‘योगीराज’ में गायों की ऐसी हालत, कूड़े के ढेर में निवाला तलाश रहे गोवंश, पेट से निकलती है पॉलिथिन

‘योगीराज’ में गायों की ऐसी हालत, कूड़े के ढेर में निवाला तलाश रहे गोवंश, पेट से निकलती है पॉलिथिन

कान्हा की नगरी में गाय भूखी-प्यासी हैं। कूड़े के ढेर में भोजन तलाशते-तलाशते पॉलिथीन भी उनके पेट में जा रहा। अभी तक कई गायों का ऑपरेशन करके उनके पेट से पॉलिथीन निकाली भी जा चुकी है। किसी गाय के पेट से दस किलो पालिथीन निकाली गई थी तो किसी के पेट से पांच किलो। यहां गोशालाएं तो खुल गईं लेकिन वहां चारे का बंदोबस्त नहीं है। झुलसा देने वाली गर्मी में भी गाय खुले आसमान के नीचे बंधी रहती हैं। अब गो भक्त मोदी जी से मांग कर रहे हैं कि गायों के लिए कुछ इंतजाम किया जाए।

मथुरा जिले में अगर गोवंश की बात की जाए तो 2 लाख 45 हजार है। जबकि पंजीकृत गोशालाओं की संख्या 31 है और अपंजीकृत गोशालाएं भी 100 से ज्यादा होंगी। शासन स्तर से पंजीकृत गोशालाओं को 30 रुपये प्रतिगाय के हिसाब से दिया जा रहा है, जबकि एक वक्त का चारा ही 150 रुपये से भी ज्यादा बैठ रहा।

Categories: Politics

Related Articles

Write a Comment

<