सैफई मेडिकल कॉलेज में रैगिंग का तांडव : मुंडवा दिए 150 जूनियर डॉक्टरों के सिर

सैफई मेडिकल कॉलेज में रैगिंग का तांडव : मुंडवा दिए 150 जूनियर डॉक्टरों के सिर

सैफई: 

उत्तर प्रदेश की एक यूनिवर्सिटी में मंगलवार को रैगिंग के कथित मामले में प्रथम वर्ष के 150 मेडिकल विद्यार्थियों को सिर मुंडवाने और वरिष्ठ विद्यार्थियों को सैल्यूट करने के लिए मजबूर किया गया. इस घटना के वीडियो, जिनमें जूनियर विद्यार्थी अपने सीनियरों के सामने ‘श्रद्धा से झुकते’ नज़र आ रहे हैं, व्यापक रूप से शेयर किए गए, जिसकी वजह से सैफई गांव स्थित उत्तर प्रदेश यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज़ के प्रशासन को हरकत में आना पड़ा.

सैफई गांव उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्रियों मुलायम सिंह यादव तथा उनके पुत्र अखिलेश यादव का घर है. समाजवादी पार्टी के पूर्व अध्यक्ष मुलायम तथा मौजूदा अध्यक्ष अखिलेश यादव के परिवार के लोग अब भी इस गांव में बसे हुए हैं. इस यूनिवर्सिटी की स्थापना मुलायम सिंह यादव के मुख्यमंत्रित्व काल के दौरान ही हुई थी.

वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए यूनिवर्सिटी के कुलपति (वाइस चांसलर) डॉ राज कुमार ने दावा किया कि संस्थान ने स्पेशल स्क्वाड गठित किए हुए हैं, जो ‘रैगिंग की घटनाओं पर रोक लगाते रहे’ हैं, और संस्थान इसी तरह की घटनाओं के लिए विद्यार्थियों को निलंबित भी करता रहा है.

उन्होंने कहा, “हम इस तरह की घटनाओं पर कड़ी नज़र रखते हैं, और हमारे यहां विद्यार्थियों के इस तरह के मामलों के लिए अलग से एक डीन (सोशल वेलफेयर) भी हैं, और शिकायतों का निपटारा करने के लिए एक एन्टी-रैगिंग कमेटी भी है… हमारे पास एक स्पेशल स्क्वाड भी है, जो रैगिंग की रोकथाम के लिए यूनिवर्सिटी में हर जगह का दौरा करता है… विद्यार्थी इस एन्टी-रैगिंग कमेटी या अपने वॉर्डनों से भी शिकायत कर सकते हैं…”

कुछ दूरी से क्लिक किए गए ऐसे ही एक वीडियो में कुछ विद्यार्थियों को सफेद कोट पहने एक पंक्ति में चलते देखा जा सकता है, और सभी के सिर मुंडे हुए हैं. एक अन्य वीडियो में उन्हें जॉगिंग करते और सीनियर विद्यार्थियों को सैल्यूट करते भी देखा जा सकता है.

तीसरे वीडियो में इन विद्यार्थियों के निकट एक सिक्योरिटी गार्ड को खड़े देखा जा सकता है, लेकिन वह इस कथित रैगिंग को रोकने के लिए कुछ भी नहीं करता.

कुलपति ने इस मामले में कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया है. उन्होंने कहा, “इसमें जो भी शामिल होंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी… हमने पहले भी विद्यार्थियों को निलंबित किया है… मैं जूनियरों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि उन्हें चिंता करने की कोई ज़रूरत नहीं है…”

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