बिहार में अगला मुख्यमंत्री BJP से होने के बयान पर सियासत गरमाई, बीजेपी नेता संजय पासवान के बयान पर JDU ने किया पलटवार

बिहार में अगला मुख्यमंत्री BJP से होने के बयान पर सियासत गरमाई, बीजेपी नेता संजय पासवान के बयान पर JDU ने किया पलटवार

बिहार में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव होने से पहले ही राज्य का अगला मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बजाय भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से होने के पार्टी के एक वरिष्ठ नेता के जोर देने पर राज्य में सियासत गरमा गई है। बता दें कि, मुख्यमंत्री पद पर नीतीश कुमार का यह तीसरा कार्यकाल है। मालूम हो कि राज्य में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं।

भाजपा के विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) संजय पासवान ने इस बात पर जोर देने की कोशिश की कि जद(यू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष (नीतीश कुमार) के प्रति उनके मन में असम्मान की भावना नहीं है। लेकिन इस बात का जिक्र किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर ही राजग के सभी घटक दलों को वोट मिले थे। पासवान ने सोमवार को कहा था कि लगातार तीन कार्यकाल तक हम (भगवा दल) नीतीश कुमार के लिए खड़े रहे। समय आ गया है कि वह बदले में भाजपा को एक मौका दें। लोकसभा चुनाव से साबित हो गया है कि उन्हें भी वोट पाने के लिए नरेंद्र मोदी की जरूरत है।

यह पूछे जाने पर कि वह भाजपा से किसे मुख्यमंत्री के तौर पर देखना चाहेंगे, पासवान ने कहा कि यह (उपमुख्यमंत्री) सुशील कुमार मोदी, (भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री) नित्यानंद राय हो सकते हैं या भाजपा नेतृत्व जिन्हें उपयुक्त समझे। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार लंबे समय तक राज्य की सेवा कर चुके हैं। वह अब केंद्र जा सकते हैं और बिहार की राजनीति को जदयू की दूसरी पंक्ति के नेताओं के लिए छोड़ सकते हैं। उन्होंने कहा, ‘यह मेरी निजी राय है।’

पासवान की यह राय खुद सुशील कुमार मोदी के रुख के विपरीत है, जिन्होंने हाल ही में कहा था कि राजग नीतीश कुमार के नेतृत्व में अगले साल विधानसभा चुनाव लड़ेगा। पासवान के बयान पर जदयू नेताओं ने भी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव के सी त्यागी, राज्य के मंत्री और विधानसभा में उप नेता श्याम रजक और प्रदेश प्रवक्ता संजय सिंह ने पासवान की आलोचना की।

भाजपा नेता के बयान को केसी त्यागी ने अगंभीर करार दिया है। मंगलवार को श्री त्यागी ने कहा कि नीतीश कुमार किसी के रहमोकरम पर मुख्यमंत्री नहीं हैं। जनता ने जनादेश देकर उन्हें चुना है। एमएलए, एमपी, पदाधिकारी पार्टी चुनती है पर नेता तो जनता बनाती है। भाजपा या जदयू ने नहीं, जनता ने नीतीश कुमार को बिहार का नेतृत्व सौंपा है। वहीं, जदयू विधान पार्षद प्रो. रणवीर नन्दन ने भाजपा विधान पार्षद डॉ. संजय पासवान के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया जताई है। उन्होंने कहा कि संजय पासवान ने मुख्यमंत्री के नेतृत्व पर सवाल उठाकर जनादेश और गठबंधन धर्म दोनों का अपमान किया है।

पार्टी के सीनियर नेता संजय रजक ने संजय पासवान के बयान पर तंज कसते हुए कहा कि बिहार में आकर कुछ नेता फालतू बयानबाजाी करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी खुद नीतीश कुमार के काम की तारीफ कर चुके हैं और अगला चुनाव नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही होगा।

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता व बिहार के पूर्व उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव ने संजय पासवान के बयान पर ट्वीट कर कहा, ‘‘क्या मुख्यमंत्री भाजपाईयों की बात का खंडन करने का माद्दा रखते हैं? क्या यह सच नहीं है कि आदरणीय नीतीश जी ने मोदी जी के नाम पर वोट मांग कर अपना घोषणा पत्र जारी किए बिना ही भाजपा के घोषणा पत्र पर 16 सांसद बना लिए? क्या यह यथार्थ नहीं है कि हरेक विधेयक पर वो भाजपा का समर्थन कर रहे है? फिर वो अलग कैसे?”

कांग्रेस के एमएलसी प्रेमचंद्र मिश्रा ने ट्वीट किया, ‘‘बिहार में भाजपा सुनियोजित तरीके से नीतीश कुमार से छुटकारा पाने हेतु करवा रही है मुख्यमंत्री के विरुद्ध अपमानजनक बयानबाजी, हालांकि ये उनका आंतरिक मामला है लेकिन इस स्थिति के लिए नीतीश जी क्या स्वयं नही हैं जिम्मेदार ? भस्मासुर तो उन्होंने ही पैदा किया है।’’

पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा नीत रालोसपा ने एक बयान में कहा कि राज्य सरकार हर मोर्चे पर नाकाम रही है। लोगों का ध्यान भटकाने के लिए वह नूरा कुश्ती कर रही है। 

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