सोनिया गांधी के अध्यक्ष बनते ही एक्टिव हुई कांग्रेस, 24 अकबर रोड मुख्यालय में लौटी रौनक

सोनिया गांधी के अध्यक्ष बनते ही एक्टिव हुई कांग्रेस, 24 अकबर रोड मुख्यालय में लौटी रौनक

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव में कड़ी पराजय के बाद डिप्रेशन में गयी कांग्रेस अब धीमे धीमे डिप्रेशन से बाहर आती प्रतीत हो रही है। पार्टी अध्यक्ष पद से राहुल गांधी द्वारा इस्तीफा दिए जाने के बाद पार्टी नेतृत्व विहीन हो गयी थी लेकिन कांग्रेस कार्यसमिति ने पार्टी को पुनः खड़ा करने के लिए एक बार फिर यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी पर भरोसा जताया और सोनिया गांधी को पार्टी का अंतरिम अध्यक्ष बनाया गया।

यूँ तो सोनिया गांधी के पास अनुभव की कमी नहीं है। वे पहले भी लम्बे समय तक पार्टी की बागडोर संभाल चुकी हैं। इससे पहले भी सोनिया गांधी ने पार्टी की बागडोर उस समय संभाली थी जब पार्टी बेहद बुरे दौर से गुजर रही थी।

सोनिया गांधी ने अपने कुशल नेतृत्व से न सिर्फ पार्टी को पुनः खड़ा किया बल्कि 2004 के लोकसभा चुनाव में पार्टी को वापस सत्ता में ला दिया। इसके बाद वर्ष 2009 के लोकसभा चुनाव में भी सोनिया गांधी के नेतृत्व में चुनाव लड़ी कांग्रेस की केंद्र में सरकार बनी।

आज एक बार कांग्रेस फिर अपने अब तक के सबसे बुरे दौर में खड़ी है। कई राज्यों में पार्टी का संगठन छिन्न भिन्न हो चूका है। कई राज्यों में पार्टी आंतरिक गुटबंदी से जूझ रही है। वहीँ इसी वर्ष देश के तीन अहम राज्यों में विधानसभा चुनाव भी होने है। ऐसे हालातो में भले ही सोनिया के लिए राह आसान नहीं दिखती लेकिन फिलहाल सोनिया गांधी को पार्टी का अंतरिम अध्यक्ष बनाये जाने के बाद पार्टी यकायक एक्टिव अवश्य हुई है।

इतना ही नहीं कांग्रेस अध्यक्ष पद से राहुल गांधी द्वारा इस्तीफा दिए जाने के बाद सन्नाटे में आये कांग्रेस मुख्यालय 24 अकबर रोड पर एक बार फिर रौनक लौटने लगी है।

पार्टी सूत्रों की माने तो सोनिया गांधी जल्द ही कई प्रदेशो में नए अध्यक्षों के नाम का एलान करने जा रही हैं। इसमें उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा और झारखंड शामिल हैं।

सूत्रों के मुताबिक सोनिया गांधी चाहती हैं कि जिन राज्यों में पार्टी संगठन बेहद कमजोर हैं वहां प्रदेश नेतृत्व में बदलाव कर जल्द से जल्द काम शुरू हो। यही कारण हैं कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की प्रभारी महासचिव प्रियंका गांधी लगातार प्रदेश कांग्रेस नेताओं से सम्पर्क बनाये हुए हैं।

माना जा रहा है कि महाराष्ट्र विधानसभा में गठबंधन को लेकर जल्द ही सोनिया गांधी और प्रकाश आंबेडकर की मुलाकात हो सकती है। इससे पहले महाराष्ट्र नव निर्माण सेना के अध्यक्ष राज ठाकरे भी सोनिया गांधी से मुलाकात कर चुके हैं। एनसीपी और कांग्रेस के बीच गठबंधन को लेकर बातचीत पहले ही तय हो चुकी है।

फिलहाल देखना है कि सोनिया गांधी कांग्रेस में जान फूंकने के लिए क्या क्या कदम उठाती है। माना जा रहा है कि सोनिया गांधी के पार्टी अध्यक्ष बनने के बाद जल्द ही कांग्रेस अपनी पुरानी लय में लौट आएगी।

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