यूपी पुलिस की गुंडई, सीआरपीएफ के कमांडो को बेरहमी से पीटा, घर में की तोड़फोड़

यूपी पुलिस की गुंडई, सीआरपीएफ के कमांडो को बेरहमी से पीटा, घर में की तोड़फोड़

मेरठ में मेडिकल थाना पुलिस पर सीआरपीएफ के कमांडो और उसके परिजनों के साथ गुंडागर्दी करने के आरोप लगे हैं। आरोप है कि छुट्टी पर आए कमांडो को पहले बेरहमी से पीटा और फिर घर में घुसकर तोड़फोड़ करते हुए कमांडो के परिजनों से मारपीट की। बीस से अधिक पुलिसकर्मियों ने ‘के ब्लॉक’ शास्त्रीनगर में आधा घंटे तक उत्पात मचाया। वीडियो बना रहे छह लोगों के मोबाइल फोन छीन लिए। तीन मुकदमे दर्ज कर कमांडो को मोबाइल लूट और पिस्टल तानने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।मूल रूप से गांव किठौली जानी निवासी सतेंद्र सिंह पुत्र ब्रजपाल सिंह सीआरपीएफ में हेड कांस्टेबल है, वह बारामुला (जम्मू कश्मीर) में बतौर कमांडो तैनात है। कमाडो का परिवार ‘के ब्लॉक’ शास्त्रीनगर में रह रहा है। सतेंद्र सिंह ने बताया कि वो छह अगस्त को छुट्टी पर आया था। इसी कॉलोनी में दरोगा सुनील कुमार और के ब्लॉक चौकी इंचार्ज जितेंद्र कुमार भी किराए पर रह रहे हैं। दरोगा सुनील कुमार को कुछ दिनों पहले मेडिकल थाने से सस्पेंड होना बताया गया।

बुधवार रात करीब नौ बजे सतेंद्र सिंह अपने परिवार और पड़ोसियों के साथ घर के बाहर बैठा था। इस बीच शास्त्रीनगर निवासी डिलीवरी ब्वॉय विवेक कुमार दोनों दरोगाओं का खाना लेकर बाइक से तेजी से ‘के ब्लॉक’ जा रहा था। सतेंद्र सिंह ने विवेक से कहा कि इतनी तेजी से बाइक चलाने से बच्चों और महिलाओं को चोट लग सकती है। आरोप है कि विवेक ने ऐसे ही तेजी से बाइक चलाने की धमकी दी। जिसके विरोध में आसपास के लोग और महिलाएं आ गईं। कहा कि यह युवक पुलिस की धमकी देकर यहां बाइक दौड़ाता है। 

आरोप है कि विवेक ने इसकी शिकायत दरोगा जितेंद्र कुमार से की तो रात करीब 11:30 बजे मेडिकल थाने के दरोगाओं समेत 18-20 पुलिसकर्मी सतेंद्र कुमार के घर में घुस गए। पुलिसकर्मियों ने महिलाओं से मारपीट और अभद्रता की। सतेंद्र और उनके भाई को लात-घूसों से पीटा। सतेंद्र को करीब 200 मीटर तक घसीटा और जीप में डाल लिया। इस दौरान सतेंद्र घायल हो गया जबकि पत्नी मंजू सांगवान और बेटे देवांश के पैर में फैक्चर आ गया। आरोप है कि पुलिस ने कमांडो सतेंद्र को हवालात में थर्ड डिग्री दी।गुरुवार सुबह पड़ोस के लोगों ने पुलिस के खिलाफ हंगामा व नारेबाजी की। बखेड़े की सूचना पर एसपी सिटी डॉ. एएन सिंह थाने पहुंचे। जिस पर मेडिकल थाने के इंस्पेक्टर प्रशांत मिश्र ने एसपी सिटी से कहा कि कमांडो सतेंद्र ने बाइक सवार से गालीगलौज की और मोबाइल लूट लिया। पुलिस जब वहां पहुंची तो महिलाओं ने पुलिस की वर्दी फाड़ दी। पुलिस ने सतेंद्र की लाइसेंसी पिस्टल थाने में जमा करा दी। दो मुकदमे चौकी इंचार्ज जितेंद्र ने कमांडो सतेंद्र और परिवार के पांच लोगों पर दर्ज कराए। जबकि बाइक सवार विवेक ने तीसरा मुकदमा मोबाइल लूट का दर्ज कराया। इंस्पेक्टर का कहना है सतेंद्र को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया।

इस संबंध में एसएसपी अजय साहनी का कहना है कि बाइक सवार युवक ने पुलिस को मोबाइल लूट की सूचना दी थी। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो वहां हेडकांस्टेबल सतेंद्र व परिजनों ने पुलिस को घेर लिया। हेड कांस्टेबल ने लाइसेंसी पिस्टल से पुलिस को धमकाया। पुलिस ने मोबाइल बरामद कर हेड कांस्टेबल को गिरफ्तार किया। एसपी सिटी पूरा प्रकरण देख रहे हैं। हेड कांस्टेबल को पीटने या उनकी पत्नी के घायल होने का मामला संज्ञान में नहीं है।

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