूक कहा कि भाजपा सरकार से न्याय की उम्मीद नहीं की जा सकती।

मायावती ने ट्वीट कर लिखा, “उन्नाव रेप पीड़िता के कार की रायबरेली में कल ट्रक से टक्क्र प्रथम दृष्टया उसे जान से मारने का षडयंत्र लगता है जिसमें उसकी चाची व मौसी की मौत हो गई तथा वह स्वंय व उसके वकील गंभीर रूप से घायल हैं। मा. सुप्रीम कोर्ट को इसका संझान लेकर दोषियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए।”

वहीं, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने ट्वीट कर लिखा है, “#Unnao बलात्कार पीड़िता के साथ सड़कदुर्घटना का हादसा चौंकाने वाला है। इस केस में चल रही CBI जाँच कहाँ तक पहुँची? आरोपी विधायक अभी तक भाजपा में क्यों हैं? पीड़िता और गवाहों की सुरक्षा में ढिलाई क्यों? इन सवालों के जवाब बिना क्या भाजपा सरकार से न्याय की कोई उम्मीद की जा सकती है?”

अखिलेश ने की सीबीआई जांच की मांग

समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस ने मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की मांग की है। अखिलेश का कहना है कि पीड़िता को सुरक्षा प्रदान की गई है, लेकिन दुर्घटना के दौरान उनके साथ एक भी सुरक्षाकर्मी मौजूद नहीं था। उन्होंने कहा कि यह दुर्घटना बस एक दुर्घटना थी या फिर पीड़िता के परिवार को खत्म करने की साजिश थी, इसकी सीबीआई जांच जरूर होनी चाहिए। वहीं कांग्रेस ने भी इस दुर्घटना की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की मांग की है।

क्या था मामला

एक लड़की ने वर्ष 2017 में उन्नाव से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर रेप का आरोप लगाया था। इस मामले में सेंगर को गिरफ्तार किया गया था। लड़की द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लखनऊ स्थित सरकारी आवास के बाहर आत्मदाह की कोशिश किए जाने के बाद यह मामला प्रकाश में आया था। उत्तर प्रदेश सरकार ने पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराने की सिफारिश की थी, जिसे एजेंसी ने स्वीकार कर लिया था।

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